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NASA: आईएसएस के भावी अभियान के लिए पांच अंतरिक्षयात्री नियुक्त

नासा ने पांच अंतरिक्षयात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में भावी अभियानों के लिए नियुक्त किया है। यह जानकारी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने दी है।
Author वाशिंगटन | March 29, 2017 23:52 pm
नासा ने पांच अंतरिक्षयात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में भावी अभियानों के लिए नियुक्त किया है। यह जानकारी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने दी है।

नासा ने पांच अंतरिक्षयात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में भावी अभियानों के लिए नियुक्त किया है। यह जानकारी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने दी है। अंतरिक्षयात्रियों- जो अकाबा, रिकी आरनल्ड, निक हेग, सेरेना औनन-चांसलर और शैनन वॉकर ने इस साल के अंत में शुरू होने और पूरे वर्ष 2018 में चलने वाले अभियानों के लिए प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। अकाबा को सबसे पहले भेजा जाएगा। उन्हें अभियान 53 और 54 के चालक दल के लिए चुना गया है। इनमें पहले से ही नासा के मार्क वांदे हेई और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोसकॉस्मोस के एलेग्जेंडर मिसरकिन शामिल हैं। इन्हें सितंंबर में सोयूज अंतरिक्षयान से भेजा जाएगा। वाकर को अकाबा के बैकअप (मददगार) के तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। आरनल्ड मार्च 2018 में शुरू होने वाले अभियान 55 और 56 में शामिल होंगे। अकाबा और आरनल्ड को मिले ये अभियान दरअसल उस हालिया समझौते के परिणाम हैं, जिसे अंतरिक्ष स्टेशन के विज्ञान एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2017 और 2018 में चालक दल के सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए किया गया था।

इससे पहले खबर आई थी कि नासा अगले साल सूर्य पर अपना पहला रोबोटिक अंतरिक्षयान भेजने की योजना बना रहा है। सूर्य के वातावरण की जांच करने के लिए इस अंतरिक्ष यान को इसमें 60 लाख किलोमीटर तक भेजे जाने की योजना है। इंसान चांद, मंगल और यहां तक कि सुदूर अंतरिक्ष में भी अंतरिक्षयान भेज चुका है। अब नासा की योजना सूर्य पर सोलर प्रोब प्लस मिशन भेजने की है। सूर्य पृथ्वी से लगभग 14.90 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर है। गोड्डार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में नासा के अनुसंधान वैज्ञानिक एरिक क्रिश्चियन ने कहा, ‘यह सूर्य के लिए भेजा जाने वाला हमारा पहला मिशन होगा।’

क्रिश्चियन ने कहा, ‘हम सूर्य की सतह पर नहीं पहुंच सकते लेकिन यह मिशन उसके इतना करीब तो पहुंच ही जाएगा कि तीन अहम सवालों के जवाब दे सके।’ यह मिशन संभवत: इस बात का जवाब दे पाएगा कि सूर्य की सतह उसके वातावरण जितनी गर्म क्यों नहीं है। नासा के अनुसार, सूर्य की सतह का ताप महज 5500 डिग्री सेल्सियस है जबकि उसके वातावरण का ताप 20 लाख डिग्री सेल्सियस है। ‘लाइव साइंस’ की रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिक यह भी जानना चाहते हैं कि सौर हवाओं को उनकी गति कैसे मिलती है। इस मिशन से यह भी पता चल सकता है कि सूर्य कई बार इतनी अधिक ऊर्जा के कण क्यों उत्सर्जित करता है, जो असुरक्षित अंतरिक्षयात्रियों एवं अंतरिक्षयानों के लिए खतरा पैदा करते हैं।

 

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