ताज़ा खबर
 

जब तलवारें फूलों पर जोर आजमाने लगें…रयान स्कूल में हत्या पर प्रसून जोशी ने लिखी ये कविता

गीतकार प्रसून जोशी ने भी दिल दहला देने वाली इस घटना पर एक कविता लिखी है। और समाज को जगाने की कोशिश की है।
रयान स्कूल में हुए कत्ल पर प्रसून जोशी की ये कविता आपको झकझोर देगी।

गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में मासूम प्रद्युमन की हत्या से हर कोई स्तब्ध है। इस मर्डर ने ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हम अपने बच्चों को कहां सुरक्षित मानें। देश में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जोरदार बहस छिड़ी है। नये उपाय सुझाये जा रहे हैं और कड़ी सजा की पैरवी की जा रही है। लोगों अपने अपने तरीके से अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं। इस बीच गीतकार प्रसून जोशी ने भी दिल दहला देने वाली इस घटना पर एक कविता लिखी है। और समाज को जगाने की कोशिश की है। फिल्म तारें जमीं पर में बेहद प्यारे और मासूमियत भरे गीत लिखने वाले प्रसून जोशी की कविता कुछ इस प्रकार है।

Jub bachpan tumhari goud mein aaney se katrane lage
Jub maa ki kokh se jhankti zindagi bahar aaney se ghabrane lage
Samjho kuch ghalat hai
Jub talwarein phoolon par zor aazmane lagein
Jub masoom ankhon mein khauf nazar aane lage
Samjho kuch ghalat hai
Jub oos ki boondon ko hatheliyon pe nahin hathiyaron ki nok par theherna ho
Jub nanhe nanhe talwon ko aag se guzarna ho
Samjho kuch ghalat hai
Jub kilkariyan sahem jayein
Jub totli boliyan khamosh ho jayein
Samjho kuch ghalat hai
Khuch nahin bahut kuch ghalat hai
Kyonki zor se barish honi chahiye thi
Poori duniya mein
Har jagah tapakne chahiye the aansoo
Rona chaiye tha upar wale ko
Aasman se
Phoot phoot kar
Sharm se jhukni chaiye thein insaani sabhyata ki gardanein
Shok nahin soch ka waqt hai
Matam nahin sawalon ka waqt hai
Agar iske baad bhi sar utha kar khada ho sakta hai insaan
Toh samjho kuch ghalat hai.
Rampant cases of Child abuse have shaken the soul.
We cannot let this happen anymore.

पूर्व अभिनेत्री रेणुका शहाणे ने भी प्रद्युमन ठाकुर पर एक गुस्से से भरा एक पोस्ट लिखा है और स्कूल प्रबंधन पर सवाल उठाये हैं। रेणुका शहाणे ने पूछा है कि आखिर मां-बाप अपने बच्चों को स्कूल किसके भरोसे भेंजे।  रेणुका शहाणे ने पूछा है कि आखिर बस कंडक्टर और ड्राइवर को वहीं बाथरूम इस्तेमाल करने कैसे दिया गया जिसे बच्चे करते थे। आखिर एक बस कंडक्टर चाकू लेकर स्कूल परिसर में दाखिल कैसे हुआ। ऐसे ही कई और सवाल रेणुका शहाणे ने उठाये हैं और इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग