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1984 Anti Sikh Riots

सीएम कमलनाथ की बढ़ी मुश्किलें, 1984 दंगों के केस में बयान दर्ज कराने SIT के पास पहुंचा गवाह

मामला एक नवंबर, 1984 को गुरुद्वारा रकाब गंज में भीड़ द्वारा सिखों की हत्या से जुड़ा है।

सरकार ने 312 विदेश सिख नागरिकों का नाम ब्लैक लिस्ट से हटाया, भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का था शक

जांच एजेंसियों ने प्रतिकूल यानी एडवर्स सूची का रिव्यू किया और लिस्ट में 312 लोगों के नाम हटा दिए। अब इस सूची में सिर्फ 2 लोगों के ही नाम बचे हैं।

1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े सात मामले SIT ने फिर खोले, बढ़ सकती हैं कमलनाथ की मुश्किलें

गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक एसआईटी ने समीक्षा या प्रारंभिक जांच के लिए उन मामलों को लिया है जिसमें आरोपी बरी हुए थे। सिख विरोधी दंगों से जुड़े सात मामले 1984 में वसंत विहार, सन लाइट कालोनी, कल्याणपुरी, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, पटेल नगर और शाहदरा पुलिस थानों में दर्ज किए गए थे।

गृह मंत्रालय की हरी झंडी के बाद फिर खुलेगी 1984 सिख दंगे की फाइल, कमलनाथ की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को सिख दंगे में संदिग्ध भूमिका के लिए हमेशा कटघरे में विरोधी पार्टियां खड़ी करती रही हैं। अब गृहमंत्रालय ने 1984 के सिख विरोधी दंगे की फाइल दोबारा खोलने की हरी झंडी दे दी है।

BJP सांसद हंसराज हंस ने 1984 के सिख दंगों के लिए नेहरू को बताया जिम्मेदार, JNU का नाम मोदी पर रखने की दे चुके हैं सलाह

भाजपा सांसद ने कहा नेहरू के शासन काल में ही कश्मीरियों, सिख, सूफी और पंडित सभी को परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हुआ, नेहरू के खून के शासनकाल में ही हुआ।

दंगों के आरोपी को कांग्रेस ने पहली कतार में दी जगह, विपक्ष ने खोला मोर्चा

शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनजिन्दर सिंह सिरसा ने बुधवार को हुए एक कार्यक्रम के दौरान 1984 सिख विरोधी दंगे के आरोपी जगदीश टाइटलर को पहली पंक्ति में बैठाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।

जेल में सिख कैदियों से दूर रखे जाएंगे, सलाखों के पीछे सज्जन कुमार का यूं बीता पहला दिन

कुमार को दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली की पालम कॉलोनी के राज नगर पार्ट-1 क्षेत्र में एक-दो नवंबर 1984 को पांच सिखों की हत्या और राज नगर पार्ट-दो में एक गुरुद्वारा जलाने के मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई थी।

सज्जन कुमारः …इसलिए तिहाड़ नहीं मंडोली सेंट्रल जेल में रहेगा नरसंहार का दोषी, 1984 में मारे गए थे 2700 सिख

सुरक्षा के लिहाज से मंडोली देश की सबसे अच्छी जेलों में शुमार है। यह जेल अक्टूबर 2016 में ही बनकर तैयार हुई। 340 करोड़ की लागत से बनी इस जेल में 3776 कैदियों को रखे जाने की क्षमता है।

1984 सिख विरोधी दंगे : एक और मामले में 22 को आएगा फैसला, बढ़ सकती हैं सज्जन कुमार की मुश्किलें

1984 सिख विरोधी दंगों के एक और मामले की सुनवाई आज (गुरुवार को) पटियाला हाउस कोर्ट में होनी थी, लेकिन मुख्य वकील अनिल शर्मा उपस्थित नहीं हुए। ऐसे में अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी। इस मामले का फैसला 22 दिसंबर को सुनाया जाएगा।

1984 सिख विरोधी दंगा : सज्‍जन कुमार ने छोड़ी कांग्रेस, राहुल गांधी को भेजा इस्‍तीफा

