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सेहत- बरसात में बालों और त्वचा की देखभाल

बालों को शैंपू से धो लेने से सिर की गंदगी साफ हो जाती है। सामान्य मौसम में यह धारणा सही है, पर बरसात में सिर्फ शैंपू या साबुन से सिर की सफाई नहीं हो पाती। इसके लिए कुछ दूसरे उपाय भी आजमाए जाने चाहिए।
Author July 2, 2017 01:38 am
बगलों और जांघों के बीच, जहां पसीना अधिक निकलता है, सफाई का विशेष ध्यान रखें। नहाने के पानी में अगर डिटॉल की दो-तीन बूंदें मिला लें, तो उससे बैक्टीरिया की सफाई हो जाती है।

मच्छर और कीट से बचाव

बरसात के मौसम में उमस होने के कारण त्वचा और बालों में गंदगी जमा होने की संभावना बढ़ जाती है। दूसरे मौसम की अपेक्षा इस दौरान कई प्रकार के बैक्टीरिया तेजी से पैदा होते हैं, इसलिए उनके हमले की आशंका रहती है। गरमी की वजह से पसीना तो निकलता है, पर त्वचा पर बाहर की गंदगी भी जमती रहती है। इसके चलते अक्सर बालों में चिपचिपाहट आ जाती है। उनमें से बदबू आने लगती है। सिर में रूसी की परत जमनी शुरू हो जाती है। त्वचा पर दाने निकलने लगते हैं। इसी तरह शरीर के जो अंग हमेशा कपड़े से ढंके रहते हैं, वहां पसीने की गंदगी जम जाती है। बरसात में भीगने के बाद कपड़े देर तक गीले रहने की वजह से फंगस पैदा होती है और वहां खुजली शुरू हो जाती है। इसलिए बरसात में त्वचा और बालों की सफाई का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है।

बालों को ऐसे धोएं

अधिकतर लोगों का मानना है कि बालों को शैंपू से धो लेने से सिर की गंदगी साफ हो जाती है। सामान्य मौसम में यह धारणा सही है, पर बरसात में सिर्फ शैंपू या साबुन से सिर की सफाई नहीं हो पाती। इसके लिए कुछ दूसरे उपाय भी आजमाए जाने चाहिए-

’हफ्ते में कम से कम एक दिन रात को सोने से पहले तिल का तेल गरम करें और रूई के फाहे से गुनगुना तेल सिर में लगाएं। तिल की जगह आॅलिव आयल भी इस्तेमाल किया जा सकता है। फिर तौलिया को गरम पानी में भिगोएं और उसे निचोड़ कर सिर पर लपेट लें। पांच से दस मिनट तक ऐसे ही रखें। यह प्रक्रिया कम से चार बार दोहराएं। इस तरह तेल बालों की जड़ों में अच्छी तरह समा जाता है और खोपड़ी पर जमी मैल नरम हो जाती है। रात भर तेल लगा रहने दें। ’सुबह सिर में नीबू का रस लगाएं और बीस मिनट तक छोड़ें। उसके बाद बालों को धो लें। नहाते समय हल्के शैंपू का इस्तेमाल करें। ’बरसात में चूंकि बालों में गंदगी अधिक जमा होती है, इसलिए वे चिपचिपे और तैलीय हो जाते हैं। उनकी सफाई के लिए हफ्ते में कम से कम चार बार शैंपू अवश्य करें। हल्के औरऔषधीय शैंपू का इस्तेमाल करें। बालों को रोज धोएं तो बेहतर रहेगा। ’बालों की चिपचिपाहट दूर करने के लिए चाय के पानी और नीबू का उपयोग बेहतर होता है। बालों की लंबाई के हिसाब से पानी लें। उसमें दो या तीन चम्मच चाय पत्ती उबाल लें। उसे ठंडा होने दें। फिर उसमें नीबू का रस निचोड़ लें। उस पानी से बालों को धो लें। ’बालों की बदबू मिटाने के लिए नहाने के आखिर में एक मग पानी में गुलाबजल की कुछ बूंदें मिला कर बालों को धो लें, खुशबू अच्छी आएगी।

त्वचा की सफाई
नहाते समय ध्यान रखें कि त्वचा पर लगा साबुन ठीक से धुल जाए। बगलों और जांघों के बीच, जहां पसीना अधिक निकलता है, सफाई का विशेष ध्यान रखें। नहाने के पानी में अगर डिटॉल की दो-तीन बूंदें मिला लें, तो उससे बैक्टीरिया की सफाई हो जाती है। अगर हफ्ते में कम से कम एक दिन पानी में नीम की पत्तियां डाल कर नहाएं तो उससे भी बैक्टीरिया नष्ट होते हैं। ’गीले तौलिया से त्वचा को हल्का रगड़ते हुए मैल हटाएं। गुनगुने पानी से नहाने पर मैल जल्दी साफ होती है। ’पसीना सूख जाए तभी नहाएं। ’अगर त्वचा पर घमौरियां निकल आई हैं तो महीन कपड़े में बरफ के टुकड़े रख कर उससे मालिश करें। घमौरियां शांत हो जाएंगी। घमौरियों पर टेलकम पाउडर छिड़कने से भी आराम मिलता है। ’अगर त्वचा पर फंगस लग गई है तो डॉक्टर की सलाह से उसे दूर करने वाली दवा का इस्तेमाल करें।

मच्छर और कीट
बरसात में नमी के चलते मच्छर और कीटों की बढ़वार अधिक होती है। अक्सर इनसे मुक्ति के लिए लोग तरह-तरह के रसायनों का इस्तेमाल करते हैं। मगर प्राकृतिक तरीके से भी कीटों और मच्छरों से बचाव हो सकता है। ’गुडनाइट की टिकिया का इस्तेमाल करने के बजाय उसकी मशीन में कपूर की टिकिया रख दें। उससे घर में खुशबू भी अच्छी आएगी, आप और बच्चों की सेहत पर कोई प्रतिकूल प्रभाव भी नहीं पड़ेगा और मच्छर भी भाग जाएंगे। ’नीम की पत्तियां सुखा कर उसे जला लें। उसके धुएं से कीट-पतंगे घर से निकल जाएंगे।
’बोरिक पाउडर यानी लाल दवा जो घाव पर लगाई जाती है, दवा की दुकान पर आसानी से मिल जाता है, घर के कोनों में रख दें, उससे कीट पतंगे घर में नहीं आएंगे।

 

 

 

 

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