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DU की घोषणा, SC/ST छात्रों को ‘0’ अंक लाने पर भी मिलेगा PHD में दाखिला, अन्य छात्र लाएं 94 अंक

कॉलेज ने कुल 223 छात्रों को साक्षात्कार के लिए 31 से 4 अगस्त (2017) की तिथि रखी थी।
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया है। (फाइल फोटो)

टॉप कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ना हार छात्र का सपना होता है लेकिन हाई कटऑफ की वजह से हजारों छात्रों के लिए ये महज सपना बनकर रह जाता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के टॉप कॉलेजों में तो 90 फीसदी अंक लाने वाले छात्रों के लिए भी दाखिला लेना काफी मुश्किल भरा होता है, क्योंकि इन कॉलेजों की कटऑफ ज्यादातर 99 फीसदी ही रहती है। लेकिन अगर पीएचडी में दाखिला लेने की प्रक्रिया के बारे में बात करें तो यहां आंकड़ें बहुत चौंकाने वाले हैं। क्योंकि संस्थान ने एससी, एसटी छात्रों को दाखिला देने के लिए कटऑफ को जीरो फीसदी तक कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गणित विभाग ने पीएसडी में दाखिले के लिए सामान्य वर्ग के लिए जहां न्यूनमत अंक 200 में से 94 रखें है, ओबीसी के लिए 84 फीसदी जबकि एससी और एसटी वर्ग के छात्रों के लिए जीरो फीसदी रखा है।

कॉलेज ने कुल 223 छात्रों को साक्षात्कार के लिए 31 से 4 अगस्त (2017) की तिथि रखी थी। हालांकि सोशल मीडिया पर गणित विभाग के इस फैसले की जमकर आलोचना हो रही है।  एक छात्र ने लिखा कि शून्य अंक की योग्यता पर चयनित छात्र पीएचडी करेंगे और बाद में यह शिक्षक बनेंगे और यही आपको पढ़ाएंगे। उधर, डीयू सूत्रों का कहना है कि आरक्षित वर्ग में कई ऐसे छात्र हैं जिन्होंने-6 अंक भी पाए हैं ऐसे में विभाग के समक्ष दुविधा हो गई थी इसलिए उन्होंने योग्यता शून्य रखना ही ठीक समझा। ट्विटर पर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

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