June 26, 2017

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सोशल मीडिया पर फूटा नरेंद्र मोदी के खिलाफ गुस्सा, बोले लोग- नोट नहीं पीएम बदलो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी के बाद लोगों में उनके खिलाफ गुस्सा है। ऐसे लोग सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के खिलाफ गुस्सा जाहिर करने में पीछे नहीं हट रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ #नोट_नहीं_PM_बदलो टॉप ट्रेंड में था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी के बाद लोगों में उनके खिलाफ गुस्सा है। ऐसे लोग सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के खिलाफ गुस्सा जाहिर करने में पीछे नहीं हट रहे। ट्विटर पर सोमवार (14 नवंबर) को #नोट_नहीं_PM_बदलो टॉप ट्रेंड में था। लोग इसपर पीएम मोदी की सरकार से परेशान होकर उन्हें हटाने की बात कर रहे थे। लोग तरह-तरह से अपनी बात कह रहे थे। किसी ने लिखा, ‘मोदी जी जनता के दुःख में इतना रोये की गोवा, बेलगाम और पुणे के बीच में 3 बार कपड़े बदलने पड़े’, दूसरे ने लिखा, ‘मोदी को समझ नही आ रहा कि बैंक की लाइन मे लगी भीड़, केवल भीड़ नही है, लोग हैं, और उनके सब्र के बांध बहुत मजबूत नहीं होते हैं’, तीसरे ने लिखा, ‘किसी के घर में शादी रुक गयी, किसी के घर में मौत हुई, किसी का इलाज नहीं हो रहा, कोई लाठी खा रहा है, कोई भूखा सो रहा है’ तो कोई लिख रहा है, ‘लाइन में लग के जिस PM को चुना, आज उसी PM की वजह से भूखे प्यासे लाइन में लगे हैं।’

गौरतलब है कि आठ नवंबर को पीएम मोदी के ऐलान के बाद से 500 और 1000 के नोट बैन हो गए। इसके बाद से बैंकों और एटीएम से खुल्ले पैसे निकालने और अपने पुराने नोट जमा करवाने के लिए भीड़ है। पीएम मोदी, वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के समझाने और तरह-तरह के दिशा-निर्देश जारी करने के बावजूद बैंकों और एटीएम से भीड़ कम नहीं हो रही। आरबीआई ने रविवार को लोगों से अपील भी की थी कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है बैंक के पास काफी करेंसी है। साथ ही साथ लोगों ने घर में पैसा जमा करवाकर ना रखने का निवेदन भी किया गया था।

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने सोमवार को गाजीपुर में रैली के दौरान कहा था कि लोगों की तकलीफ देखकर उन्हें भी बुरा लगता है लेकिन अच्छे काम के लिए थोड़ी परेशानी तो जनता को भी उठानी पड़ेगी। इससे पहले रविवार को गोवा रैली के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि लोगों ने उनकी सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाने के लिए ही चुना था और वह वही काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि उन्हें 50 दिन के लिए लोगों का साथ चाहिए।

#नोट_नहीं_PM_बदलो पर पीएम मोदी के लिए ऐसे-ऐसे ट्वीट आ रहे हैं-

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First Published on November 14, 2016 4:27 pm

