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संघ विचारक राकेश सिन्हा ने पूछा- इटली की फासिस्ट पार्टी से सोनिया गांधी के परिवार का क्या संबंध

एक तरफ कांग्रेस आजादी की लड़ाई में संघ की भूमिका नहीं होने पर बीजेपी को घेरती नजर आई तो वहीं बीजेपी ने कांग्रेस को जमकर घेरा।
संघ विचारक राकेश सिन्हा।

भारत छोड़ों आंदोलन के 75वीं वर्षगाठ के मौके पर संसद में रखा विशेष कार्यक्रम अतं में संघ बनाम कांग्रेस बनकर रह गया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने भाषण में बिना नाम लिए कहा कि उस समय के कुछ तत्वों ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था और ऐसे तत्वों का आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं है। माना जा रहा है कि उनकी टिप्पणी आरएसएस को लेकर थी। इस पर विवाद छिड़ना ही थी। शाम चढ़ते चढ़ते हर चैनल पर ये बात ही चर्चा का विषय बन गई। जहां एक तरफ कांग्रेस आजादी की लड़ाई में संघ की भूमिका नहीं होने पर बीजेपी को घेरती नजर आई तो वहीं बीजेपी ने कांग्रेस को जमकर घेरा। इसी विषय पर एक टीवी चर्चा में शामिल संघ विचारक राकेश सिन्हा ने आजादी की लड़ाई में संघ की भूमिका पर बात करते करते सोनिया गांधी के परिवार पर ही टिप्पणी कर दी। राकेश सिन्हा ने कहा कि, “हिन्दू महासभा और संघ दो अलग संगठन है। सोनिया जी क्या बताएंगी इनस देश को कि उनके परिवार का मुसलिनी की फासिस्ट पार्टी से क्या संंबंध है। भारत साम्राज्यवाद और नाजीवाद के खिलाफ लड़ रहे थे। क्या वो प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताएंगी कि उनके परिवार को फासिस्ट पार्टी से कोई संबंध नहीं था। उनके परिवार ने फासिस्ट पार्टी के को कमजोर करने के लिए मुसलिनी को कमजोर करने की लड़ाई लड़ी थी या मुसलिनी की सेना में भर्ती होकर उनका साथ दिया था।

 

इससे पहले बुधवार को लोकसभा में विशेष चर्चा में हिस्सा लेते हुए सोनिया ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि देश पर संकीर्ण मानसिकता वाली, विभाजनकारी और सांप्रदायिक सोच वाली शक्तियां हावी हो रही हैं।…धर्मनिरपेक्ष और उदारवादी मूल्यों के लिए खतरा पैदा हो गया है। कई बार कानून के राज पर गैर कानूनी शक्तियां हावी होती हैं।’’ सोनिया ने कहा कि सवाल उठ रहे हैं कि क्या अंधकार की ताकतें फिर सिर उठा रही हैं, क्या लोकतंत्र को खत्म करने के प्रयास हो रहे हैं? उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपनी आजादी को सुरक्षित रखना है। हमें एक ऐसे भारत के लिए लड़ना है जिसमें इंसान की आजादी हो और न्यायसंगत व्यवस्था हो। हम इसकी लड़ाई लड़ेंगे।’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘महात्मा गांधी ने न्यायसंगत और मानवीय स्वतंत्रता वाली व्यवस्था की बात की थी। हमें इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ना है।’’ उन्होंने कहा कि लोगों को उस भारत के लिये संघर्ष करना है जिसमें उनका विश्वास है, जिसे वे प्यार करते हैं और जैसा सपना स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था ।

 

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