December 05, 2016

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वायरल हुई नोटबंदी पर बैठक करते विपक्षी नेताओं की तस्‍वीर, यूजर्स बोले- महीने के आखिर में पेमेंट लेने आए हैं

फोटो संसद में चर्चा के दौरान की है। इसमें विपक्षी नेता टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद और अहमद पटेल गंभीर मुद्रा में चर्चा कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर विपक्षी दलों के नेताओं की फोटो पर उड़ रहा मजाक। (Photo Source: ANI)

ट्विटर पर टाइम पास करने का सबसे अच्छा माध्यम फोटो पर कैप्शन देना बनता जा रहा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण यूएस के राष्ट्रपति बराकग ओबामा और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है। आपको ध्यान होगा कि जी-20 समिट में मोदी और ओबामा की उस फोटो पर लोगों ने खूब कमेंट्स किए थे, जिसमें ओबामा आगे जा रहे हैं और पीएम मोदी उनके पीछे से उंगली दिखा रहे हैं। इस फोटो को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर खिंचाई की थी। ठीक उसी तरह उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की बुक लॉन्च पर पीएम मोदी की एक और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जिसमें वह लोगों के सामने चेहरा नीचे किए हुए बैठे थे। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल थे।

अब कुछ इसी तरह विपक्ष के नेताओं की फोटो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। फोटो संसद में चर्चा के दौरान की है। इसमें विपक्षी नेता टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद और अहमद पटेल गंभीर मुद्रा में चर्चा कर रहे हैं। इस फोटो को एएनआई ने ट्वीट किया था। हालांकि सोशल मीडिया यूजर्स ने इससे हटकर फोटो के मजेदार कैप्शन दिए हैं। लोगों ने विपक्ष के नेताओं के चेहरे देखकर कैप्शन दिए हैं।

गौरतलब है कि 8 नवंबर को आए नोटबंदी के निर्णय के बाद से कांग्रेस सरकार के इस फैसले के विरोध में है। कांग्रेस इस मामले में लगातार सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज करा रही। यही नहीं, नोटबंदी का असर संसद के शीतकालीन सत्र पर भी देखने को मिल रहा है। संसद का सत्र लगातार हंगामें की भेंट चढ़ रहा है। कांग्रेस के अलावा टीएमसी और आम आदमी पार्टी समेत कई दल सरकार के इस फैसले के खिलाफ है।

 

केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में संसोधित इनकम टैक्स बिल पास करवाया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुष्मिता देव ने कालेधन पर बने नए कानून को ‘क्रेकजैक और 50-50’ करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन लोगों को 50 प्रतिशत काला धन ले जाने का मौका दिया है जिन्होंने बड़ी मात्रा में काला धन छिपा रखा है। नए बिल के जरिए सरकार अघोषित नकदी पर ज्यादा जुर्माना और टैक्स लगाएगी। 30 दिसंबर तक अघोषित पुराने नोटों में नकदी बारे में स्वेच्छा से घोषणा पर 50 प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है। कर अधिकारियों द्वारा पता लगाने पर अघोषित संपत्ति पर उच्चतम 85 प्रतिशत तक कर लगाया जा सकता है।

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First Published on November 30, 2016 8:21 pm

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