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सरकार द्वारा एनडीटीवी इंडिया पर लगाए गए बैन को ट्विटर पर मिला समर्थन, यूजर्स ने चैनल को बताया भारत विरोधी

चैनल पर पठानकोट हमले के दौरान गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने और सुरक्षा से संबंधित संवेदनशील विवरण दिखाने का आरोप है।
ट्विटर पर तस्‍वीरों, चुटकुलों के जरिए एनडीटीवी को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। (Source: Twitter)

सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा टीवी समाचार चैनल एनडीटीवी इंडिया को एक दिन के लिए ऑफ एयर करने के आदेश पर विवाद हो गया है। बैन को लेकर चैनल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, तो विपक्षी नेताओं से लेकर कई पत्रकारिता संस्‍थाओं ने भी इसकी निंदा की है। अंतर मंत्रालयी समिति ने समिति ने चैनल को 9 नवंबर को एक दिन के लिए ऑफ एयर करने की सिफारिश की है। चैनल पर पठानकोट हमले के दौरान गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने और सुरक्षा से संबंधित संवेदनशील विवरण दिखाने का आरोप है। अगर चैनल ऑफ एयर होता है तो आतंकी हमलों के दौरान गैर जिम्मेदारी से कवरेज करने और संवेदनशील मुद्दों को जगजाहिर करने के आरोप में पहली बार ऐसी कार्रवाई होगी। हालांकि सोशल मीडिया पर एनडीटीवी बैन को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। पिछले दो दिन से जहां एनडीटीवी के समर्थन में सोशल मीडिया यूजर्स एक हो रहे थे, वहीं सोमवार को ट्विटर यूजर्स ने #BharatVirodhiNDTV हैशटैग चलाकर सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया। यूजर्स का तर्क है कि राष्‍ट्रीय सुरक्षा से छेड़छाड़ करने वाले चैनल्‍स के साथ-साथ पत्रकारों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। शंकर नाम के यूजर लिखते हैं, ”जिन्हें बुरहान बानी में हेडमास्टर का बेटा नज़र आता था, उन्हें ही NDTV बैन पर आपातकाल नज़र आ रहा है।” वीके शर्मा ने चैनल पर लगे वित्‍तीय अनियमितता के आरोपों का जिक्र करते हुए लिखा कि ‘अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता के नाम पर किसी को भी देश सुरक्षा से खिलवाड़ की इजाजत नहीं दी जा सकती।”

एनडीटीवी बैन को लेकर अरविंद केजरीवाल ने दी प्रतिक्रिया, देखें वीडियो:

जांच के दौरान समिति ने पाया था कि चैनल ने पठानकोट हमले के कवरेज के दौरान न केवल गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया बल्कि संवेदनशील सूचनाओं को आम लोगों के सामने परोसा। इससे आम लोगों और सुरक्षाकर्मियों की जान को खतरा पहुंच सकता था क्योंकि आतंकी भी लगातार टीवी चैनलों के संपर्क में थे। चैनल ने पठानकोट हमले के दौरान एयरबेस में रखे गोला-बारूद, एमआईजी फाइटर विमान, रॉकेट लॉन्चर, मोर्टार, हेलीकॉप्टर्स उनके फ्यूल टैंक के बारे में जानाकरी साझा की थी।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पठानकोट हमले के दौरान चैनल पर दिखाई गई सामग्री तय नियमों का उल्लंघन करती है। इस संबंध में चैनल को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। चैनल के जवाब के पास समिति ने प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था।

देखिए, सोशल मीडिया पर कैसे हो रही है एनडीटीवी की आलोचना: 

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