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मुसलमान होने के चलते जुनैद के कत्‍ल पर रेणुका शहाणे ने ल‍िखा भावुक कर देने वाला पोस्‍ट…मेरा बेटा भी 16 का हो रहा है

शहाणे ने लिखा है, "अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जो उस घटना को सही ठहरा रहे हैं। हां, मुझे पता है...नफरत हर तरह की हिंसा को सही और न्यायोचित ठहराता है।"
अपने दोनों बेटों के साथ रेणुका शहाणे। (फोटो- फेसबुक)

अभिनेत्री रेणुका शहाणे ने पिछले हफ्ते दिल्ली-पलवल ट्रेन में बीफ के शक में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर 16 साल के जुनैद के कत्ल पर गहरी नाराजगी और गुस्सा जाहिर किया है। शहाणे ने सोशल मीडिया फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखा है। ‘नॉट इन माय नेम’ शीर्षक से अपने लेख में शहाणे ने लिखा है कि उनका बेटा भी अगले साल 16 साल का होने जा रहा है। उन्होंने लिखा है कि 16 साल के जुनैद का कत्ल नफरत की सियासत का जीता-जागता उदाहरण है। उस ट्रेन में मौजूद भीड़ इंसान नहीं बल्कि क्रूर लोगों का जत्था था। उन्होंने लिखा कि मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि जुनैद का मजहब क्या था या उसे पीट-पीटकर, नृशंस तरीके से मारनेवालों का मजबह क्या है। मुझे मतलब सिर्फ इतने से है कि कैसे कोई नृशंस भीड़ किसी 16 साल के बच्चे को इतने बुरी तरीके से पीट सकता है और उसकी जान ले सकता है।

शहाणे ने लिखा है कि उनका बड़ा बेटा भी अगले साल 16 साल का होने जा रहा है। उनका दिल जुनैद की मां के लिए फटा जा रहा है। उन्होंने लिखा है कि जुनैद को सिर्फ क्रूर भीड़ ने ही नहीं मारा, उसे उनलोगों ने भी मारा है जिन्होंने उन्मादी भीड़ की आंखों में खून और पागलपन देखते हुए भी चुप रहना बेहतर समझा और जुनैद के लिए एक शब्द तक नहीं निकाला।

शहाणे ने लिखा है, “अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जो उस घटना को सही ठहरा रहे हैं। हां, मुझे पता है…नफरत हर तरह की हिंसा को सही और न्यायोचित ठहराता है।” अभिनेत्री ने लिखा है कि देश में भीड़तंत्र द्वारा ऐसी वारदातों की एक लंबी फेहरिस्त है। अब तो यह सामान्य सी बात हो गई है। अब कोई इस पर चर्चा तक नहीं करता। कोई यह जानने की भी जहमत नहीं करता कि इन घटनाओं के अपराधियों के साथ क्या हुआ, क्या वो पकड़े गए या उन्हें सजा मिली भी या नहीं।

शहाणे ने लिखा है कि हमलोगों ने अब तक कई दंगे झेले हैं, आतंकी हमले झेले हैं, धोखाधड़ी और भीड़ द्वारा लोगों की हत्याएं देखी और सुनी हैं लेकिन हमने किसी भी एक घटना से कोई सबक नहीं लिया। इन सभी घटनाओं में एक सामान्य सी बात है कि निर्दोष लोग इन सभी मामलों में शिकार बनते रहे हैं। वे सभी निर्दोष अमूमन गरीब तबके से होते हैं। वे सभी ऐसे लोग होते हैं जो संघर्ष नहीं कर पाते हैं। यह सबसे बड़ी और दुखद सच्चाई है कि निर्दोष मारे जा रहे हैं और नफरत करने वाले राज कर रहे हैं।

रेणुका शहाणे का फेसबुक पोस्ट:

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  1. J
    jameel shafakhana
    Jul 1, 2017 at 1:23 pm
    LING CHHOTA, DHEELA OR TEDHA HA TO AAJMAIYE YE NUSKHA NILL SHUKRANUO KA GUARANTEE KE SATH SAFAL AYURVEDIC TREATMENT LING ME UTTEJNA ATE HI NIKAL JATA HAI TO KHAYEN YE NUSKHA : jameelshafakhana
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    Reply
    1. M
      Mukesh Parmar
      Jun 29, 2017 at 3:16 pm
      यसले आरएसएस वाले नहीं सुधर sakte
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      Reply
      सबरंग