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कहानीः सबक

घने जंगल में एक खतरनाक गिद्ध रहता था। उसे दूसरों को सताने और दुख देने में मजा आता था। कभी वह छोटे जानवरों के बच्चों को उठा ले जाता और उन्हें खाता नहीं बल्कि मार कर फेंक देता था।
Author December 4, 2016 01:23 am

उपासना बेहार

घने जंगल में एक खतरनाक गिद्ध रहता था। उसे दूसरों को सताने और दुख देने में मजा आता था। कभी वह छोटे जानवरों के बच्चों को उठा ले जाता और उन्हें खाता नहीं बल्कि मार कर फेंक देता था। सारे जानवर परेशान थे, लेकिन उसके नुकीले पंजे से डरते थे। उस जंगल में एक खरगोश रहता था। उसके तीन छोटे बच्चे थे, उन बच्चों के बाल रुई जैसे मुलायम और एकदम सफेद थे। जो भी जानवर उन्हें देखता प्यार और दुलार जरूर करता। एक दिन जब गिद्ध आसमान पर उड़ रहा था तो उसने देखा कि खरगोश मां बच्चों के लिए खाना लेने जा रही है और अपने बच्चों को घर से बाहर न निकलने की हिदायत दे रही है। बच्चों को समझा कर मां चली जाती है। गिद्ध की नजर उन बच्चों पर कई दिनों से थी। उसने सोचा ये सही समय है बच्चों को मारने का। वह सोच ही रहा था कि कैसे इन बच्चों को उनके घर से निकाले तभी एक बच्चा जमीन के अंदर बने अपने घर से बाहर निकल आया। बच्चा गिद्ध को देखने लगा। बच्चे की आंखें आश्चर्य से फैल गर्इं। इतना बड़ा पक्षी और इतने बड़े पंख कभी नहीं देखे थे।

उसे डर लगने लग लगा, वह जल्दी से वापस घर जाने को मुड़ा कि गिद्ध अपने भारी और नुकीले पंजों से उस बच्चे को पकड़ा और उड़ गया। जब खरगोश-मां घर आई तो देखा कि दो ही बच्चे हैं, तीसरे को वह आसपास ढ़ूंढ़ने लगी, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। कुछ दिनों बाद उसी जंगल में रहने वाले कबूतर के बच्चे गायब हो गए, कबूतर अपने बच्चों को ढूंढने निकला तो उसने एक पेड़ के नीचे उनके टूटे पंख देखे। उस पेड़ पर गिद्ध का घोंसला था। कबूतर समझ आ गया कि उसके बच्चों को गिद्ध ने ही मारा है। वह उदास हो कर वापस अपने घोंसले की तरफ आ रहा था कि रास्ते में उसकी मुलाकात खरगोश-मां से हुई। उसने पूछा-कबूतर बहन आप क्यों उदास हो? कबूतर ने रोते हुए पूरी घटना बताई। खरगोश मां ने कहा कि गिद्ध का अत्याचार बढ़ता जा रहा है, इसका कुछ हल ढूंढ़ना पड़ेगा। तभी उसे एक आइडिया सूझा। उसने कबूतर से कहा कि चलो, मेरे एक दोस्त के पास, शायद वह हमारी करेगा।

वे दोनों चूहों के राजा के पास पहुंचे और उसे गिद्ध की करतूतों के बारे में बता कर मदद मांगने लगे। राजा ने कहा कि आपकी क्या मदद कर सकता हूं। खरगोश माँ ने बताया कि गिद्ध जिस पेड़ पर रहता है आपके लोग उसके जड़ को रात में चुपचाप खोद दें ,रात में गिद्ध सोता है, उसे पता नहीं चलेगा और जैसे ही पेड़ गिरेगा वह भी नीचे गिर जाएगा और लोमड़ी उसे खा जाएगी। रात होते ही सारे चूहे जड़ खोदने में लग गए और थोड़ी देर में पेड़ के जड़ों को खोखला कर दिया। नींद में होने के कारण गिद्ध को पता ही नहीं चला और पेड़ भहरा कर गिर पड़ा। साथ में गिद्ध भी जमीन पर आ गया। तब उसकी नींद खुली तो देखा कि सामने लोमड़ी है। डर के मारे वह उड़ना भूल गया।

तभी खरगोश मां ने कहा कि किसी कमजोर जानवर को बिना मतलब परेशान करना और सताना गलत है। अब यह लोमड़ी तुम्हें खा जाएगी। गिद्ध ने हाथ जोड़ कर खरगोश और कबूतर से कहा-मुझे माफ कर दो, अब आगे से किसी भी जानवर को तंग नहीं करूंगा और सब के साथ मेलजोल के साथ रहूंगा, लेकिन मुझे इस लोमड़ी से बचाओ।
खरगोश मां बोली-हम तो तुम्हें केवल सबक सीखाना चाहते थे। लोमड़ी तो तुम्हें केवल डरा रही थी। इसके बाद गिद्ध ने कभी किसी को परेशान नहीं किया।

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