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तेजस्‍वी यादव ने सुशील मोदी को दी चुनौती- कागजात लेकर मंद‍िर में कहें क‍ि 13 एकड़ जमीन क‍िसकी है, लोगों ने घेरा

तेजस्वी यादव ने लिखा है, "सुशील मोदी को छपास की इतनी बीमारी है कि खबरों में आने के लिए मनगढ़ंत झूठ, कोरी बकवास करने और अफ़वाह का ढोल पीटने से भी बाज नहीं आएंगे।"
बिहार के उप- मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने ट्वीट करके मीडिया पर निशाना साधा है।

बिहार के उप मुख्यमंत्री और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी को चुनौती है कि वो अगर सच्चे हिन्दू धर्मी हैं तो मंदिर में चलकर सबूत और कागजात के साथ कहें कि तथाकथित 13 एकड़ जमीन लालू परिवार की है बीजेपी सांसद की नहीं। ट्विटर पर ताबड़तोड़ कई पोस्ट शेयर करते हुए तेजस्वी ने आरोप लगाया है कि सुशील मोदी बेरोजगार हैं, इसलिए झूठ और अफवाह का ठेका उठाए हुए हैं। तेजस्वी ने लिखा है कि उनकी बातों में कोई सलत्यता नहीं होती है, इसीलिए उनकी पीसी (प्रेस कॉन्फ्रेन्स) में बीजेपी का कोई वरिष्ठ नेता नहीं आता है। तेजस्वी ने लिखा है, “कोई आपको उपहार दे और आप लेना ना चाहें तथा वह उपहार लौटा दें। फिर भी 24 वर्ष बाद सुशील मोदी जैसे लोग झूठ की उल्टियां करने से बाज़ नहीं आते।”

तेजस्वी यादव ने लिखा है, “सुशील मोदी को छपास की इतनी बीमारी है कि खबरों में आने के लिए मनगढ़ंत झूठ, कोरी बकवास करने और अफ़वाह का ढोल पीटने से भी बाज नहीं आएंगे।” उन्होंने आगे लिखा है, “सुशील मोदी अगर सच्चे धर्मी हैं तो बताये जिस 13 एकड़ ज़मीन का ज़िक्र वह कर रहे हैं क्या वह BJP सांसद रमा देवी व परिवार के नाम रेजिस्टर्ड नहीं है।” तेजस्वी यादव ने ट्विटर पोस्ट के माध्यम से मीडिया पर भी निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है कि डीड 1993 में ही कैंसिल की जा चुकी है, उनकी जमीन उन्हें वापस की जा चुकी है, बावजूद इसके समर्थित मीडिया को सच से कुछ लेना-देना नहीं है।

दरअसल, सुशील कुमार मोदी ने एक दिन पहले 4 जुलाई को आरोप लगाया था कि मौजूदा बीजेपी सांसद रमा देवी ने साल 1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव को मुजफ्फरपुर के किशनगंज मौजा में स्थित दो भूखंड उपहार में दिए थे। इनमें से एक भूखंड का रकबा 9 एकड़ 24 डिसमिल और दूसरे भूखंड का रकबा 3 एकड़ 88 डिसमिल था। कुल 13 एकड़ 12 डिसमिल जमीन रमा देवी ने उपहार के तौर पर लालू यादव के बेटे को लिखा था और वजह बताई थी कि तेज प्रताप उनकी अच्छी देखभाल करते हैं। यह अलग बात है कि उन दिनों तेज प्रताप की उम्र मात्र तीन साल थी।

रमा देवी के पति बृजबिहारी प्रसाद लालू सरकार में मंत्री थे। सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि मंत्री बनाने के एवज में ही बृजबिहारी प्रसाद की पत्नी रमा देवी ने यह जमीन लालू के बेटे के नाम की थी। अब जब तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर अपनी बात शेयर की है तो लोगों ने उन्हें घेर लिया है। यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है, “एक और पप्पू पगलैट पैदा हो गया।” एक अन्य यूजर ने पिता का नाम लालू लिखने पर तेजस्वी को घेरा, “लालू जी क्या पीस निकाली है, सच मे इसे कहते है महामूर्ख, अपने बाप नाम भी इज्जत से नही ले सकता, बताओ बेटा भी बाप को लालू कहता है ?” एक दूसरे यूजर ने लिखा है, “घटिया राजनीति के अलावा लालू लोगो को लल्लू बना कर जमीन हड़पने का भी धंधा करता है, बिहार में बहार है जमीन हड़पने वालों की सरकार है।”

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