December 08, 2016

ताज़ा खबर

 

वीडियो: बड़े काम का है यह अखबार, जमीन में दबा देने पर उग आता है पौधा

इसके पीछे जापान की विज्ञापन एजेंसी 'डेंट्सू इंक' का आइडिया था। 'डेंट्सू इंक' और 'द माइनिची ​शिम्बुंशा' दोनों पार्टनर हैं। ये दोनों ही संस्थान पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने समर्पण को लेकर जाने जाते हैं।

जापान ने एक ऐसी तकनीक का ईजाद किया है जिसमें अखबार को जमीन में दबा देने पर वह पौधे के रूप में उग आता है। (Photo: Twitter)

जापान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे क्यों विश्व में मॉडर्न टेक्नोलॉजी का अगुवा कहा जाता है। अमूमन दुनिया भर में लोग अखबार को पढ़ने के बाद या तो सामान पैक करने में काम लेते हैं या फिर कूड़े में फेक देते हैं। जापान ने अखबार को पढ़ने के बाद री-साइकल करने के लिए एक नई तकनीक का ईजाद की है, जिसके द्वारा अखबार को पढ़ने के बाद उसे पौधे के रूप में जमीन में बोया जा सकेगा।

जी हां, आपने बिलकुल सही पढ़ा। जापान के प्रसिद्ध दैनिक अखबार ‘द माइनिची शिम्बुंशा’ के पब्लिशर ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसमें वेजिटेबल पेपर पर अखबार प्रकाशित किया जा रहा है। जापान में इसे ‘ग्रीन न्यूजपेपर’ कहा जा रहा है। इस ईको फ्रेंडली अखबार की खासियत यह है कि आप इसे पढ़ने के बाद जमीन में प्लांट कर सकते हैं और कुछ दिनों बाद आपको अखबार की जगह एक हरा भरा पौधा मिलेगा।

वीडियो: देखें कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी

(वीडियो साभार: यू ट्यूब)

एक रिपोर्ट के मुताबिक ग्रीन न्यूजपेपर को पढ़ने के बाद आप उसे फेंकने की जगह छोटे छोटे टुकड़ों में कर लें और जमीन में प्लांट कर दें। समय समय पर इसे पानी देते रहें और कुछ ही दिनों में आप अखबार की जगह हरा भरा पौधा पाएंगे जिसमें फूल भी खिलेंगे। इस इंवेशन के पीछे जापान की सबसे बड़ी विज्ञापन एजेंसी ‘डेंट्सू इंक’ का आइडिया था। ‘डेंट्सू इंक’ और ‘द माइनिची शिम्बुंशा’ दोनों पार्टनर हैं। ये दोनों ही संस्थान पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने समर्पण को लेकर जाने जाते हैं। ‘द माइनिची शिम्बुंशा’ ने अपने बयान में कहा कि, ‘हम सिर्फ सूचना को लेकर ही तत्पर नहीं रहले बल्कि वैश्विक परेशानियों को लेकर भी सजग रहते हैं।’

Read Also: फेसबुक ने मुस्लिम शब्‍द को ट्रांसलेशन में बताया मां की गाली, सोशल मीडिया पर पड़ी लताड़

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 22, 2016 9:53 pm

सबरंग