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वीडियो: वायुसेना ने अरुणाचल प्रदेश में तैनात किया सी-17 ग्‍लोबमास्‍टर, लैंडिंग की रोमांचक फुटेज

विमान ने 4,200 फुट के रनवे पर लैंड किया जो भारतीय वायुसेना की देश के दुर्गम इलाकों पर पहुंच की क्षमता को प्रदर्श‍ित करता है।
मेचुका अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी सियांग जिले में स्थित है। (Source: ANI)

लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव के बीच, भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को अपने लड़ाकू विमान ग्‍लोबमास्‍टर को चीनी सीमा के नजदीक लैंड कराया है। एयरफोर्स ने सी-17 ग्‍लोबमास्‍टर एयरक्राफ्ट को मेचुका के एडवांस्‍ड लैंडिंग ग्राउंड पर लैंड कराया। यह जगह पश्चिमी हिमालय में लद्दाख से लेकर पूर्वी हिमालय में अरुणाचल प्रदेश तक फैसली 3,500 किलोमीटर लंबी सीमा से सिर्फ करीब 29 किलोमीटर दूर है। विमान ने 4,200 फुट के रनवे पर लैंड किया जो भारतीय वायुसेना की देश के दुर्गम इलाकों पर पहुंच की क्षमता को प्रदर्श‍ित करता है। मेचुका अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी सियांग जिले में स्थित है। एयरफोर्स का कहना है कि इतनी ऊंचाई से दुर्गम इलाकों- घाटियों और ऊंची पहाड़‍ियों में सैनिकों को ले जाने में मदद मिलती है। लद्दाख और अरुणाचल में ऐसे कई लैंडिंग ग्राउंड्स बनाए गए हैं। भारतीय वायुसेना ने यह कार्रवाई तब की है, जब बुधवार को भारत-चीन के बीच लद्दाख में तनाव की खबर आई है। लड़ाकू विमान के लैंड करने का वीडियो भी सामने आया है। ग्लोबमास्टर कारगिल, लद्दाख और अन्य उत्तरी और उत्तर पूर्वी सीमाओं पर आसानी से उतर सकता है। इमरजेंसी होने पर देश में दुर्गम परिस्थित‍ियों के बीच लैंड करने की खास क्षमता भी इस जेट के पास है। लैंडिंग में काेई दिक्‍कत न आए, इसलिए इसमें रिवर्स गियर दिया गया है। इस जेट में चार इंजन लगे हैं और दुनिया के बड़े मालवाहक जहाजों में इसकी गिनती होती हैं।

वीडियो: देखिए एयरफोर्स के ‘ग्‍लोबमास्‍टर’ की शानदार लैंडिंग

147 फीट की लंबाई वाले इस जेट की चौड़ाई 170 फीट है। 55 फीट ऊंचे जेट के पास 3,500 फीट लंबी हवाई पट्टी पर उतरने की क्षमता है। आपातकालीन स्थितियों में यह जेट 1,500 फीट की ऊंचाई पर उतार सकता है। 70 टन वजन लादकर एक बार में 42 हजार किलोमीटर उड़ने का दमखम इस लड़ाकू विमान में है। विमान अपने साथ एक बार में 150 से ज्‍यादा जवानों को ले जा सकता है, 03 हेलि‍कॉप्टरों या दो ट्रकों को एयरलिफ्ट कर सकता है। ऐसे 10 विमानों का सौदा 20 हजार करोड़ रुपये में हुआ था।

चीन और भारतीय सैनिकों के बीच लद्दाख की बर्फीली ऊंचाइयों पर बुधवार से ही गतिरोध कायम है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवान उस क्षेत्र में घुस गए जहां मनरेगा योजना के तहत सिंचाई नहर का निर्माण किया जा रहा था और उन्होंने कार्य को रोक दिया। यह घटना बुधवार दोपहर देमचोक सेक्टर में हुयी जो लेह से करीब 250 किलोमीटर पूर्व में है। वहां महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के तहत एक गांव को ‘‘हॉट स्प्रिंग’’ से जोड़ने के लिए काम चल रहा था।

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