June 29, 2017

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वीडियो: कश्मीर से हिंदुओं को निकाले जाने पर भड़के मोदी, बोले- हम चुप हैं इसका मतलब ये नहीं कि…

पीएम मोदी ने फारुख अब्दुल्ला को लेकर वीडियो में कहा, " फारुख अब्दुल्ला से मैं कहना चाहता हूं कि हजारों सालों के हिंदुस्तान के इतिहास में भारत की हजारों साल की महान सेक्युलेरिज्म की परंपरा को सबसे गहरी चोट अगर कही पड़ी है तो कश्मीर में पड़ी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (PTI Photo)

लेखक तारिक फतेह ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में पीएम मोदी कश्मीर घाटी से हिंदुओं के पलायन को लेकर अब्दुल्ला फैमिली पर निशाना साध रहे हैं। फतेह ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर के सांप्रदायिक फारुख अब्दुल्ला को मुंहतोड़ जवाब दिया है। हिंदुओं के घाटी से पलायन के लिए उनके (फारुख अब्दुल्ला) पिता (शेख अब्दुल्ला) और बेटे (उमर अब्दुल्ला) पर भी निशाना साधा। वीडियो में पीएम मोदी घाटी से हिंदुओं के पलायन को लेकर अब्दुल्ला फैमिली पर निशाने साधते हुए उन्‍हें इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराते दिख रहे हैं।

पीएम मोदी ने फारुख अब्दुल्ला को लेकर वीडियो में कहा, “फारुख अब्दुल्ला से मैं कहना चाहता हूं कि हजारों सालों के हिंदुस्तान के इतिहास में भारत की हजारों साल की महान सेक्युलेरिज्म की परंपरा को सबसे गहरी चोट अगर कही पड़ी है तो कश्मीर में पड़ी है। और वो भी श्रीमान फारुख अब्दुल्ला जी आपके पिता की राजनीति के चलते। श्रीमान फारुख अब्दुल्ला जी आपकी राजनीति के चलते हुआ है। श्रीमान फारुख अब्दुल्ला जी आपके बेटे की राजनीति की वजह के चलते हुआ है। इस देश में कश्मीर एक ही जहां से पंडितों को धर्म के आधार पर निकाल दिया गया। जो सुखी परंपरा की भूमि थी उसे आप ने निजी राजनीतिक स्वास्थ के लिए संप्रदाय के रंग से रंग दिया है। इसलिए मोदी को वोट देने वालों को दरिया में डुबोने की बात करते हो, पहले आप, आपके पिता और आपके बेटा कश्मीर की राजनीति को सारी दुनिया में कौमी रंग देने का पाप ने किया है।”

मोदी ने आगे कहा, “अगर किसी को डूबना चाहिए तो शीशे के सामने अपना चेहरा देख लो। अपने पिता को दर्पण के सामने खड़ाकर करके पूछो कि कश्मीर के पंडितों को वहां से खदेड़ देने वाले लोग किस मुंह से बिना सांप्रदायिकता का उपदेश दे रहे हैं। उनके मुंह से यह शोभा नहीं देता है। हम चुप हैं इसका मतलब यह नहीं है कि जो भी चाहे वो भारत की हजारों साल की महान सांस्कृतिक विरासत को आए दिन चोट पहुंचता रहे। यह शोभा नहीं देता है आपको।”

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First Published on May 20, 2017 3:19 pm

  1. M
    mp
    May 20, 2017 at 5:20 pm
    des ke gaddro ko chowk per khada ker juto ka haar daal ker sena ke hawale ker dena chaia
    Reply
    सबरंग