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केंद्रीय मंत्री ने गौरी लंकेश की हत्‍या पर खुशी जताने वालों को लताड़ा, लोगों ने भी दिया जवाब

मंत्री ने ट्वीट में कहा, ''किसी की हत्या पर खुशी जाहिर करना शर्मनाक, अफसोसनाक और भारतीय परंपराओं के पूरी तरह खिलाफ है । सोशल मीडिया इसके लिए नहीं है।''
गौरी लंकेश की हत्‍या पर ऐसा ट्वीट करने वाले इस यूजर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्विटर पर फॉलो करते हैं।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर करने वालों पर आज निशाना साधा। बेंगलुरु में कल रात हुई गौरी की हत्या की कई लोगों ने निंदा की, जबकि सोशल मीडिया पर कई ऐसे भी लोग नजर आए जिन्होंने नफरत भरी टिप्पणियां की। कुछ लोगों ने तो गौरी की हत्या को सही भी ठहराया। प्रसाद ने कई ट्वीट कर कहा, ‘‘किसी की हत्या पर खुशी जाहिर करना शर्मनाक, अफसोसनाक और भारतीय परंपराओं के पूरी तरह खिलाफ है । सोशल मीडिया इसके लिए नहीं है।’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मैं सोशल मीडिया पर उन संदेशों की कड़ी भर्त्सना और निंदा करता हूं जिनमें गौरी लंकेश की जघन्य हत्या पर खुशी जाहिर की गई है।’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि कर्नाटक पुलिस जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार करेगी। गौरी की हत्या पर देश भर में आक्रोश है। लंकेश की मंगलवार रात तीन अज्ञात हमलावरों ने गोलीमार कर हत्या कर दी थी। लंकेश की हत्या को लेकर पूरे देश में निंदा व प्रदर्शन किया गया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि हत्या की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया गया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा, “पत्रकार की हत्या की जांच के लिए महानिरीक्षक स्तर के एक अधिकारी की अगुवाई में एक एसआईटी गठित की गई है।”

हालांकि रविशंकर प्रसाद को लोगों ने इसलिए घेरना शुरू कर दिया क्‍योंकि गौरी लंकेश की हत्‍या पर खुशी में ट्वीट करने वालों में से चार यूजर्स को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फॉलो करते हैं। लोगों ने इसी को आधार बनाकर पूछना शुरू कर दिया कि मोदी ऐसे लोगों को अनफॉलो क्‍यों नहीं करते।

देखें लोगों की प्रतिक्रिया:

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कर्नाटक सरकार से वरिष्ठ पत्रकार की हत्या पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। नई दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद व अन्य जगहों पर मीडिया बिरादरी व सामाजिक कार्यकर्ता पूरे देश में जमा हुए और पत्रकार की हत्या की निंदा की। लंकेश के परिवार ने कहा कि लंकेश (55) को चामराजपेट के एक कब्रिस्तान में दफनाया गया। उनकी आंखें किसी जरूरमंत के लिए दान कर दी गईं। गौरी लंकेश लिंगायत समुदाय से आती हैं, जिसमें मृतक का दाह संस्कार नहीं किया जाता।

गौरी लंकेश पर मंगलवार को तीन अज्ञात हमलावरों ने सात गोलियां दागी थीं और उनकी मौत हो गई थी। लंकेश अपने कार्यालय से घर लौटी थीं। लंकेश के सीने में दो गोलियां और एक गोली माथे पर लगी थी। बेंगलुरू के पुलिस आयुक्त टी. सुनील कुमार ने संवाददाताओं से मंगलवार को कहा, “लंकेश को राजराजेश्वरी नगर के उनके घर पर रात करीब आठ बजे नजदीक से गोली मारी गई।” सिद्धारमैया ने कहा, “इसी तरह का हथियार एम.एम.कलबुर्गी, गोविंद पानसरे व नरेंद्र दाभोलकर की हत्या में इस्तेमाल किए गए, लेकिन हम अभी किसी चीज को जोड़ नहीं सकते।”

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