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कश्मीर: नेताओं के चैनलों पर दिखाया जा रहा जाकिर नाईक का भाषण, मौलाना बोले- हर मुसलमान का है हीरो

जम्मू-कश्मीर के कुछ केबल ऑपरेटर और चैनल जाकिर नाईक के विवादित भाषणों के टेप अपने चैनलों पर प्रसारित कर रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के कुछ केबल ऑपरेटर और चैनल जाकिर नाईक के विवादित भाषणों के टेप अपने चैनलों पर प्रसारित कर रहे हैं।

इस्लामिक उपदेशक और इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक सह अध्यक्ष और भगोड़े जाकिर नाईक के टीवी चैनल (पीस टीवी) पर भले ही प्रतिबंध लगा हुआ हो लेकिन जम्मू-कश्मीर के कुछ केबल ऑपरेटर और चैनल उसके विवादित भाषणों के टेप अपने चैनलों पर प्रसारित कर रहे हैं। टाइम्स नाऊ के मुताबिक जम्मू कश्मीर के दो केबल ऑपरेटर ऐसा कर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इनमें से एक ‘जे के चैनल’ भाजपा नेता के करीबी सुभाष चौधरी का है और दूसरा ‘टेक वन’ पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के करीबी नेता देवेंद्र सिंह राणा का है।

टाइम्स नाऊ ने इस खबर पर आज (20 अक्टूबर) डिबेट किया। इस दौरान इस्लामिक जानकार डॉ. सैयद रिजवान अहमद ने कहा कि दुनिया जाकिर नाईक को जो समझती हो समझे मगर हरेक मुसलमान के लिए नाईक हीरो है। उन्होंने कहा कि 99 फीसदी मुस्लिमों के लिए जाकिर नाईक एक हीरो है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इसी साल जुलाई में जाकिर नाईक को भगोड़ा घोषित किया था और उसकी सम्पत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। नाइक के खिलाफ एनआईए आतंकवाद एवं धनशोधन आरोपों के तहत जांच कर रही है। नाइक एक जुलाई 2016 को तब भारत से भाग गया था जब पड़ोसी देश बांग्लादेश में ढाका हमले में गिरफ्तार आतंकवादियों ने बताया था कि उनलोगों को जाकिर नाईक के भाषणों से जिहाद शुरू करने की प्रेरणा मिली थी। एक आनलाइन पोर्टल ‘मिडल ईस्ट मॉनिटर’ के अनुसार नाइक को सऊदी अरब ने पहले ही नागरिकता प्रदान कर दी है।

जाकिर नाईक के संगठन पर आरोप है कि उसे विदेश से पैसा मिलता था जिसका इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों और युवाओं को आतंक की तरफ खींचने के लिए किया जाता था।  एनआईए ने 18 नवम्बर 2016 को अपनी मुम्बई शाखा में विवादास्पद प्रचारक नाइक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (निरोधक) कानून की विभिन्न धाराओं के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस्लामिक फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे पीस टीवी पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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