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जब मौत करीब आती है तो लोगों को क्‍या-क्‍या आने लगता है नजर, जानिए

इंग्लैंड के स्टैफर्डशायर में काम करने वाली नर्सों ने इसी को लेकर खुलासा किया है। उन्होंने दुनिया से विदा होने वालों को आखिरी पलों में बेहद करीबी से देखा है।
(फाइल फोटो)

मृत्यु के बाद क्या होता है, यह जीते जी कोई न जान पाया। लेकिन अंतिम घड़ी में लोगों का क्या हाल होता है, इस बारे में बड़ी रोचक चीजें पता लगी हैं। इंग्लैंड के स्टैफर्डशायर में काम करने वाली नर्सों ने इसी को लेकर खुलासा किया है। उन्होंने दुनिया से विदा होने वालों को आखिरी पलों में बेहद करीबी से देखा है। वे इस दौरान न केवल उनके हाव-भाव से वाकिफ हुईं, बल्कि उनकी इच्छाओं को भी जान पाईं। मृत्यु के करीब आ पहुंचे कुछ मरीज डर और घबराहट का सामना कर रहे होते थे। जबकि कुछ के सामने जीवन की गलतियां मंडराती हैं। वहीं, कुछ दुनिया से जाने से पहले ही जन्नत की झलक देख लेते हैं।

रॉयल स्टोक यूनिवर्सिटी की अस्पताल की नर्सों ने इस बारे में अपनी आपबीती सुनाई। उनका कहना है कि आखिरी वक्त में मरीज अक्सर पालतू पशुओं को देखना पसंद करते हैं, जबकि कुछ अन्य चाय की प्याली की मांग करते हैं। अस्वस्थ दंपति ने बिस्तर खींचकर साथ लगाने की दरख्वास्त की थी, ताकि आखिरी पलों में भी वे एक-दूजे के हाथ थाम सकें।

अधिकतर शिकायत करते हैं कि जिंदगी बेहद छोटी है और इस बात पर मलाल महसूस करते हैं कि वे अपना रिटायरमेंट के बाद का जीवन अच्छे से नहीं जी सके। बीमारी से वह वे सब नहीं कर पाते, जो वे करना चाहते हैं। ऐसे माहौल में काम के बाद एक नर्स बताती हैं कि उन्हें अब मौत से डर नहीं लगता। वह मौत से डरने के बजाय लोगों से इस पर बात करने के लिए कहती हैं।

नॉर्थ कैरोलीना में पहले हुए शोधों में इस बाबत पाया गया था कि मरीज आशावादी होते हैं। ब्लॉग पोस्ट्स में सकारात्मक शब्दों की संख्या ठीक वैसे बढ़ती है, जैसे मौतें बढ़ती हैं। नर्सों को लगता है कि लोगों को मृत्यु पर खुल कर चर्चा करनी चाहिए और उन्हें इसके लिए तैयार भी रहना चाहिए। बीबीसी ने इसी पर सामने आई बातों को ‘वॉट डू पीपल से बिफोर दे डाई?’ नाम के लेख में प्रकाशित किया है, जो इंटरनेट पर उपलब्ध है।

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