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पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर रवीश कुमार का तंज- बीजेपी करे प्रदर्शन, हम उन्‍हें विपक्ष समझ सिनेमा देख लेंगे

पत्रकार रवीश कुमार ने पेट्रोल के भाव कथित तौर पर 83.32 रुपए प्रति लीटर होने पर केंद्र सरकार पर तंज कसा है।
NDTV इंडिया के प्राइम टाइम कार्यक्रम में रवीश कुमार। ( File Photo)

पत्रकार रवीश कुमार ने पेट्रोल के भाव कथित तौर पर 83.32 रुपए प्रति लीटर होने पर केंद्र सरकार पर तंज कसा है। फेसबुक पर लिखे एक लेख में रवीश कुमार ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा, ‘महाराष्ट्र के सोलापुर में 15 सितंबर को हाई स्पीड पेट्रोल का भाव 83 रुपए 32 पैसे प्रति लीटर था? कुछ के मुताबिक एचपी के पेट्रोल पंप पर सादा पेट्रोल 80 रुपए 10 पैसे प्रति लीटर है। यहां 14 सितंबर को इंडियन आयल का रेट 80 रुपए 51 पैसे प्रति लीटर था। महाराष्ट्र के परभणी में 15 सितंबर को सादा पेट्रोल का रेट 81 रुपए 20 पैसे प्रति लीटर हो गया। 11 सिंतबर को महाराष्ट्र के 12 शहरों में पेट्रोल का रेट 80 रुपए प्रति लीटर से अधिक था। जबकि हम सब मुंबई के 79 रुपए 48 पैसे प्रति लीटर के रेट को ही अधिकतम मान रहे थे।’

लेख में पत्रकार रवीश ने आगे लिखा, ‘इंडियन आयल कारपोरेशन, एचपीसीएल, भारत पेट्रोलियम की वेबसाइट पर महानगरों और राजधानियों का रेट तो है मगर सारे पंपों, सारे जिलों और कस्बों का रेट नहीं है। इस कारण जब मीडिया में पेट्रोल के रेट की चर्चा हुई तो लगा कि सिर्फ महानगरों की समस्या है। जबकि ऐसा नहीं है। अखिलभारतीय पेट्रोल पंप संघ के अजय बंसल ने बताया कि देश भर में डीजल की बिक्री में दस और पेट्रोल की बिक्री में 4 फीसदी की कमी आ गई है। दिल्ली में पेट्रोली की बिक्री में दस फीसदी की कमी आई है। दिल्ली के सीएनजी स्टेशनों में भीड़ अचानक सी बढ़ गई है।’

वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए रवीश लिखते हैं कि पुलिस केस, इनकम टैक्स और सीबीआई के डर से कांग्रेस नेता इसके खिलाफ बोल नहीं पा रहे हैं। इसलिए भाजपा से गुजारिश की जा सकती है कि वो साल 2013 की तरह तेल की बढ़ीं कीमतों को लेकर प्रदर्शन करें। हम तो उन्हें ही विपक्ष समझ सिनेमा देख लेंगे। लेख में बताया गया है कि मार्च 2013 में पेट्रोल 70 रुपए प्रति लीटर हो गया था जबकि एक सितंबर 2013 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल में 74 रुपए प्रति लीटर से महंगा मिल रहा था। वहीं कोलकाता में रेट 81 रुपए लीटर से भी ज्यादा था।

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