1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी करार दिए गए सज्जन कुमार ने मंगलवार को राहुल गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को पूर्व सांसद सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

1984 सिख विरोधी दंगे: गवाहों ने लिया था कमलनाथ का नाम, आयोग ने कहा- दोषी ठहराना संभव नहीं

सिख विरोधी दंगे की जांच के लिए गठित नानावती आयोग ने संसद के समीप गुरुद्वारा रकाबगंज पर हमले की जांच के दौरान पाया साक्ष्य ये बताता है कि वे भीड़ में देखे गए थे लेकिन बेहतर साक्ष्य के अभाव में यह कहना संभव नहीं है कि उन्होंने ने किसी तरह से भीड़ को उकसाया या वे गुरुद्वारे पर हमले में शामिल थे।

1984 दंगे: पीड़िता की आंखों-देखी, इंस्‍पेक्‍टर ने भीड़ को माचिस दे कहा- डूब मरो, तुमसे एक सरदार भी नहीं जलता

79 साल की जदीश कौर सोमवार को कोर्ट का फैसला आने के बाद बहुत अभिभूत हैं। सिख विरोधी दंगे में उनके पति, एक बेटे और तीन चचेरे भाई बहनों को भी मार दिया गया था।

1984 दंगों पर फैसले में गुजरात दंगों का जिक्र, हाईकोर्ट ने कहा- सजा से बच गए जिम्‍मेदार

कोर्ट ने कहा कि एंटी-सिख दंगा में ठीक उसी तरह बड़े पैमाने पर लोगों की हत्या की गई, जैसे अन्य दंगों में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया।

84 दंगाः चाय की दुकान से सलाखों तक सज्जन कुमार का सफर, संजय गांधी से मुलाकात ने यूं बदल दी थी जिंदगी

1984 के सिख विरोधी दंगों में हाई कोर्ट से दोषी करार सज्जन कुमार कभी आनंद पर्वत की झुग्गियों में चाय की दुकान चलाते थे। चंद सालों में देश की सबसे बड़ी लोकसभा सीट के सांसद बन गए।

सुप्रीम कोर्ट के वकील ने कहा- क्या 84 दंगों में शामिल कमलनाथ सीएम बनेंगे? दावा- उनके खिलाफ ठोस सबूत

आम आदमी पार्टी के नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील एचएस फूल्का ने गुरुवार को दावा किया कि कांग्रेसी नेता कमलनाथ के खिलाफ ठोस सबूत हैं। वे 1984 के सिख विरोधी दंगों में शामिल थे।

1984 सिख विरोधी दंगा: 22 साल पहले 88 दोषियों को 5 साल की हुई थी सजा, हाई कोर्ट ने भी रखा बरकरार

पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी क्षेत्र में दंगों, घरों को जलाने और कर्फ्यू का उल्लंघन करने के लिए दो नवम्बर, 1984 को 107 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। निचली अदालत ने 27 अगस्त,1996 को 88 लोगों को दोषी ठहराया था।

1984 दंगे: कांग्रेस नेता सज्‍जन कुमार भीड़ से बोले थे- हमारी मां मार दी, सरदारों को मार दो

चम कौर ने बताया कि “1 नवंबर, 1984 को जब मैं अपनी बकरी को देखने के लिए घर के बाहर निकली तो मैंने देखा कि सज्जन कुमार लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए कह रहे थे कि “हमारी मां मार दी। सरदारों को मार दो।”

1984 Riots: CBI ने हाई कोर्ट में कहा-1984 सिख दंगों की पुलिस जांच में थी कमियां

सीबीआई की ओर से विशेष सरकारी अभियोजक वरिष्ठ अधिवक्ता आर एस चीमा ने बताया कि सिख विरोधी दंगे मामले में दिल्ली पुलिस की जांच में ‘‘खामी’’ थी क्योंकि इस उम्मीद में प्राथमिकी ठंडे बस्ते में रखी कि लोग सुलह कर लेंगे और मामले को सुलझा लेंगे।