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जानकारी- एल्बेट्रास

उड़ने वाले पक्षियों में सबसे अधिक पंखों का फैलाव एल्बेट्रास का होता है, जो कि एक समुद्री चिड़िया है।
Author May 15, 2017 22:45 pm
एल्बेट्रास

किरण बाला

प्रकृति ने तरह-तरह के परिंदे पैदा किए हैं लेकिन उड़ने वाले पक्षियों में सबसे अधिक पंखों का फैलाव एल्बेट्रास का होता है, जो कि एक समुद्री चिड़िया है। डिओमैडीडाइ परिवार के तहत आने वाली इस चिड़िया की एक दर्जन से अधिक किस्में हैं। आमतौर पर यह विषुवत रेखा के दक्षिण में पाई जाती है। एल्बेट्रास पंखों का फैलाव 1.2 मीटर होता है, लेकिन 18 सितंबर 1965 की इसके एक नमूने के परों का फैलाव 3.63 मीटर नापा गया था। एल्बेट्रास को नजदीक से देखें तो पाएंगे कि इसकी चोंच लंबी और भारी होती है। पंखे भले ही लंबे होते हों, लेकिन उनकी चौड़ाई कम होती है। उड़ने से पहले यह कुछ दूरी तक जमीन पर दौड़ लगाती है। अगर पानी में हो तो उड़ने से पहले अपने परों को चप्पुओं की भांति कुछ दूरी तक मारती है और फिर आसमान में उड़ जाती है। हवा में काफी ऊंचाई पर यह घंटों मंडरा सकती है।

एल्बेट्रास का मुख्य भोजन मछलियां हैं, लेकिन जलयानों द्वारा फेंके गए भोजनयुक्त कचरे में भी यह अपना भोजन तलाशती है। पीने में यह समुद्री पानी का सेवन करती है । जब इसे अंडा देना होता है तो समुद्री टापुओं या किनारे पर आकर खुली जमीन पर एक अंडा देती है जो रंग में सफेद और आकार में बड़ा होता है। जिसे नर और मादा मिलकर सेते हैं। घुमक्कड़ एल्बेट्रास 75 से 82 दिन तक अंडे सेती है। उनके बच्चों की शैशवावस्था काफी लंबी होती है यानी उन्हें उडने योग्य होने में तीन से दस महीनों का समय लगता है। इसके बाद वे अगले कुछ सालों तक उड़ान भरना और भोजन करना सीखते हैं। अल्बेट्रास की जीवन अवधि अन्य चिड़ियों के मुकाबले काफी
अधिक होती है।

प्रकृति ने तरह-तरह के परिंदे पैदा किए हैं लेकिन उड़ने वाले पक्षियों में सबसे अधिक पंखों का फैलाव एल्बेट्रास का होता है, जो कि एक समुद्री चिड़िया है। डिओमैडीडाइ परिवार के तहत आने वाली इस चिड़िया की एक दर्जन से अधिक किस्में हैं। आमतौर पर यह विषुवत रेखा के दक्षिण में पाई जाती है। एल्बेट्रास पंखों का फैलाव 1.2 मीटर होता है, लेकिन 18 सितंबर 1965 की इसके एक नमूने के परों का फैलाव 3.63 मीटर नापा गया था। एल्बेट्रास को नजदीक से देखें तो पाएंगे कि इसकी चोंच लंबी और भारी होती है। पंखे भले ही लंबे होते हों, लेकिन उनकी चौड़ाई कम होती है। उड़ने से पहले यह कुछ दूरी तक जमीन पर दौड़ लगाती है। अगर पानी में हो तो उड़ने से पहले अपने परों को चप्पुओं की भांति कुछ दूरी तक मारती है और फिर आसमान में उड़ जाती है। हवा में काफी ऊंचाई पर यह घंटों मंडरा सकती है।
एल्बेट्रास का मुख्य भोजन मछलियां हैं, लेकिन जलयानों द्वारा फेंके गए भोजनयुक्त कचरे में भी यह अपना भोजन तलाशती है। पीने में यह समुद्री पानी का सेवन करती है । जब इसे अंडा देना होता है तो समुद्री टापुओं या किनारे पर आकर खुली जमीन पर एक अंडा देती है जो रंग में सफेद और आकार में बड़ा होता है। जिसे नर और मादा मिलकर सेते हैं। घुमक्कड़ एल्बेट्रास 75 से 82 दिन तक अंडे सेती है। उनके बच्चों की शैशवावस्था काफी लंबी होती है यानी उन्हें उडने योग्य होने में तीन से दस महीनों का समय लगता है। इसके बाद वे अगले कुछ सालों तक उड़ान भरना और भोजन करना सीखते हैं। अल्बेट्रास की जीवन अवधि अन्य चिड़ियों के मुकाबले काफी
अधिक होती है। १

 

गीत

प्रकाश मनु

गब्बूजी ने दिल्ली देखी

गब्बूजी ने दिल्ली देखी,
दिल्ली की एक किल्ली देखी,
किल्ली एकदम ढिल्ली देखी
उस किल्ली में दिल्ली देखी।

ऐसी बांकी दिल्ली देखी
जैसी झांकी दिल्ली देखी,
जिसने भी दिल्ली में झांका
उसकी तबियत हिल्ली देखी।

फिर भी ऐसी दिल्ली देखी
जैसी सचमुच दिल्ली देखी,
पिल्ला देखा गुड्डे जैसा
गुर्राती एक पिल्ली देखी।

ठलुआ देखा, ठिल्ली देखी
बड़े मजे की गिल्ली देखी,

गिल्ली पहुंची नदिया पार
इस पर हल्ला-हिल्ली देखी।

जो भी कहता सीधी-सच्ची
उसकी उड़ती खिल्ली देखी,
अकड़-अकड़कर बातें करते
झल्लूजी की झिल्ली देखी।

दिल्ली के अंदर थी दिल्ली
दिल्ली के बाहर भी दिल्ली
उस दिल्ली पर बैठी बिल्ली
उस बिल्ली की खिल्ली देखी।

बरफ सरीखी सिल्ली देखी,
थोड़ी सी मरगिल्ली देखी
हा-हा, हल्ला-हिल्ली देखी
गब्बूजी ने दिल्ली देखी।

 

 

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First Published on May 14, 2017 5:47 am

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