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किताब में औरंगजेब को शांतिप्रिय बताने पर भड़के लोग, ऐसे उड़ रहा मुगल बादशाह का मजाक

हैशटैग के साथ लोगों ने इस किताब और उसमें व्‍यक्‍त किए गए विचारों पर तंज कसा है।
विदेश लेखिका की किताब की समीक्षा हफिंग्‍टन पेास्‍ट ने शेयर की थी, जिसके बाद यह हैशटैग वायरल हो गया। (Source: Twitter)

एक विदेशी लेखिका द्वारा मुगल बादशाह औरंगजेब की जीवनी नए अंदाज में लिखे जाने पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। ‘औरंगजेब: द मैन एंड द मिथ’ नाम की इस किताब को लिखा है दक्षिण एशियाई इतिहास की प्रोफेसर ऑड्री ट्रश्चकी ने। इस किताब के जरिए उन्‍होंने बताया है कि मुगल बादशाह की जैसी छवि आम भारतीय जनमानस के मन में बनाई गई, वह उससे बिलकुल उलट था। लेखिका के मुताबिक, हिंदू और जैन मंदिरों की रक्षा के मामले में औरंगजेब इस्लामिक कानून की दी गयी सीमा से आगे जाकर उनकी रक्षा करता था। उसने कई मंदिरों का निर्माण भी कराया था। दूसरे मुगल शासकों की तरह औरंगजेब हिंदू पूजास्थलों को नुकसान न पहुंचाने की नीति पर अमल करता था लेकिन जो धार्मिक संस्थान या नेता उसे सत्ता विरोधी या अनैतिक लगते थे उनका वो कठोरता से दमन करता था। लेखिका के अनुसार, औरंगजेब ने जितने मंदिर तुड़वाए थे उससे कहीं ज्यादा मंदिरों और हिंदू संतों को बचाया था।

ऑड्री की किताब के अनुसार बादशाह बनने के बाद औरंगजेब ने फरवरी 1659 में शाही आदेश जारी करके बनारस के मंदिरों के मामलों में दखलंदाजी न देने की ताकीद की थी। इस आदेश में लिखा था कि “बहुत से लोग नफरत और जलन के कारण बनारस और आसपास के इलाकों के हिंदुओं जिनमें प्राचीन मंदिर कि देखरेख करने वाला ब्राह्मण समूह भी है, को तंग करते हैं।…. बादशाह अपने मातहतों को आदेश देते हैं कि कोई भी व्यक्ति गैर-कानूनी तरीके से बनारस या आसपास के किसी हिंदू को तंग न करे ताकि वो अपने परंपारगत स्थान पर रह सकें और मुगल सल्तनत की सलामती के लिए दुआ कर सकें।” बनारस के फरमान के बाद औरंगजेब ने कई अन्य जगहों पर ऐसे ही आदेश भेजे जिसमें हिंदुओं को मुगल सल्तनत की सलामती की दुआ के लिए अकेले छोड़ देने की बात कही गई।

सोशल मीडिया पर एक मीडिया समूह ने इसी किताब का रिव्‍यू शेयर किया था। जिसके बाद यूजर्स ने औरंगजेब को लेकर #YoAurangzebSoNoble (औरंगजेब इतना भी अच्‍छा नहीं) हैशटैग चला दिया। इस हैशटैग के साथ लोगों ने इस किताब और उसमें व्‍यक्‍त किए गए विचारों पर तंज कसा है। हिंदुओं के प्रति ‘उदार’ रवैये के दावे पर ताना मारते हुए अब तक करीब 12 हजार ट्वीट किए जा चुके हैं।