ताज़ा खबर
 

श्री श्री रविशंकर का असदुद्दीन ओवैसी ने उड़ाया मजाक, लाइव शो में कहा चिंदी चोर

यूपी के शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने पिछले महीने श्री श्री रविशंकर से मुलाकात कर उनसे राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में मध्यस्थता करने की अपील की थी।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी। (FILE PHOTO)

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अयोध्या विवाद हल करने के लिए आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की कोशिशों पर हमला करते हुए उन्हें चिंदी चोर कह डाला। औवैसी ने एक न्यूज चानल के डिबेट शो में ये बात कही। आपको बता दें कि श्री श्री रविशंकर 16 नवंबर को मुस्लिम नेताओं से राम मंदिर पर बात करने के लिए अयोध्या जाने वाले हैं। इसी मुद्दे पर हिंदी न्यूज़ चैनल आज तक पर एक डिबेट शो रखा गया था। इस शो में तमाम मेहमानों के साथ ही बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा और AIMIM के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन औवैसी मौजूद थे। शो में संबित पात्रा के एक सवाल का जवाब देते हुए ओवैसी ने श्री श्री को चिंदीचोर तक कह दिया। ओवैसी ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मामले में पहले ही कह चुका है कि उसे किसी तरह का ऑफर स्वीकार नहीं है। इसलिए इस मुद्दे पर रविशंकर को पतंगबाजी नहीं करनी चाहिए। श्री श्री की खिल्ली उड़ाते हुए ओवैसी ने कहा, ‘पहले एनजीटी ने जो जुर्माना उनपर लगाया है वो उसे चुकाये फिर शांति की बात करें। ओवैसी के मुताबिक अयोध्या केस को सुलझाने के लिए मध्यस्थता के उनके प्रस्ताव को लेकर उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं मिलने वाला है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने पिछले महीने आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की और उनसे राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में मध्यस्थता करने की अपील की थी। वसीम रिजवी ने कहा था कि वे भी इस विवाद को सुलझाना चाहते हैं और इस मुद्दे का ऐसा समाधान चाहते हैं जो दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. M
    Mandhata Prasad
    Nov 15, 2017 at 6:01 am
    घटिया और बद्तमीजो की भासा बोलकर ोबैकसी बोलकर ही नेता बना हुआ है
    (0)(0)
    Reply
    1. M
      manish agrawal
      Nov 14, 2017 at 10:05 pm
      कल्याण सिंह की बीजेपी हुकूमत ने, हिन्दोस्तान की अदालत-ए-उज़्मा में, हलफनामा दिया हुआ था की बाबरी मस्जिद की पूरी हिफाज़त की जायेगी, लेकिन फिर भी मस्जिद को शहीद कर दिया गया ! यानि बीजेपी हुकूमत की नाकामयाबी और अदालत द्वारा दिए गए stay को कायम रखवाने में नाफरमानी साबित हुयी ! जब अदालत के जारी किये गए stay के हुक्मनामे के बाबजूद बाबरी मस्जिद को शहीद कर दिया गया तो क्या अदालत की ये जिम्मेदारी नहीं बनती थी की पहले बाबरी मस्जिद की दोवारा तामीर करवाकर, स्टे आर्डर को enforce कराया जाता , और तब तक अदालती कार्रवाई मुल्तवी रखी जाती?अयोध्या में प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था,इस बात से किसी को इंकार नहीं, पर माता कौशल्या ने बाबरी मस्जिद वाले भूखंड पर ही उनको जन्म दिया था,ये तथ्य साबित नहीं किया जा सकता ! हिन्दोस्तां के पुरातत्व सर्वेक्षण महकमे के द्वारा बाबरी मस्जिद के नीचे खुदाई की गयी थी,उसमे निकले अवशेष की कार्बन डेटिंग से यदि वो डेढ़ लाख वर्ष पुराने राजा दशरथ के महल के साबित हों, तब कुछ बात बनेगी , अन्यथा ये सब वकवास है ! हिन्दुओं की किसी भी मज़हबी किताब में रामजन्मभूमि की कोई निशानी नहीं दी गयी है !
      (2)(1)
      Reply