December 04, 2016

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गीत- राजकुमारी

जनसत्ता गीत आई दिवाली ।

Author October 23, 2016 01:54 am
कविताएं।

आई दिवाली

जगमग-जगमग आई दीवाली
सबके मन को भाई दीवाली
अपना जगमग-जगमग आंचल
फहराकर हर्षाई दिवाली
भेदभाव और द्वेष की छाया
मन में कभी न दिखने पाया
दीप जलाओ ज्ञान का मन में
अंधियारा न टिकने पाया

सच्चाई के दीप जलाकर
उजियारा जग में फैलाओ
कहीं बुराई ठहर सके न
अच्छाई को यों अपनाओ

अच्छाई और सच्चाई का
विजय संदेसा लाई दिवाली
अपनी आभा देख जगत में
हर्षित हो मुस्काई दिवाली

 

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First Published on October 23, 2016 1:54 am

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