ताज़ा खबर
 

अब उड़ी नई अफवाह, ‘खास’ इंक के कारण पकड़े जा रहे हैं 500 और 2000 के नए नोटों के बंडल

कुछ मीडिया वेबसाइट्सों और वॉट्सएप मैसेज के मुताबिक नए नोटों की प्रिंटिंग में फॉस्फोरस के रेडियोएक्टिव आइसोटोप का इस्तेमाल किया गया है। जिसमें 15 प्रोटॉन और 17 न्यूट्रॉन होते हैं।
Author नई दिल्ली | December 13, 2016 18:43 pm
500 और 2000 रुपए के नए नोट। (File Photo)

500 और 2000 के नए नोटों को लेकर लगातार इंटरनेट अफवाहों का दौर जारी है। सबसे पहले खबर उड़ी थी कि नए नोटों में जीपीएस चिप लगाई गई है। बाद में सरकार की ओर से इसे खारिज कर दिया गया है। इसके बाद फेक करेंसी की पहचान करने को लेकर अफवाह उड़ी कि कई मोबाइल एप है जिनपर नोटों को स्कैन करके यह पता किया जा सकता है कि नोट असली है या नकली। यह खबर भी गलत साबित हुई। अब फिर से एक नई अफवाह से इंटरनेट का बाजार गर्म है। इंटरनेट और वाट्सएप पर लगाातार ऐसे मैसेज शेयर किए जा रहे हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि 500 और 2000 रुपए के नए नोटों में रेडियोएक्टिव इंक का इस्तेमाल किया गया है, जिसके चलते नोटों को ट्रैक किया जा रहा है।

कुछ सोशल मीडिया वेबसाइट्सों और वॉट्सएप के जरिए उड़ी अफवाह के मुताबिक नए नोटों की प्रिंटिंग में फॉस्फोरस के रेडियोएक्टिव आइसोटोप का इस्तेमाल किया गया है। जिसमें 15 प्रोटॉन और 17 न्यूट्रॉन होते हैं। यह रेडियोएक्टिव वार्निंग टेप की तरह प्रयोग होता है जिससे एक ही जगह पर मौजूद लिमिट से अधिक नोट होने पर रेडियोएक्टिव पदार्थ इंडिकेटर के तौर पर नोटों की मौजूदगी को सूचित करता है। इसी के चलते भारी मात्रा में नगदी का संग्रह करने वाले आईटी के रडार में आ रहे हैं। इस तरह के मैसेज इसलिए वायरल हो रहे हैं क्योंकि देशभर में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल ही में कई जगह रेड की है। दिल्ली, चेन्नई, वेल्लोर, बेंगलुरु और पुणे में की गई रेड सही साबित हुई। यहां बड़ी मात्रा में नए नोटो को छिपाकर रखा गया था।

इन रे़डियो एक्टिव इंक अफवाहों के मुताबिक नोट में इस्तेमाल किया गया रेडियोएक्टिव आइसोटोप स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है। हालांकि क्षयांक यानि टी हाफ के कारण उसकी सक्रियता एक समय के बाद कम हो जायेगी। जिसके कारण आने वाले वक़्त में नई करेंसी भी बंद हो जाएगी। यह इंक इंडिकेटर के रूप में काम में लिया जा रहा है जिसके कारण अब नोट खुद ही अपना पता बता रहे हैं।

नोटबंदी का विरोध: एटीएम का किया अंतिम संस्कार, पंडित ने करवाया क्रियाकर्म

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.