ताज़ा खबर
 

Hole Punch History: जानिए होल पंच को Google ने डूडल बनाकर क्यों किया याद?

Hole Punch History Doodle: गूगल के इस डूडल में एक होल पंच दिखाई दे रहा है और गूगल को पेपर में से छेद के बाद कटकर निकलने वाले वेस्ट कागजों से बना हुआ दर्शाया गया है।
Hole Punch History: धीरे-धीरे हर देश में होल पंच बनने लगे और लोगों को किसी भी पेपर में छेद करने के लिए आसानी होने लगी।

Hole Punch History: रोजमर्रा की जिंदगी में पेपर शीट्स के लिए स्टेप्लर, पेपर क्लिप व अन्य चीजों की जरुरत पड़ती है।  इनमें से ही एक छोटा सा औजार है होल पंच, जिसके जरिए किसी पेपर को फाइल में जोड़ने हेतु उसमें छेद करने के लिए इस औजार का इस्तेमाल किया जाता है। क्या आप जानते हैं कि इस होल पंच का अविष्कार 18वीं सदी में हुआ था? आज गूगल इस होल पंच की 131वीं सालगिराह मना रहा है। गूगल के इस डूडल में एक होल पंच दिखाई दे रहा है और गूगल को पेपर में से छेद के बाद कटकर निकलने वाले वेस्ट कागजों से बना हुआ दर्शाया गया है। होल पंच का अविष्कार मशूहर इन्वेंटर बेनजामिन स्मिथ ने किया था। हालांकि इस होल पंच में कुछ बदलाव कर बाद में 14 नवंबर, 1886 को जर्मनी के रहने वाले इन्वेंटर फ्राइडरिच ने इसे अपने नाम पर पेटेंट करा लिया था।

फ्राइडरिच को सम्मान देते हुए गूगल ने उनके इस होल पंच का डूडल बनाया है। बता दें कि एक बाइंडर और निब जो कि इंक पैन के लिए इस्तेमाल की जाती है, फ्राइडरिच ने इन दोनों चीजों का भी अविष्कार किया था। होल पंच अब लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है जो कि भविष्य में भी लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। पहले इसे केवल ऑफिस के काम के लिए डिजाइन किया गया था लेकिन आम जिंदगी में इसके इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए इसके डिजाइन में अन्य बदलाव किए गए। इस होल पंच की जरुरत बढ़ने के बाद कई लोग इसे अपने तरीके से डिजाइन कर अपने नाम पर पेटेंट करवाने लगे।

इसके बाद अमेरिका में भी होल पंच बनाए गए लेकिन उन्हें कंडक्टर पंच और टिकट पंच के नाम से  पेटेंट कराया गया। धीरे-धीरे हर देश में होल पंच बनने लगे और लोगों को किसी भी पेपर में छेद करने के लिए आसानी होने लगी। 18वीं सदी से लेकर अभीतक हर प्रकार के काम में होल पंच का इस्तेमाल किया जाता है। स्कूली बच्चों, कॉलेज छात्रों और ऑफिस कार्यों से लेकर सभी पेपर में छेद करने के लिए होल पंच का इस्तेमाल करते हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. S
    sidh
    Nov 14, 2017 at 3:57 pm
    हे
    (0)(0)
    Reply