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आसाराम का पुराना वीडियो: बोला- हमेशा सोचता था जेल कैसे जाऊं? जेल के मजे लेने का मन है मेरा

राजस्थान के जोधपुर में यौन हिंसा मामले में जेल में बंद आसाराम का एक वीडियो वायरल हो रहा है।
आसाराम पर 16 साल की लड़की का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है

राजस्थान के जोधपुर में यौन हिंसा मामले में जेल में बंद आसाराम का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर वायरल हो रहा है। जिसमें कथित तौर पर आसाराम कहता नजर आ रहा है कि वो हमेशा सोचता था कि जेल में कैसे जाए वीडियो में आसाराम कह रहा है, ‘मेरा जो संकल्प होता है उसे देर-सवेर भगवान पूरा कर ही देते हैं। मैंने तिहाड़ जेल में जाने का भी संकल्प लिया है। कैसे जाऊंगा। ऐसे ही जाऊं या फिर सरकार ही तिहाड़ जेल में रहने की कोई योजना बना दे। सारा जेल बदल दूंगा।’ वीडियो में वहां उपस्थित भक्त उसे जेल ना जाने के लिए कह रहे हैं। इस पर आसाराम उनसे साबरमति जाने के लिए पूछ रहा है। आसाराम कह रहा है कि जेल में जाकर वहां के मजे लेने का उसका मन है। वीडियो में आसाराम कह रहा है, ‘मैंने तिहाड़ जेल के ऊपर से हेलीकॉप्टर भी घुमाया है। जहां देखा की अंदर से कैसा है तिहाड़। सोच रहा था कि कैसे तिहाड़ में जाऊं?’ वीडियो में आसाराम भक्तों से कह रहा है कि वो कैदी की तरह जेल में नहीं जाएगा बल्कि शहंशाह की तरह जाएगा। गुनाहगार होकर जेल में क्या जाना। हम तो गुनाहगारों को बेगुनाह बनाएंगे।


गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम के खिलाफ बलात्कार के मामले की धीमी प्रगति पर सोमवार को चिंता जताते हुए गुजरात सरकार से इस मामले की प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि इस मामले में अभी तक पीड़ित से पूछताछ क्यों नहीं की गई है। अदालत पहले ही आसाराम की कई जमानत याचिकाएं खारिज कर चुकी है। अदालत उसकी नई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। न्यायमूर्ति एनवी रमण और न्यायमूर्ति अमिताव रॉय के पीठ ने सवाल किया कि मुकदमे की सुनवाई तेजी से करने के निर्देश के बावजूद इसमें देरी क्यों हो रही है? अभी तक पीड़ित से पूछताछ क्यों नहीं हुई? इस पर राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मुकदमे में साक्ष्यों को दर्ज करने का काम तेजी से करने संबंधी निर्देश अप्रैल में दिए गए थे। पीठ ने सवाल किया, ‘इस मामले में अभी तक पीड़िता का बयान क्यों नहीं दर्ज हुआ। वह इस मामले की सबसे अहम गवाह है।’ मेहता ने पीठ को बताया कि इस मामले के दो अहम गवाहों की हत्या हो चुकी है। एक लापता है। उन्होंने कहा कि पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही अदालत उससे पूछताछ की करेगी। आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगडे और वकील सौरभ अजय गुप्ता ने कहा कि उन्हें अपने मुवक्किल का बचाव करना है और यह सिर्फ पीड़िता से पूछताछ के बाद ही होगा। इसलिए वह जमानत का अनुरोध कर सकते हैं।

पीड़िता के वकील ने इस मामले की तेजी से सुनवाई कराने का अनुरोध किया और कहा कि न्यायालय को उससे 23 सितंबर से पहले ही पूछताछ करने का निर्देश देना चाहिए। निचली अदालत में इस मामले की सुनवाई अब 23 सितंबर को होनी है। पीठ ने इस पर गुजरात सरकार को मुकदमे की सुनवाई की स्थिति का ब्योरा देते हुए एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और फिर इसे दीवाली के बाद सूचीबद्ध कर दिया। शीर्ष अदालत ने 12 अप्रैल को गुजरात की निचली अदालत से कहा था कि सूरत की दो बहनों द्वारा आसाराम के खिलाफ दर्ज यौन हिंसा के मामले में अभियोजन के गवाहों के बयान दर्ज करने का काम तेज किया जाए। न्यायालय ने निचली अदालत से कहा था कि इस मामले में पीड़िता सहित अभियोजन के शेष 46 गवाहों के बयान दर्ज किए जाएं। न्यायालय इससे पहले राजस्थान और गुजरात में यौन हिंसा के दो अलग अलग मामलों में गिरते स्वास्थ्य सहित विभिन्न आधारों पर जमानत के लिए आसाराम की याचिकाएं खारिज कर चुका है। न्यायालय ने 30 जनवरी को आसाराम की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि आरोपी ने जमानत के लिए न्यायालय के समक्ष फर्जी दस्तावेज पेश किए हैं और उसने इस मामले में ऐसे दस्तावेज तैयार करने और कथित फर्जी दस्तावेज दाखिल करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश भी दिया था। बता दें कि आसाराम को जोधपुर में यौन हिंसा के एक मामले में 31 अगस्त 2013 को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वह जेल में हैं।

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