  1. J
    Jiya Pandey
    Jun 8, 2017 at 5:09 pm
    हर मुद्दे पर ट्वीट करने वाले पीएम मोदी के साथ ,साथ कृषि मंत्री ने भी साधी चुप्पी….. : /2r95mKN
    Reply
    1. A
      Arjun Singh
      Nov 16, 2016 at 3:55 am
      जिन लोगों ने आज तक देश की जनता को लूटकर और देश के खजाने की चोरी कर के देश की अर्थव्यवस्था को अपनी तिजोरियों में बंदी बनाकर रखा था वे लोग आज एक देशभक्त, इमानदार, मेहनती कर्तब्यनिष्ठ प्रधानमंत्री के सटीक और ऐतिहासिक फैसले को गलत बता रहे हैं क्योंकि इनके लूट के नोट खाख हो गए हैं ! बौखलाहट में ये भूल गए हैं कि जिस जनता की ये बात कर रहे हैं उनके पास 1000,500 के नोट रहते ही नहीं हैं और जितने रहते भी हैं उतने को बदलने में कोई दिक्कत नहीं हैं ! बैंक और ATM में जो भीड़ कालेपुजारियों के कार्यकर्ताओं की है!
      Reply
      1. B
        Bhupi
        Nov 15, 2016 at 7:55 am
        Pak supported is I funder need more friended
        Reply
        1. B
          Bhupi
          Nov 15, 2016 at 7:54 am
          W ccorrupt& sikular gangs congress dawood she hafta lene wale modi ko kuas rage hai
          Reply
          1. S
            Sunil Roy
            Nov 14, 2016 at 6:42 pm
            कुछ चैनल दिन भर सिर्फ मोदी मोदी करती रहती है खैर चैनल की मजबूरी समझी जा सकती है!
            Reply
            1. S
              Sunil mishra
              Nov 15, 2016 at 2:04 am
              Tumhari soach गलतModiji ne desh k liye kiya
              Reply
              1. A
                Abhijit kumar
                Nov 18, 2016 at 5:26 pm
                Jio SIM ke ley rat line lga sakte tab PM acha.or abhi jab desh ka bhlae ka bat h to note nhi PM badlo. Sarm karo khudar garj
                Reply
                1. C
                  Commonman
                  Nov 15, 2016 at 6:26 am
                  Modi KO badal to denge .... fir kisko PM banayenge ... rahul hi ko ya nitish kumar ko.?
                  Reply
                  1. C
                    Commonman
                    Nov 20, 2016 at 7:37 pm
                    किसी ने आर्थिक आपतकाल कह दिया तो किसी ने तानाशाही कह दी तो किसी ने तुगलक कह दिया.... इससे पहले सब फेंकू कह रहे थे। जब फेंकू ने फेंक दिया तो कैच संभालना मुश्किल हो रहा है... ये आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक चुपचाप ही हो सकता था तभी आर्थिक सामनता आती। छदम आर्थिक सामनता के नाम पर बड़ी लम्बी-लम्बी पोस्ट लिखने वाले लोग जो मूलत: मोदी विरोध हैं अभी इस सर्जिकल स्ट्राइक की अफरा-तफरी को ऐसे पोस्ट कर रहे हैं जैसे पूरा देश अशांत हो गया। यकीन मानिए आपके बच्चों का भविष्य उज्जबल है.
                    Reply
                    1. C
                      Commonman
                      Nov 20, 2016 at 7:35 pm
                      पाँच सौ और हजार के नोटों के चक्कर में न राशन की दुकान बंद है, न रेस्टोरेंट, फिर समस्या कहाँ है ? अफरा-तफरी कहाँ है ? न स्कूल बंद है, न कॉलेज, न सरकारी दफतर बंद है न कारखाना, फिर अफरा-तफरी कहाँ है दोस्तों..? यह अफरा-तफरी ब्लैकमनी समर्थकों के फेसबुक और व्हाट्सअप पर है। ये वही लोग हैं जो कल तक ब्लैकमनी पर कोई कठोर कदम नहीं उठाने के कारण सरकार को क्या-क्या कह रहे थे... जब उठा लिया तो इनके पोस्टों पर अफरा-तफरी मची है।
                      Reply
                      1. A
                        amit
                        Nov 16, 2016 at 5:33 am
                        ye sab kejriwal ke bhadwe hai
                        Reply
                        1. A
                          Ankush Devdhar
                          Nov 21, 2016 at 6:04 am
                          असली कमेंट्स वो नहीं हैं जो ऊपर ढूंढ-ढूंढ कर लिखे गए हैं, असली कमेंट्स इस पोस्ट के निचे हैं
                          Reply
                          1. A
                            A. Suman
                            Nov 15, 2016 at 10:44 am
