ताज़ा खबर
 

अटपटे और हंसोड़, कमाई ताबड़तोड़

जबसे फोन पर इंटरनेट सेवा शुरू हुई है, फोन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए ढेर मनोरंजक सामग्री पेश की जाने लगी है।
Author October 22, 2017 04:21 am
चित्र का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया था।

जबसे फोन पर इंटरनेट सेवा शुरू हुई है, फोन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए ढेर मनोरंजक सामग्री पेश की जाने लगी है। कई ऐसी वेबसाइटें शुरू हो गई हैं, जिन पर गीत, सिनेमा और हंसाने-गुदगुदाने वाले वीडियो उपलब्ध होते हैं। इंटरनेट पर इस समय सबसे अधिक कमाई हंसाने-गुदगुदाने वाले वीडियो दे रहे हैं। यूट्यूब ने ऐसे वीडियो बनाने वालों को प्रोत्साहित किया है। इंटरनेट पर मनोरंजन के कारोबार के बारे में बता रहे हैं अभिषेक कुमार सिंह।

केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों के लिए पिछले महीने एक कार्यशाला- ईशॉप में आॅफिस वर्क का आयोजन किया गया था। इसमें एक बड़ी चिंता सामने आई। पता चला कि सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारी दफ्तरों को पेपरलेस बनाने की योजना में अड़ंगा लगा रहे हैं। यह थी, सरकारी दफ्तरों में बेइंतहा यूट्यूब देखा जाना। ई-आॅफिस योजना को सिरे चढ़ाने में लगे कई मंत्रालयों ने बताया कि उनके दफ्तरों में इतना अधिक यूट्यूब देखा जा रहा है, कि इंटरनेट बैंडविड्थ बाधित हो रही है। दफ्तरों में महज तीस फीसद कर्मचारी इंटरनेट का इस्तेमाल जरूरी कामकाज में करते हैं, जबकि सत्तर फीसद लोग यूट्यूब पर वीडियो देखते हैं, जो इंटरनेट की बैंडविड्थ को जाम कर देता है।  सरकारी कामकाज के लिहाज से यह वाकई एक गंभीर समस्या है। पर यूट्यूब पर जैसी अटपटी और वैविध्यपूर्ण हास्य सामग्री मौजूद है, उसे देखते हुए लोगों का इस तरफ मुड़ जाना हैरान नहीं करता।

कमाल है कि यूट्यूब पर जो वीडियो आ रहे हैं, वे महज शौकिया बनाए जा रहे हैं या फिर धंधे के चक्कर में। वैसे इसके पीछे ये दोनों कारण हैं, जो यूट्यूब पर हर किस्म के वीडियो बना कर पेश (अपलोड) करने की प्रेरणा आम से लेकर खास लोगों को दे रहे हैं। छह साल पहले 2011 में दक्षिण के चर्चित अभिनेता धनुष का अटपटा गीत ‘वाय दिस कोलावरी डि’, जब यूट्यूब पर आया तो देखते-देखते पूरी दुनिया में छा गया। इस गीत पर थिरकते लोगों के समूह ने दुनिया का ध्यान अलग से खींचा। अब तक करीब साढ़े बारह करोड़ लोग इस वीडियो को देख चुके हैं।  इस साल ऐसी ही वैश्विक लोकप्रियता गुजरात के कुछ युवाओं द्वारा बनाए गए वीडियो- ‘सोनू, तुझे मुझपे भरोसा नहीं क्या’ को मिली। इस मजेदार गीत को सिर्फ हमारे देश में तमाम चर्चित लोगों और कॉमेडियनों ने अपनी तरह से पेश नहीं किया, बल्कि पड़ोसी पाकिस्तान में भी इमरान खान के संदर्भ से नवाज शरीफ पर कटाक्ष करने के लिए एक वीडियो- ‘इम्मू, तुझे मुझपे भरोसा नहीं क्या’ शीर्षक से बनाया गया। यूट्यूब किस तरह लोगों को चर्चा दिलाने और कमाई का साधन बन रहा है, इसकी मिसालें दुनिया भर में हैं। कुछ महीने पहले भारत दौरे पर आए कनाडा के मशहूर पॉप सिंगर जस्टिन बीबर के बारे में ऐसी ही जानकारी सामने आई कि कैसे उसकी मां ने जस्टिन के गानों के वीडियो यूट्यूब पर डाले थे, जिनकी वजह से उन्हें बड़े मंचों पर गाने का मौका मिला और आज वे करोड़ों में खेल रहे हैं। यह सुनने में जरा मुश्किल लगता है कि कैसे कोई व्यक्ति सोशल मीडिया का इस्तेमाल कमाई करने में कर सकता है, पर यह सच है कि थोड़े से साधन जुटा कर कोई भी सृजनात्मक व्यक्ति सोशल मीडिया से कमाई का रास्ता खोल सकता है।

