December 11, 2016

ताज़ा खबर

 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोले ट्विटर यूजर्स- एटीएम में भी बजे राष्‍ट्रगान, कम से कम लाेग खड़े तो रहेंगे

सिनेमाघरों में राष्‍ट्रगान चलाना अनिवार्य करने संबंधी जनहित याचिका श्याम नारायण चौकसे ने डाली थी।

राष्‍ट्रगान चलाते समय स्‍क्रीन पर राष्‍ट्रीय ध्‍वज भी दिखाना होगा। (Source: Twitter)

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देशभर के सिनेमाघरों में फिल्‍म दिखाए जाने से पहले राष्‍ट्रगान चलाना अनिवार्य कर दिया। शीर्ष अदालत के अनुसार, इससे नागरिकों में ‘देशभक्ति आैर राष्‍ट्रीयता की भावना जागृत’ होगी। जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने राष्‍ट्रगान से जुड़ी गाइडलाइंस जारी की हैं। अदालत ने कहा है कि इसका व्‍यापारिक तौर पर दुरुपयोग नहीं किया जा सकता और कोई भी इसमें नाटकीयता या संक्षिप्‍त रूप का प्रयोग नहीं करेगा। बेंच ने कहा कि लोगों को राष्‍ट्रगान और राष्‍ट्रध्‍वज का सम्‍मान करना चाहिए। अदालत ने कहा कि जब सिनेमाघरों में राष्‍ट्रगान बजता है तो उसके साथ स्‍क्रीन पर राष्‍ट्रध्‍वज दिखाया जाना चाहिए तथा लोगाें को जरूर खड़े होना चाहिए। अदालत ने कहा है कि दिव्‍यांगों को इससे छूट रहेगी। अदालत ने कहा, ”समय आ गया है कि जब लाेग यह महसूस करें कि राष्‍ट्रगान संवैधानिक देशभक्ति का प्रतीक है। लोगों को यह एहसास होना चाहिए कि वे एक देश में रहते हैं और स्‍वतंत्रता की इस व्‍यक्तिगत मान्‍यता को खत्‍म किया जाना चाहिए… लोगों को लगना चाहिए कि यह मेरा देश है…मेरी मातृभूमि है।”

सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को लेकर लोगों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। ज्‍यादातर ट्विटर यूजर्स ने इस फैसले को राष्‍ट्रीयता की भावना पनपाने में सहायक बताया है। कुछ लोगों ने इस पर भी चुटकी लेने में देर नहीं लगाई। मसलन, एक यूजर ने लिखा है कि ‘सुप्रीम कोर्ट को एटीएम में भी राष्‍ट्रगान बजाना कंपलसरी कर देना चाहिए, मर्जी हो न हो, लोगों को खड़े रहना पड़ेगा।’

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं: 

एक अन्‍य यूजर लिखते हैं, ”राष्‍ट्रगान का सम्‍मान करना हमारे मूल कर्त्‍तव्‍यों में से है। हमें मूल अधिकार तो याद रहते हैं, मगर मूल कर्त्‍तव्‍य भूल जाते हैं।”

सिनेमाघरों में राष्‍ट्रगान चलाना अनिवार्य करने संबंधी जनहित याचिका श्याम नारायण चौकसे ने डाली थी। जिसमें उन्‍होंने मांग थी कि इसे बजाने तथा सरकारी समारोहों और कार्यक्रमों में इसे गाने के संबंध में उचित नियम और प्रोटोकॉल तय होने चाहिए, जहां संवैधानिक पदों पर बैठे लोग मौजूद होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आने वाले 10 दिनों में इस फैसले को पूरे देश में लागू किया जाए।

वीडियो: दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे की दस्तक; तापमान में गिरावट, उड़ानों में देरी

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 30, 2016 1:26 pm

सबरंग