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चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे पर ICAI के कार्यक्रम में बोले पीएम नरेंद्र मोदी- 8 नवंबर के बाद आप सबने बहुत काम किया, पर देश के लिए किया या क्लाइंट के लिए, वो आप जानें

पीएम ने देश के तमाम सीए को संबोधित करते हुए उन्हें पुचकारा भी, समझाया भी और गलत ऑडिट ना करने की चेतावनी भी दे दी।
Author नई दिल्ली | July 2, 2017 06:39 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार्टर्ड एकांउटेंट दिवस के मौके पर कार्यक्रम को संबोधित किया (ANI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर चोरी में लगी कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी 37 हजार से अधिक कंपनियों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद एक लाख से अधिक कंपनियों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद आंकड़ों की तह में जाने से दिखा है कि तीन लाख से अधिक कंपनियां संदिग्ध लेन-देन में शामिल थीं।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को यहां सनदी लेखाकारों की संस्था इंस्टीट्यूट आॅफ चार्टर्ड एकाउंटेंट आॅफ इंडिया (आइसीएआइ) के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कालेधन को छुपाने में मदद करने वालों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई के लिए कटिबद्ध है। वह ऐसे सख्त कदमों के राजनीतिक नफे-नुकसान को लेकर कतई चिंतिंत नहीं हैं। उन्होंने सीए समुदाय से अपील की कि वह लोगों को कर के दायरे में लाने की शपथ लें, न कि यह बखान करें कि उन्होंने अपने कितने ग्राहकों को कर चुकाने से बचाया है। 8 नवंबर को की रात को की गई नोटबंदी को याद करते हुए पीएम ने कहा कि8 नवंबर को बाद आप लोगों (सीए) ने दिन रात काम किया है। शायद अपने पूरे करियर में सबसे ज्याद, जिन्होंने दिवाली की छट्टी के लिए बाहर घूमने का प्लान बना रखा था। होटल बुक कर रखा था वो भी वापस आ गए। रात रात भर किसके लिए काम किया, देश के लिए किया या अपने ग्राहक के लिए किया ये तो आप ही जानों वैसे मैं मानकर चल रहा हूं यहां जो मौजूद हैं आपने सबने देश के लिए किया लेकिन जिन्होंने नहीं किया उनके कान में जाकर बता दो। कुल मिलाकर पीएम ने देश के तमाम सीए को संबोधित करते हुए उन्हें पुचकारा भी, समझाया भी और गलत ऑडिट ना करने की चेतावनी भी दे दी।

पीएम ने  सवाल किया कि अबतक गड़बड़ी के मामले में समुदाय के केवल 25 सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई ही क्यों हुई है जबकि 14 सौ से अधिक मामले सालों से लंबित हैं।
मोदी ने कहा कि एक कड़वी सच्चाई है कि देश में केवल 32 लाख भारतीयों ने दर्शाया है कि उनकी आमदनी सलाना 10 लाख से ऊपर है जबकि करोड़ों लोग ऐसे हैं, जो ऊंचे पेशों में लगे हैं। उन्होंने नोटबंदी के बाद की गई कार्रवाई का ब्योरा देते हुए कहा कि आंकड़ों की तह में जाने के बाद नजर आया है कि तीन लाख से अधिक कंपनियां संदिग्ध लेन-देन में शामिल थीं। सरकार ने एक लाख से अधिक कंपनियों का पंजीकरण एक झटके में रद्द कर दिया है। सरकार ने 37 हजार से अधिक खोखा कंपनियों की पहचान की है। उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  प्रधानमंत्री मोदी ने चार्टर्ड एकाउंटेंटों से कहा कि यदि कालाधन रखने वाले किसी को जानते हों तो वे उन्हें आगाह करें कि उन्हें नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि कालाधन के खिलाफ सरकार के कदमों का असर स्विट्जरलैंड के बैंकों के ताजा आंकड़ों से साफ नजर आ रहा है। वहां जमा भारतीयों का धन घटकर रिकार्ड न्यूनतम स्तर पर आ गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आश्चर्य की बात है कि 2013 में इस तरह का धन तेजी से बढ़ा था। उस समय कांग्रेस नीत यूपीए सरकार सत्ता में थी। मोदी ने कहा कि स्विट्जरलैंड से सूचनाओं के आदान-प्रदान की स्वचालित व्यवस्था शुरू हो जाने पर कालाधन रखने वालों की मुसीबतें और बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि सीए को समाज के आर्थिक स्वास्थ्य की रक्षा करनी चाहिए। इस मामले में उनकी जिम्मेदारी बड़ी है।

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