                            जनसत्ता वाले दलाल, साले तुम लोग सच कब से लिखना शुरू करोगे ?
                            Reply
                            1. A
                              ARUN kumar
                              Nov 14, 2016 at 2:59 pm
                              अगर मोदी जी को हिम्मत है , ब्लैक मनी हटाना चाहते है तो एक कानून पास करे की किस पार्टी को कितना चंदा कौन- कौन से लोगो ने दिया हरेक साल सार्बजनिक हो . ब्लैक मनी अपने आप ख़तम हो जाएगी .
                              Reply
                              1. A
                                ARUN kumar
                                Nov 14, 2016 at 2:49 pm
                                जो लोग २५०००० बैंक में डालने के लिए परेशान है . उसकी राशि ब्लैक मनी और जो सरकार से समझौता किया और करोड़ो बैंक में डाला उसका मनी व्हाइट . यही है मेरा भारत महान. गॉउ में गरीब लोग काम धंधा छोड़ के सुबह ५ बजे बैंक में लाइन लगते है लेकिन किसी लीडर ब्यापारी अफसर को लाइन में लगते नहीं देखा .
                                Reply
                                1. A
                                  ashvathama
                                  Nov 14, 2016 at 4:29 pm
                                  Yar jis k p black money है उस के ये खाज है हर हर मोदी आप आगे भीदो हम आप के साथ है
                                  Reply
                                  1. A
                                    Avi
                                    Nov 15, 2016 at 4:28 am
                                    जनता 500और 1000 के विषय पर मिस्टर मोदी के साथ हैं अथवा नहीं इस मुद्दे पर देश में वोटिंग करवाई जानी चाहिए! बिलकुल वैसे जैसे ब्रिटेन में 'यूरोपीयन यूनियन' में शामिल होने अथवा न होने के लिए वोटिंग करवाई गई थी| अगर इस '56 इंच' में वोटिंग करवाने का बूता नहीं है, तो चुपचाप जनता को त्यागपत्र दे कर इलेक्शन करवाए|
                                    Reply
                                    1. दिनेश
                                      Nov 14, 2016 at 4:25 pm
                                      कीर्ति आज़ाद ने एक मंत्री के घोटालों पर मुंह खोला तो निलंबित कर दिए गए. ऐसा व्यक्ति मंत्री बनाया गया जो चुनाव हार गया था . कारपोरेट घरानों से जो चन्दा राजनीतिक दलों को मिलता है उसका खुलासा क्यों नहीं होना चाहिय ? बैंकों का ८५ हजार करोड़ डकारने वाले जिन ५७ लोगों के नाम सरकार को मिल चुके हैं उन्हें जनता से क्यों छुपाया जा रहा है ? विदेशी बैंकों में तो सैकड़ों लाख करोड़ का ब्लैक मनी है, उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई ? राजनीतिक पार्टियों के चंदे का आडिट करने से कैग को क्यों रोका गया ? -
                                      Reply
                                      1. S
                                        Suman Hans
                                        Nov 17, 2016 at 5:40 am
                                        ये वो लोग है जो कला धन रख के बैठे है. मोदी जी देश की ईमानदार जनता आपके साथ है.
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                                        1. H
                                          hari singh
                                          Nov 16, 2016 at 3:16 pm
                                          हान भाई ी कह रहे हो ,चन्द चोरो की सजा कन्गालो को मिल रही । फ़िर भी बाह बाह्।
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                                          1. J
                                            Jyoti Pundir
                                            Nov 14, 2016 at 12:46 pm
                                            pagal ghatiya log or usse ghatiya aap log jansatta jo ye post krre ..bewakoof mar jaao khi jaa kar ese bina dimag k logo k post daalre ho
                                            Reply
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