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ट्विटर यूजर्स बोले- पीएम नरेंद्र मोदी की नोटबंदी लाई मंदी, एप सर्वे का भी उड़ाया मजाक

प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी के फैसले पर कराए गए सर्वे के परिणाम बुधवार रात ट्विटर पर शेयर किए थे।
(Photo: PTI/Twitter)

पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को 500 व 1000 रुपए के नोटों का विमुद्रीकरण करने का फैसला सोशल मीडिया पर खूब चर्चित है। रोज कोई न कोई ट्रेंड नोटबंदी के फैसले के समर्थन या विरोध में सोशल मीडिया वेबसाइट्स पर हिट हो जाता है। गुरुवार को #नोटबंदी_लाई_मंदी टॉप ट्रेंड्स में शामिल रहा। यह ट्रेंड लॉरसन एंड टर्बो द्वारा 14 हजार से ज्‍यादा कर्मचारियों को बाहर निकाले जाने के विरोध में शुरू हुआ था। कंपनी के इस फैसले को कुछ लोग आने वाली मंदी की आहट बता रहे हैं। ट्विटर पर कुछ यूजर्स ने इस हैशटैग के साथ पीएम नरेंद्र मोदी पर चुटीली टिप्‍पणियां भी की हैं। पीएम मोदी इधर पिछले कुछ दिनों से अपने भाषण के दौरान भावुक हो जाते हैं, इसी पर तंज कसते हुए एक यूजर ने लिखा है, ”अब ये अफवाह कौन फैला रहा है कि 2000 का नोट मरोड़ने पर मोदी के रोने की आवाज़ आती है।” एक और यूजर लिखते हैं, ”अधूरी तैयारी के नोटबंदी का ऐलान करके नरेंद्र मोदी, घोड़े को रथ के पीछे बाँधकर हांकने वाले प्रथम प्रधानमंत्री हैं।”

#नोटबंदी_लाई_मंदी हैशटैग के बहाने ‘नरेंद्र मोदी एप’ के जरिए नोटबंदी के फैसले को लेकर कराए गए सर्वे का भी मजाक उड़ाया जा रहा है। तरुण लिखते हैं, ”नरेंद्र मोदी एप सर्वे में ‘बुरा’ कहने का ऑप्शन नहीं था,तो ‘अच्छा’ कहना पड़ा।” सोनू नाम के यूजर ने लिखा है, ”नोटबंदी, सरकार का एक साहसिक क़दम है, लेकिन #नोटबंदी_लाई_मंदी से होने वाली परेशानी पर बात करना, संसद के अंदर और बाहर, लोकतांत्रिक अधिकार है।”

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