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करवा चौथ पर ट्विटर वार: जशोदाबेन का नाम लेकर नरेंद्र मोदी को घेरा, पर उल्टा पड़ गया दांव

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाने के लिए #जशोदा_कैसे_न_जले ट्रेंड करवाया गया।
ट्विटर पर करवाचौथ पर जशोदा_कैसे_न_जले ट्रेंड करवाया गया।

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाने के लिए #जशोदा_कैसे_न_जले ट्रेंड करवाया गया। लेकिन यह दांव ट्रेंड करवाने लोगों पर तब उल्टा पड़ा गया जब मोदी ‘समर्थकों’ ने उन्हीं लोगों को घेर लिया जिन्होंने इस हैशटैग को ट्रेंड करवाया था। दरअसल, बुधवार (19 अक्टूबर) को करवाचौथ के मौके पर लोग ट्वीट के जरिए पीएम मोदी की पत्नी जशोदाबेन का नाम लेकर मोदी का मजाक उड़ाने की कोशिश कर रहे थे। लोग ट्वीट कर तरह-तरह के कमेंट कर रहे थे। मसलन- करवाचौथ के दिन जशोदाबेन पीएम मोदी से जल रही होंगी। इसके लिए अलग-अलग कारण भी गिनवाए जा रहे थे। कोई कह रहा था कि आज के लिए तो जलना जायज है, तो कोई कह रहा था कि स्मृति ईरानी को मंत्री बनाए जाने से जशोदाबेन को जलन होगी। वहीं कोई लिख रहा था कि 50 साल से जशोदाबेन अपने पति का इंतजार कर रही हैं। लेकिन दांव तब उल्टा पड़ गया जब ऐसे ट्वीट करने वालों को इसी हैशटैग पर लोग खरी-खोटी सुनाने लगे। लोग कांग्रेस-आप पर ऐसे हैशटैग चलाने का आरोप भी लगा रहे थे। लोग इस हैशटैग पर मोदी के खिलाफ लिखने वालों को बेशर्म तक कह रहे थे। कुछ ही देर में #जशोदा_कैसे_न_जले टॉप 10 ट्रेंड से बाहर हो गया।
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गौरतलब है कि जशोदाबेन पीएम मोदी से अलग रहती हैं। वह 62 साल की हैं। वह शिक्षक थीं। अब सेवामुक्त हो चुकी हैं। फिलहाल वह मेहसाणा के ऊंझा कस्बे में रहती हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान ही जशोदाबेन के बारे में लोगों को पता लगा था। तब हलफनामा भरते वक्‍त मोदी ने उनके बारे में जानकारी दी थी। चुनाव के बाद जशोदाबेन 2014 के नवंबर में चर्चा में आई थीं। तब उन्‍होंने पुलिस से अपनी सुरक्षा की स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। जशोदाबेन ने सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत अर्जी दाखिल कर यह जानना चाहा था कि वे किन सुविधाओं की हकदार हैं? आरटीआई में उन्होंने पुलिस से बारह सवाल किए थे।

बुधवार को पीएम मोदी के खिलाफ लोग ऐसे-ऐसे ट्वीट कर रहे थे

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