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गालियां देने वाले ट्विटर यूजर्स पर भड़के राजदीप सरदेसाई, कहा- देश बदलना है तो राजनीति बदलो

कुछ यूजर्स ने कहा कि 'पत्रकारिता के स्‍तर में जो गिरावट आई है, उससे लोगों का भड़कना स्‍वाभाविक है।'
सरदेसाई ने कहा कि ‘लोग उन्‍हें जितनी गालियां देते हैं, वह उतने ही मजबूत होते जाते हैं।

टीवी पत्रकार राजदीप सरदेसाई अक्‍सर ट्विटर पर लोगों के गुस्‍से का शिकार होते हैं। कई बार लोग भाषा की शालीनता भूलकर गाली-गलौज पर उतर आते हैं। राजदीप वैसे तो रिएक्‍ट नहीं करते मगर मंगलवार को वह उखड़ गए। ट्विटर पर कुछ यूजर्स के गालियां देने पर उन्‍होंने कहा, ”ठीक है दोस्‍तों, देश को बदलना चाहते हो? ट्विटर पर मीडिया को गाली देना जवाब नहीं है। जाइए और इसकी राजनीति बदलिए। आपका दिन मंगलमय हो!” इस पर कुछ यूजर्स ने कहा कि ‘पत्रकारिता के स्‍तर में जो गिरावट आई है, उससे लोगों का भड़कना स्‍वाभाविक है। बतौर पत्रकार, आपको आलोचना बर्दाश्‍त करनी चाहिए।’ सन्विराज नाम के यूजर ने लिखा कि ‘हम पूरे मीडिया को गाली नहीं देते। सिर्फ आप जैसे जहर वाले पत्रकारों को गाली देते हैं, क्‍योंकि हम इस देश को बचाना चाहते हैं।’ राजदीप ने इसके जवाब में ट्वीट किया, ”आप जितना मुझे गाली देंगे, मैं उतना ही मजबूत होऊंगा। पुरानी कहावत है। अलविदा।”

गणेश जयरामन नाम के एक यूजर ने राजदीप की तारीफ करते हुए लिखा कि ‘मैं आपकी बहादुरी की प्रशंसा करता हूं, जिस तरह आप उन ट्रोल्‍स से निपटते हैं जो यह मानते हैं कि दिन-रात गालियां देकर वह देश को बचा रहे हैं।’ इस पर राजदीप ने अपने पिता और पूर्व क्रिकेटर दिलीप सरदेसाई का जिक्र किया। उन्‍होंने लिखा, ”ये बहादुरी नहीं है सर। बहादुरी वह है जो मेरे पिता की पीढ़ी के पास थी। बिना हेलमेट्स के बाउंसर्स और बीमर्स का सामना किया। यह तो बच्‍चों जैसी बात है।”