December 02, 2016

ताज़ा खबर

 

500 और 1000 नोट बंद होने के चलते कर रहे ऑनलाइन लेनदेन तो बरतें ये सावधानी, नहीं तो…

केंद्र सरकार के 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के फैसले के बाद देश में इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रांजेक्‍शन बढ़ गया है।

चित्र का इस्‍तेमाल केवल प्रस्‍तुतिकरण के लिए किया गया है।

केंद्र सरकार के 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के फैसले के बाद देश में इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रांजेक्‍शन बढ़ गया है। सरकार के विमुद्रीकरण के फैसले के बाद माना जा रहा है कि देश में प्‍लास्टिक मनी का चलन बढ़ेगा। इसके चलते डाटा सिक्‍योरिटी और गोपनीयता को भी खतरा बढ़ा है। कई भारतीय तो पहली बार डिजीटल ट्रांजेक्‍शन करने जा रहे हैं। इसके चलते डेबिट/ क्रेडिट कार्ड के ऑनलाइन उपयोग को लेकर अधिक सतर्कता बरतने की जरुरत है। नॉर्टर्न साइबर सिक्‍योरिटी इनसाइट्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत में ऑनलाइन यूजर अधिकांश समय मालवेयर और डाटा थेफ्ट के जोखिम से घिरे रहते हैं। आइए जानते हैं ऑनलाइन लेन-देन करते समय किेस तरह की सावधानी जरूरी है:

सही पासवर्ड चुनना: ऑनलाइन लेन-देन के लिए बेसिक नियम है। बावजूद इसको लेकर यूजर सबसे अधिक लापरवाह दिखाई देते हैं। आज भी ‘12345’ पासवर्ड सबसे ज्‍यादा यूज किया जाता है। वहीं कई लोग अपने पालतू जानवर या बच्‍चे के नाम को पासवर्ड बनाते हैं। लेकिन अगर यह जानकारी ऑनलाइन मौजूद है तो फिर आपके लिए खतरा हो सकता है। सोशल मीडिया और डेबिट कार्ड उपयोग की वेबसाइट्स पर पासवर्ड यूनिक होने चाहिए। इनमें स्‍पेशल कैरेक्‍टर और अंक भी शामिल होने चाहिए। इसी तरह से अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन शॉपिंग साइट और पेटीएम व मोबीक्विक जैसी डिजीटल पेमेंट साइट के पासवर्ड भी स्‍पेशल होना चाहिए। साथ ही पासवर्ड को कभी भी लिखकर ना रखें और ना ही इन्‍हें किसी से शेयर करें।

वाईफाई सिक्‍योरिटी: नॉर्टर्न के अनुसार भारतीयों को सार्वजनिक वाईफाई काफी पसंद हैं। लेकिन इसके साथ आने वाले जोखिमों को लेकर वे लापरवाह होते हैं। इसलिए घर पर वाईफाई लगाने पर डिफॉल्‍ट पासवर्ड में बदलाव करें। साथ ही इन पासवर्ड को समय-समय पर बदलते भी रहें। सार्वजनिक वाईफाई को यूज करते समय वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्‍तेमाल करें, फिर चाहें आप वाट्सएप या फेसबुक ही चला रहे हैं। वीपीएन आपके स्‍मार्टफोन की जासूसी होने से रोकता है।

टू फेक्‍टर ऑथेंटिकेशन: जीमेल, फेसबुक के लिए टू फेक्‍टर ऑथेंटिकेशन का प्रयोग करना चाहिए। इससे आपका फोन आपके अकाउंट से जुड़ जाता है और जब भी आप नई डिवाइस से लॉग इन करते हैं तो फोन पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आता है। सार्वजनिक कंप्‍यूटर और काम की जगह पर सोशल मीडिया यूज करने वालों को इससे काफी मदद मिलेगी। वॉट्सएप के लिए एंड्रायॅड पर हाल ही में टू फेक्‍टर ऑथेंटिकेशन शुरू किया गया है।

फिशिंग लिंक: वॉट्सएप और ईमेल पर कई बार लिंक आते हैं। इनमें वॉट्सएप का गोल्‍ड वर्जन और फ्री फोन मिलने के लिेंक होते हैं। इस तरह के लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। ये लिंक गोपनीय जानकारी जानने के लिए तैयार किए जाते हैं। इनके जरिए अकाउंट नंबर, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी जाती है। फेसबुक पर भी इस तरह के लिंक आते हैं। इनसे बचना चाहिए क्‍योंकि एक बार डाटा लीक होने पर फाइनेंस से जुड़ी सारी जानकारी गलत हाथों में चली जाती है।

India vs England दूसरा टेस्‍ट लाइव स्‍कोरकार्ड

महाराष्‍ट्र के मंत्री और भाजपा नेता की गाड़ी से बरामद हुए 92 लाख रुपये, देखें वीडियो: 

नोटबंदी के मुद्दे पर पीएम मोदी ने देर रात बुलाई बैठक; 24 नवंबर तक चलेंगे 500-1000 रुपए के पुराने नोट:

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 18, 2016 3:08 pm

सबसे ज्‍यादा पढ़ी गईंं खबरें

सबरंग