1971 war hero

Bhuj: The Pride of India- पाकिस्तान ने थी भारी बमबारी, तबाह कर दिया था एयरबेस, 300 महिलाओं के साथ विंग कमांडर ने बचा लिया था एयरस्ट्रिप

1971 में भारत-पाकिस्तान जंग के दौरान एयरफोर्स की ओर से जो पराक्रम दिखाया गया था वो इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षर में दर्ज है। वीर गाथा में जानें1971 में एयर फोर्स के लिए जी जान से लड़ने वाले विंग कमांडर विजय कार्निक के बारे में।

Abhinandan तो वापस आ गए, लेकिन कब छूटेंगे 1971 से पाकिस्तानी जेलों में कैद ‘मिसिंग 54’ भारतीय सैनिक

पाकिस्तान की कैद से विंग कमांडर अभिनंदन तो लौट आए लेकिन मिसिंग 54 का क्या होगा। बता दें कि 1971 के युद्ध के बाद पाकिस्तान ने हमारे 54 सैनिकों को कैद कर लिया था।

1971: जब पाक में 80 किमी अंदर जाकर किए कई सर्जिकल स्ट्राइक, ‘डेजर्ट स्कॉर्पियन’ कमांडोज को दिया वीरता प्रशस्ति-पत्र नष्ट

1971 War: भारत ने पाकिस्तान से बांग्लादेश को अलग कर स्पष्ट रूप से 1971 की जंग जीती थी और इस दौरान विशिष्ट इकाई के सदस्यों को ‘बैटल ऑनर्स’ और शौर्य मेडल से सम्मानित किया गया था।

71 की जंग में शहीद हुए थे सुंदर सिंह, 47 साल बाद धुंधली तस्वीर से ‘पहला दीदार’ कर पाई पत्नी

भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए जवान की विधवा को अपने पति की तस्वीर देखने के लिए 47 साल बाद इंतजार करना पड़ा।

लांस नायक अल्‍बर्ट एक्‍का: शहादत देकर अगरतला को पाकिस्‍तान के हाथों में जाने से बचाया

एल्बर्ट एक्का की शौर्य गाथा का परिचय 3 और 4 दिसंबर की रात को मिलता है। 47 साल पहले 1971 की जंग में एक्का और उनके 14 गार्ड्स रेजिमेंट के साथियों ने अगरतला को पाकिस्तान के हमलों से बचा लिया था। इस जंग में उन्होंने पाकिस्तान की कमर तोड़कर रख दी। क्योंकि, अगरतला के जरिए पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ बड़े स्तर पर आक्रमण का प्लान बनाया था।

कर्नल होशियार सिंह: भारतीय फौज का ‘अभिमन्यु’, जिसने घायल होने पर भी लड़ना नहीं छोड़ा, तबाह कर दिया पाक का चक्रव्यूह

15 दिसंबर 1971 की जंग में पाकिस्तान के भारी हमले और गोलीबारी के बीच घायल होशियार सिंह बिल्कुल विचलित नहीं थे। उल्टा वह दोगुने जोश के साथ अपने साथियों का उत्साह बढ़ाते नज़र आ रहे थे। उस दिन की जंग में उनकी पल्टन ने 89 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर कर दिया, जिसमें पाक फौज का एक लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक का अफसर भी शामिल था। पाकिस्तानी फौज को अपने तमाम टैंक और गोलाबारूद के साथ पीछे हटना पड़ा।

ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी, जो 77 साल की उम्र में सरहद पर लड़ना चाहते थे

23वीं पंजाब रेजीमेंट के उन जवानों का नेतृत्व उस वक्‍त मेजर कुलदीप सिह चांदपुरी ने किया था। आज (17 नवंबर,2018) देश का ये रणबांकुरा सिपाही चिर निद्रा में सो चुका है।

नहीं रहे 1971 जंग के हीरो ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह, ‘बॉर्डर’ में सनी देओल ने निभाया था इनका रोल

तबीयत खराब होने पर उन्हें मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शनिवार सुबह 8.30 बजे उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली।

1971 की जंग में 93 हजार पाकिस्‍तानियों को सरेंडर कराने वाले जेएफआर जैकब नहीं रहे

वे 92 साल के थे, जैकब का जन्‍म कोलकाता में हुआ था और उनके पूर्वज सीरिया के बगदादी यहुदी परिवार से ताल्‍लुक रखते थे

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