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Happy Teachers Day 2016: जानिए 5 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं शिक्षक दिवस

Teachers Day 2016: यह दिन हमें उस महान व्यक्तित्व की याद दिलाता है जो एक महान शिक्षक के साथ-साथ राजनीतिज्ञ एवं दार्शनिक भी थे।
हर साल 5 सितंबर को टीचर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है।

हर साल 5 सितंबर को शिक्षकों के सम्मान के रूप में सम्पूर्ण भारत में शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) के मनाया जाता है। शिक्षक दिवस का आयोजन करके हम एक महान शिक्षक, राजनीतिज्ञ एवं दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भी याद करते हैं। भारत को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाले डॉ. राधाकृष्णन एक महान शिक्षक होने के साथ-साथ स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति तथा दूसरे राष्ट्रपति थे। उनका जन्म 5 सितंबर को ही हुआ था, तभी यही कारण है कि शिक्षक दिवस 5 सितंबर को आयोजित किया जाता है।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर सन् 1888 को जन्म तमिलनाडु के तिरुतनी गॉव में हुआ था। वह वे आर्थिक रूप से बहुत कमजोर परिवार से थे और शुरू से ही पढाई-लिखाई में काफी रूचि रखते थे। राधाकृष्णन की आरंभिक शिक्षा तिरूवल्लुर के गौड़ी स्कूल और तिरूपति मिशन स्कूल में हुई। इसके बाद में मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से उन्होंने पढाई पूरी की। 1902 में मैट्रिक स्तर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और छात्रवृत्ति भी प्राप्त की। डॉ. राधाकृष्णन ने 1916 में दर्शन शास्त्र में एम.ए. किया और मद्रास रेजीडेंसी कॉलेज में इसी विषय के सहायक प्राध्यापक का पद संभाला। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का विवाह 16 वर्ष की आयु में सन् 1903 में दूर के रिश्ते की बहन ‘सिवाकामू’ के साथ सम्पन्न हो गया। शिक्षा और राजनीति में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए राधाकृष्णन को वर्ष 1954 में भारत के सर्वोच्‍च सम्‍मान भारत रत्‍न से नवाजा गया था।

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भारत को स्वतंत्रता मिलने के समय जवाहरलाल नेहरू ने राधाकृष्णन से विशिष्ट राजदूत के रूप में सोवियत संघ के साथ राजनयिक कार्यों की पूर्ति करने का आग्रह किया। 1952 तक वह राजनयिक रहे, जिसके बाद उन्हें उपराष्ट्रपति के पद पर नियुक्त किया गया। 1962 में राजेन्द्र प्रसाद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति का पद संभाला। सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का निधन 17 अप्रैल 1975 को एक लम्बी बीमारी के बाद हो गया।

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बच्चों को भी इस महान शिक्षक से विशेष लगाव था। कहा जाता है कि एक बार उनके मित्रों और शिष्यों ने उनसे आग्रह किया कि वे 5 सितंबर को उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाना चाहते हैं। डॉक्टर राधाकृष्णन इस बात से अभिभूत हो गए और कहा, ‘मेरा जन्मदिन ‘शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाने के आपके निश्चय से मैं स्वयं को गौरवान्वित अनुभव करूँगा।’ तभी से 5 सितंबर देश भर में शिक्षक दिवस या Teachers Day के रूप में मनाया जा रहा है।

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