December 03, 2016

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अजब-गजब: गेंद-सा पौधा

यह जंगलों में पाया जाता है। वैसे तो इसका असली नाम यूफॉर्बी ओबेसा है लेकिन इसके आकार के कारण लोग इसे बेसबॉल प्लांट के नाम से जानते हैं।

Author नई दिल्ली | November 13, 2016 01:04 am
यूफॉर्बी ओबेसा

मिताली जैन

प्रकृति स्वयं में इतनी विस्तृत और अद्भुत है कि इसके बारे में पूर्णरूप से पता लगा पाना लगभग असंभव है। धरती के हर भाग में आपको कुछ न कुछ ऐसा अवश्य दिख जाता है जो न सिर्फ आपको रोमांचित कर देता है, बल्कि उसकी रचना आपको सोचने पर मजबूर कर देती है। यहां तक कि आम-सी दिखने वाली चीजों में भी बहुत अधिक विविधता देखने को मिलती है। उदाहरण के तौर पर आपने बहुत से पौधों के बारे में सुना और देखा होगा। हर पौधा एक-दूसरे से अलग आकार और खूबी लिए हुए होता है। लेकिन क्या आपने कभी किसी ऐसे पौधे के बारे में सुना है जो बिल्कुल गेंद कू तरह दिखता हो। वास्तव में धरती पर ऐसा एक पौधा मौजूद है। साउथ अफ्रीका में यूफॉर्बी ओबेसा नामक पौधा पाया जाता है, जिसे दूर से देखने पर आभास होता है कि मानो कोई बेसबॉल हो।

यह जंगलों में पाया जाता है। वैसे तो इसका असली नाम यूफॉर्बी ओबेसा है लेकिन इसके आकार के कारण लोग इसे बेसबॉल प्लांट के नाम से जानते हैं। इस पौधे की सर्वप्रथम खोज समरसेट पूर्व में स्थित गिल कॉलेज के वनस्पतिशास्त्री पीटर मेकोवन ने 1897 में की थी। यह पौधा दक्षिण अफ्रीका के सबसे रसीले पौधों में से एक है। हालांकि इस पौधे का विकास काफी धीमी गति से होता है, लेकिन फिर भी इसकी सुंदरता सबका मन मोह लेती है। इसके फली पर केवल दो-तीन बीज ही होते हैं और इसकी बाहरी सतह पर लगभग आठ लकीरें उभरी हुई नजर आती हैं जो इसकी सुंदरता को कई गुना बढ़ा देती हैं। साथ ही इसमें कांटे भी नहीं पाए जाते, लेकिन इससे एक दूधिया जैसा पदार्थ निकलता है, जो वास्तव में विषैला होता है।

अगर इसके रंगों की बात की जाए तो इसका रंग हरा, लाल व बैंगनी होता है, लेकिन आमतौर पर केवल इसका हरा रंग ही दिखाई देता है। लेकिन, जब यह सीधे तौर पर धूप के संपर्क में आता है तो इसका लाल और बैंगनी क्षेत्र भी आसानी से देखा जा सकता है। वैसे तो यह गेंद के अकार का होता है लेकिन इसका ऊपरी सिरे पर फूल जैसा गुच्छा होता है। बेसबॉल प्लांट का व्यास छह सेंटीमीटर से लेकर पंद्रह सेंटीमीटर तक होता है। अमूमन इसका व्यास इसकी उम्र पर आधारित होता है। युवावस्था में इसकी आकृति गोल होती है, परंतु विकास के विभिन्न चरणों में इसका आकार बदलता जाता है। जैसे-जैसे इसकी उम्र बढ़ती जाती है, यह गोल से बेलनाकार होता जाता है।

वैसे पूरी दुनिया में लोग इस पौधे को केवल इसके आकार के कारण ही नहीं जानते, बल्कि इसमें अन्य कई खूबियां भी होती हंै। उदाहरण के तौर पर इसमें जल को संरक्षित करने की अद्भुत क्षमता होती है। अपनी इसी खूबी के चलते गर्मी के दिनों और सूखे के समय में इसका जल लोगों के काफी काम आता है। भले ही यह पौधा स्वयं ढेर सारा पानी संरक्षित कर ले लेकिन इसे अपने स्वयं के विकास के लिए बहुत अधिक पानी की आवश्यकता नहीं पड़ती।
अपनी सुंदरता और खूबियों का खामियाजा इन पौधों को काफी बड़ी मात्रा में चुकाना भी पड़ा। कुछ समय पहले तक यह बहुतायत में पाया जाता था, लेकिन इसकी सुंदरता इनके विनाश का कारण बनने लगी है। लोगों ने इसका अवैध संग्रह करना शुरू कर दिया, जिसके चलते आज यह प्रजाति संकट में है। इनकी बची हुई संख्या के संरक्षण व इनको दोबारा स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर काफी कदम उठाए जा रहे हैं। जहां एक ओर पूरी दुनिया के लिए इनकी प्रजाति को बचाना काफी मुश्किल है, वहीं दूसरी ओर इनके पैतृक स्थान पर बेसबॉल प्लांट की खेती करना लोगों के लिए बहुत ही आम बात है। बड़ी मात्रा में इस पौधे की खेती शुरू की गई है।

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First Published on November 13, 2016 1:04 am

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