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परेश रावल और प्रीति गांधी ने साधा शबनम हाशमी पर निशाना, कहा- नए मुखिया के साथ आया अवॉर्ड वापसी गैंग

एक ने लिखा अच्छा है ले लो इन निकम्मों से अवॉर्ड वापस और ऐसे लोगों को दो जो इन अवॉर्ड के असली हकदार हैं।
Author नई दिल्ली | June 28, 2017 11:54 am
बॉलीवुड एक्टर परेश रावल।

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने 27 जून को हाल ही में भीड़ द्वारा ‘‘पीट पीटकर हत्याओं ’’ की घटनाओं के विरोध में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार पुरस्कार वापस कर दिया। जिसके बाद बीजेपी ने उनपर तंज कसना शुरु कर दिया है। बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य प्रीति गांधी ने अपने ट्विटर हैंडल पर कमेंट्री अंदाज में लिखा और ये धमाके के साथ एक बार फिर वापस आया अवॉर्ड वापसी गैंग, इस बार इस गैंग का मुखिया कोई और नहीं शबनम हाशमी हैं। वहीं प्रीति के इस ट्वीट के बाद अभिनेता और राजनेता परेश रावल ने भी ट्वीट कर शबनम हाशमी पर निशाना साधा।

दोनों बीजेपी नेताओं के इन ट्वीट पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए शबनम पर निशाना साध रहे हैं। प्रीति के पोस्ट पर जवाब देते हुए एक ने लिखा बेशर्म महिला जिसे उसके भाइयों और रिश्तेदारों द्वारा हिंदुओं और कश्मीरी पुलिस की हत्या किए जाने का कोई दर्द महसूस नहीं होता। एक ने लिखा कि अगर 2019 में मोदी जी फिर से प्रधानमंत्री बन गए तो ऐसे लोगों को रात में नींद भी नहीं आएगी। एक ने लिखा ये तो हम भूल ही गए कि इनके भाई की कांग्रेसी गुड़ों द्वारा हत्या कर दी गई थी और इन्होंने यह अवॉर्ड उसी कांग्रेस सरकार से प्राप्त किया था।

वहीं परेश रावल के ट्वीट पर एक यूजर ने लिखा इन गैंग मेंमबर्स को एक बात याद दिला दूं कि अवॉर्ड के साथ बाकी की चीजें जैसे गाड़ी, ट्रेन और फ्लाइट के टिकट वापस करना मत भूलना। एक ने लिखा सर जी कोई अवॉर्ड वापसी अवॉर्ड है क्या? अगली बार से सुर्खियों में यह होगा फलां-फलां ने वापस किया अवॉर्ड वापसी अवॉर्ड। एक ने लिखा अच्छा है ले लो इन निकम्मों से अवॉर्ड वापस और ऐसे लोगों को दो जो इन अवॉर्ड के असली हकदार हैं।

आपको बता दें कि वर्ष 2008 में इस पुरस्कार से सम्मानित शबनम ने अवॉर्ड वापस करते समय कहा था कि यह पुरस्कार देने वाला राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ‘‘अपनी पूरी विश्वसनीयता खो चुका है।’’ उन्होंने आयोग के प्रमुख पर उनके ‘निंदनीय बयानों’’ को लेकर निशाना साधा। आयोग प्रमुख गयोरूल हसन रिजवी हाल में उस समय विवादों में फंस गये थे जब उन्होंने कहा था कि भारत के खिलाफ चैंपियंस ट्राफी में पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने वालों को पाकिस्तान ‘‘भेजा जाना’’ चाहिए। शबनम ने आयोग को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मैं अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों पर हमले और हत्याओं एवं सरकार द्वारा पूरी तरह से निष्क्रियता, उदासीनता और हिंसक गिरोहों को मौन समर्थन के विरोध में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार पुरस्कार वापस करती हूं, जो अपनी पूरी विश्वसनीयता खो चुका है।’’

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