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दाना-पानी- गुड़ पारे, फूलगोभी यखनी

बच्चों को मीठा बहुत पसंद होता है। पर चिंता रहती है कि उन्हें ऐसा क्या दें, जिससे उनकी सेहत पर कम से कम बुरा प्रभाव पड़े। ऐसे में गुड़ से बनी मिठाइयां बेहतर विकल्प होती हैं।
Author October 22, 2017 05:06 am
गुड़ पारे

फूलगोभी यखनी

फूल गोभी की पैदावार बाजार में आने लगी है। सर्दियों में लगभग हर घर में इसकी सब्जी बनती है। आमतौर पर लोग आलू-गोभी या आलू-मटर-टमाटर-गोभी की सब्जी बनाते हैं। मगर इससे अलग फूल गोभी की यखनी बना कर खाएं, लाजवाब स्वाद होता है।
यखनी दरअसल, कश्मीर में दही से तैयार होने वाली ग्रेवी को कहते हैं।
फूल गोभी यखनी तैयार करने के लिए सबसे पहले गोभी के टुकड़े कर लें। इन्हें अच्छी तरह धोकर साफ कर लें।
आमतौर पर लोग गोभी के टुकड़ों को तेल में तलते हैं। मगर इसमें तेल बहुत लगता है और कैलोरी तथा कोलेस्ट्राल को लेकर सजग रहने वाले लोगों के लिए इस तरह गोभी को पकाना उचित नहीं होता। इसलिए एक पैन में पानी उबालें। उसमें आधा चम्मच हल्दी और इतना ही नमक डाल दें। फिर गोभी के टुकड़ों को डाल कर एक उबाल आने दें। फिर आंच बंद कर दें और थोड़ी देर बाद गोभी के टुकड़ों को छान लें। इस तरह गोभी के टुकड़े ठीक से साफ हो जाते हैं। उनमें कीड़े वगैरह होने की आशंका भी दूर हो जाती है।
अब यखनी तैयार करने के लिए एक-डेढ़ कप दही लें। उसे अच्छी तरह फेंट लें। फेंटे हुए दही में ही एक चम्मच पिसी हुई सौंफ, एक चम्मच सब्जी मसाला और आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर डाल कर मिला लें और एक तरफ रख दें।
एक कड़ाही में एक-डेढ़ चम्मच तेल गरम करें। उसमें जीरा, राई, अजवाइन और फिर हींग पाउडर का तड़का लगाएं। तड़का तैयार हो जाए तो उबली हुई गोभी के टुकड़ों को डाल दें और एक बार चला कर आंच धीमी कर दें और कड़ाही पर ढक्कन लगा कर पांच मिनट के लिए पकने दें।
गोभी आधा पक जाए तो उसमें नमक, हल्दी डालें और फेंटे हुए दही और मसालों के मिश्रण को डाल दें। अब गोभी को धीमी आंच पर चलाते हुए पकने दें। ध्यान रहे, गोभी के टुकड़े गल कर पिलपिले नहीं होने चाहिए। जब सारा पानी सूख जाए तो आंच से उतार लें।
फूल गोभी यखनी तैयार है। अब उस पर बारीक कटी हरी मिर्च, अदरक और धनिया पत्ता डाल कर परोसें।

 

गुड़ पारे
बच्चों को मीठा बहुत पसंद होता है। पर चिंता रहती है कि उन्हें ऐसा क्या दें, जिससे उनकी सेहत पर कम से कम बुरा प्रभाव पड़े। ऐसे में गुड़ से बनी मिठाइयां बेहतर विकल्प होती हैं। गुड़ के शक्कर पारे मिठाई के मिठाई और पोषण का पोषण होते हैं। इन्हें बच्चों को स्कूल के टिफिन में भी रख कर दे सकते हैं। फिर बच्चे ही क्यों, बड़ों को भी शक्कर पारे पसंद आते हैं।
गुड़ के शक्कर पारे बनाना बहुत आसान है।
इसे तीन चीजों से बनाया जा सकता है। बेसन, मैदा और चावल के आटे से। बेसन के गुड़ पारे बनाने हों तो बेसन को गूंथते समय मोयन नहीं डालना चाहिए। जबकि मैदा और चावल के आटे के गुड़ पारे बनाने के लिए आटे में मोयन मिलाना जरूरी होता है। फिलहाल चावल के आटे के गुड़ पारे बनाने की बात करते हैं।
चावल का आटा बाजार में सहजता से मिल जाता है। दो कप चावल का आटा लें। उसमें एक चम्मच सौंप के दाने डाल लें। फिर उसमें पिघला कर कम से कम चार चम्मच देसी घी डालें। फिर आधा या एक कप गरम दूध डाल कर आटे को मलें। अगर अब भी आटा ठीक से तैयार नहीं हुआ है तो गरम पानी के छींटे देते हुए कड़ा गूंथ लें। अब इस गूंथे हुए आटे को आधे घंटे के लिए ढक कर सेट होने के लिए रख दें।
एक पैन में दो कप पानी डालें और फिर ढाई से तीन सौ ग्राम गुड़ के टुकड़े डाल कर पिघलाएं। एक तरफ गुड़ की चाशनी को तैयार होने दें। दूसरी तरफ एक कड़ाही में तेल गरम करें। तेल के बजाय देसी घी का इस्तेमाल करें, तो स्वाद और सेहत की दृष्टि से गुड़ पारे उत्तम बनेंगे।
अब एक पटरी या चकले पर चावल के गुंथे आटे की मोटी परत फैलाएं और चाकू से इसके मनचाहे टुकड़े काट लें।
तेल या घी ठीक से गरम हो जाए तो उसमें कटे हुए टुकड़ों को डाल कर मद्धिम आंच पर सुनहरा होने तक तलें।
गुड़ की चाशनी का भी ध्यान रखें। गुड़ की चाशनी तैयार करते समय गुड़ में उबाल बहुत आता है, इसलिए उसे चलाते रहें। अंगुली और अंगूठे के बीच गुड़ को रख कर देखें अगर उसके दो तार बन रहे हैं तो आंच बंद कर दें और थोड़ी देर चाशनी को चला-चला कर थोड़ा ढंडा होने दें।
तले हुए पारे के टुकड़ों को एक परात या बड़े बर्तन में रखें। गुड़ की चाशनी हल्की गरम रह जाए तो उसे तले हुए पारे के टुकड़ों पर डालें और चम्मच की मदद से मिलाते रहें, ताकि गुड़ सभी टुकड़ों पर चिपक जाए।
अब गुड़ पारे को ठंडा होने दें। थोड़ी देर बाद देखेंगे कि गुड़ सख्त होकर तले हुए पारे के टुकड़ों पर चिपक चुका है। अब गुड़ पारे तैयार हैं।
इसी तरह मैदा और बेसन से भी गुड़ पारे बना सकते हैं। ल्ल

 

 

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