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पुराना है एंटी टैंक मिसाइल द्वारा पाकिस्‍तानी बंकरों को तबाह करने का वीडियो? जानिए क्‍या है सच

वायरल हो रहा वीडियो अप्रैल में शूट किया गया था, जब भारतीय सेना ने नौशेरा सेक्‍टर में पाकिस्‍तानी पोस्‍ट्स को निशाना बनाया था।
सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा ये वीडियो अप्रैल का है। (Source: Screenshot)

सोशल मीडिया पर 8 मई को एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मिसाइल के जरिए बंकर तबाह होते दिखाया गया है। बड़ी संख्‍या में लोग दावा कर रहे हैं कि अपने जवानों के शवों के साथ बर्बरता के बाद भारतीय सेना ने एंटी-टैंक मिसाइल के जरिए पाकिस्‍तानी बंकरों को ध्‍वस्‍त कर दिया। अपुष्‍ट रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि यह कार्रवाई कृष्‍णा घाटी सेक्‍टर में की गई, जो कि वही जगह है जहां भारतीय सैनिकों के शवों को क्षत-विक्षत किया गया था। मगर सेना ने खुद ऐसे दावों को खारिज किया था। वायरल हो रहा वीडियो अप्रैल में शूट किया गया था, जब भारतीय सेना ने नौशेरा सेक्‍टर में पाकिस्‍तानी पोस्‍ट्स को निशाना बनाया था। 1 मई को जब पाकिस्‍तानी सेना की तरफ से दो भारतीय सैनिकों के शवों के साथ बर्बरता की गई थी, तो कुछ ही देर बाद कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारतीय सेना ने 7 पाकिस्‍तानी जवानों को मार गिराया है। इस पर सफाई देते हुए सेना ने कहा था कि ‘मीडिया हमसे बिना कुछ पूछे आक्रामक हो जाती है। हम जवाब जरूर देंगे और जब हम ऐसा करेंगे तो एक आधिकारिक बयान जारी करेंगे।’

वीडियो में एक छोटी मिसाइल को किसी क्षेत्र पर दागते हुए साफ देखा जा सकता है। मिसाइल के फटने के बाद चारों तरफ सिर्फ धुंआ-धुंआ हो जाता है। वहीं, वीडियो में पीछे से आवाजें आ रही हैं। दाग दिया…दाग दिया, निशाना बिल्कुल सही जगह लगा जैसी बातें कहते हैं हुए लोग सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक ही जगह पर एक-एक कर कई मिसाइले दागी जा रही हैं। वीडियो में एक और आवाज आती है जिसमें कोई कहता हुआ सुनाई दे रहा है, ‘एक बंकर तो उड़ा दिया। सब हिट हो रहा है हिट हो रहा है। मारो और मारो।’

1 मई को पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भारतीय चौकियों पर गोलीबारी और मोर्टार से हमला किया था, जिसमें दो भारतीय जवान शहीद हो गए थे। बीएसएफ ने बताया था कि पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम यानी बैट ने जवानों के शवों के साथ बर्बरता की थी। हालांकि पाकिस्तानी सेना ने शवों से बर्बरता की बात मानने से इनकार कर दिया था और एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन के सबूत मांगे थे। इस मामले को लेकर पूरे देश में मोदी सरकार की आलोचना की गई थी। एलओसी पर तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच बातचीत भी हुई थी।

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  1. D
    deepak
    May 25, 2017 at 11:26 pm
    सत्य को प्रस्तुत करने हेतु अभिनंदन साधूवाद प्रयास निरंतर जारी रखे ।दीपक
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग