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पीएम नरेंद्र मोदी ने हिंसक गौरक्षकों पर दिखाई सख्‍ती तो लोगों ने कहा- किसे बोल रहे हैं? कोई सुनता तो है नहीं

कई यूजर्स ने कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, ऐसी बातें बेमायने हैं।
सर्वदलीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और वित्‍त मंत्री अरुण जेटली। (Source: PTI)

संसद के मॉनसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ एक बार फिर सख्‍ती दिखाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”गौरक्षा को कुछ असामाजिक तत्वों ने अराजकता फैलाने का माध्यम बना लिया है। इसका फायदा देश में सौहार्द बिगाड़ने में लगे लोग भी उठा रहे हैं। देश की छवि पर भी इसका असर पड़ रहा है। राज्य सरकारों को ऐसे असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। गाय को हमारे यहां माँ मानते हैं,लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं। लेकिन यह समझना होगा कि गौ रक्षा के लिए कानून हैं और इन्हें तोड़ना विकल्प नहीं है। कानून व्यवस्था को बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और जहां भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, राज्य सरकारों को इनसे सख्ती से निपटना चाहिए। राज्य सरकारों को ये भी देखना चाहिए कि कहीं कुछ लोग गौरक्षा के नाम पर अपनी व्यक्तिगत दुश्मनी का बदला तो नहीं ले रहे हैं। हम सभी राजनीतिक दलों को गौरक्षा के नाम पर हो रही इस गुंडागर्दी की कड़ी भर्त्सना करनी चाहिए।”

हालांकि सोशल मीडिया पर मोदी के इस बयान को लोगों ने ‘अगंभीर’ करार दिया। कई यूजर्स ने कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, ऐसी बातें बेमायने हैं।

कुछ यूजर्स ने मोदी के बयान को सराहा और कहा कि इससे शायद हिंसा में कमी आएगी।

भ्रष्‍टाचार पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाने की बात करते हुए मोदी ने कहा, ”कई दशकों से नेताओं की साख हमारे बीच के ही कुछ नेताओं के बर्ताव की वजह से कठघरे में है।हमें जनता को भरोसा दिलाना होगा कि हर नेता दागी नहीं है। सार्वजनिक जीवन में स्वच्छता के साथ ही भ्रष्ट नेताओं पर कार्रवाई आवश्यक है। हर दल ऐसे नेताओं को पहचानकर अपने दल की राजनीतिक यात्रा से अलग करे। देश को लूटनेवालों के खिलाफ जब कानून अपना काम करता है तो सियासी साजिश की बात करके बचने का रास्ता खोजने वालों के विरुद्ध एकजुट होना होगा।”

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First Published on July 16, 2017 4:08 pm

  1. G
    Gulshan
    Jul 16, 2017 at 9:10 pm
    जहां पक्षपात होगा वहां इन्साफ नहीं हो सकता ओर जहां इन्साफ नहीं होगा वहां कभी शान्ती नहीं हो सकती ! पक्षपात खत्म करने के लिए कोई ज़्यादा मेहनत नहीं करनी है ! केवल एक देश एक कर वाले GST की तर्ज पर एक राष्ट्र एक कानून बना कर लागू करना होगा !
    Reply
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