December 05, 2016

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ATM लाइन में खड़े लोगों को वीरेंद्र सहवाग का संदेश- हनुमनथप्पा से सीखो, जो बर्फ में दबे 6 दिन तक करते रहे इंतजार

सहवाग ने लोगों को 35 फीट गहरे बर्फ में दबकर भी 6 दिन तक इंतजार करने वाले शहीद हनुमनथप्पा का उदाहरण दिया।

विरेंद्र सहवाग

8 नवंबर को पीएम मोदी ने 500 और 1000 के नोट बंदी की घोषणा की थी, जिसके बाद देश में नोट बदलने और बैंकों में पैसे जमा करने के लिए होड़ सी मच गई। बैंकों और एटीएम के बाहर लोग बड़ी संख्या में खड़े होकर अपनी-अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सरकार के इस फैसले का विरोध में कई स्वर उठे। लेकिन अपने मजेदार ट्वीट को लेकर चर्चा में रहने वाले क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने देशवासियों को एक ऐसा संदेश दिया है जिसके बाद एटीएम लाइन में खड़े रहने पर भी आप गर्व महसूस करेंगे।

वीरेंद्र सहवाग ने टि्वटर पर लिखा है, ‘Shaheed Hanumanthappa waited 6days, 35ft under snow, in-45°C, in hope of being rescued. Surely, we can wait few hrs in line to rescue Our Nation. (यदि शहीद हनुमनथप्पा सियाचिन 35 फीट गहरे बर्फ में दबकर भी 6 दिन तक बचाय जाने का इंतजार कर सकते हैं, तो फिर क्या हम अपने देश को बचाने के लिए कुछ घंटे लाइन में नहीं लग सकते हैं?) बता दें कि सियाचिन ग्लैशियर में फरवरी माह में 10 सैनिक हिमस्खलन से बर्फ में दब गए थे। इसके बाद 9 सैनिकों के शव निकाले गए थे वहीं हनुमनथप्पा 6 दिन तक 35 फीट गहरे बर्फ दबे रहने के बाद भी जिंदा बाहर निकले थे। हालांकि इसके बाद दिल्ली के आर्मी रिसर्च एंड रिफरल हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया था।

500 और 1000 के नोट बदलने के लिए सरकार ने लोगों को 31 दिसंबर तक का समय दिया है उसके बाद आखिरी मौका 31 मार्च तक होगा। अगर कोई आखिरी तारीख तक भी पैसे जमा नहीं करा पाया तो उसके बाद 500 और 1000 के नोट महज कागज के टुकड़े रह जाएंगे। हालांकि वीरेंद्र सहवाग ने इससे पहले एक अन्य ट्वीट में ऐसी पांच जगह बताई थी जहां 31 मार्च के बाद भी चलेंगे ये नोट चल पाएंगे। सहवाग ने अपने ट्वीट में लिखा था कि “31 मार्च के बाद गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा और गोदावरी नदी के बैंकों यानी कि किनारों पर आप इन नोटों को बहा सकते हैं, वहां पर ये तब भी स्वीकार्य होंगे।”

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First Published on November 15, 2016 9:52 am

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