कौन बना रहा यूट्यूब पर वीडियो

देश में कई गायक अब अपने गानों के वीडियो खुद या किसी एजंसी की मदद से अपलोड करते हैं। कुछ खिलाड़ी भी अब कोई चुटीली बात कहने के लिए सोशल मीडिया के दूसरे मंचों मसलन- ट्विटर के अलावा यूट्यूब पर भी अपने वीडियो डाल कर कमेंट करने के बदले कमाई करते हैं। एक उदाहरण क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग का है। साल के शुरू में खबर आई थी कि मजेदार ट्वीट करने वाले सहवाग को अपने ट्वीट्स पर काफी लाइक्स मिलते हैं और उन्हें खूब री-ट्वीट किया जाता है। दावा है कि ट्विटर पर उनके अस्सी लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। सहवाग ने एक इंटरव्यू में यह रहस्य भी खोला था कि पिछले साल के आखिरी छह महीनों में सिर्फ ट्वीट् करने के बदले उनकी तीस लाख रुपए की कमाई हुई थी। सहवाग में सिर्फ शौक के लिए ट्विटर पर मस्ती-मजाक के अंदाज में शुरुआत की थी, लेकिन जब इससे कमाई होने लगी तो वे अपने ट्वीट्स में और धार लाने लगे। इसके बाद सहवाग ने यूट्यूब पर वीरू के फंडे नाम से एक चैनल भी शुरू किया है। गायकों, फिल्म-टीवी के सितारों, कॉमेडियन (जैसे कि कपिल शर्मा का शो) आदि के यूट्यूब चैनल खूब देखे जाते हैं और विज्ञापनों के माध्यम से उनकी काफी कमाई भी होती है। पर जरूरी नहीं कि सिर्फ मशहूर लोगों के यूट्यूब चैनल ख्याति और पैसा कमा सकते हैं।

नोएडा के एक परिवार ने साबित किया है कि ऐसा कोई भी कर सकता है, बशर्ते उसके पास एक अनोखा आइडिया और उसे सावधानीपूर्वक अमल में लाने का तरीका हो। यूट्यूब से पैसा बनाने में कई अनाम लोग भी काफी आगे हैं। दिल्ली की ढिंचैक पूजा, क्रेजी सुमित, मुंबई के ओमप्रकाश मिश्रा और दीपक कलाल जैसे लोगों ने साबित किया है कि कैसे यूट्यूब को बेशुमार कमाई का जरिया बनाया जा सकता है। इनमें से हाल में सबसे ज्यादा चर्चा ढिंचैक पूजा की हुई है। फेसबुक पर ढिंचैक पूजा के चाहने वालों (फॉलोअर्स) की संख्या भले ही चालीस-बयालीस हजार हो, लेकिन यूट्यूब पर उनके बेहद अटपटे गानों से भरे वीडियो को करोड़ों लोग देखते हैं। कुछ अरसा पहले ढिंचैक पूजा ने यूट्यूब पर जब अपना बेसुरा-सा गाना ‘सेल्फी मैंने ले ली आज’ अपलोड किया था, तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि ऐसे फूहड़ गाने को भी लोग पसंद करेंगे और एक-दूसरे से शेयर करेंगे। लेकिन इसके बाद पिंक स्कूटर को दिल्ली की सड़कों पर बिना हेलमेट दौड़ाती और अपने बापू से कैश मांगती पूजा के बेलौस-अलबेले अंदाज वाले गीतों को हाथों-हाथ लिया गया। आलोचकों का कहना है कि ढिंचैक पूजा बिना सुर, लय और ताल के गाती हैं, लेकिन यही पूजा की लोकप्रियता की वजह भी है। पिछले कुछ महीनों में ढिंचैक पूजा के ‘स्वैग वाली टोपी’, ‘दारू’ और ‘सेल्फी मैंने ले ली आज’ गीतों के वीडियो काफी हिट रहे। लेकिन जब पूजा ने एक नया गाना ‘दिलों का शूटर, है मेरा स्कूटर’ अपने चैनल पर डाला, तो उसके बेतुके गानों से चिढ़े हुए एक शख्स ने ट्वीट करके दिल्ली पुलिस को टैग किया और पूजा को गिरफ्तार करने को कहा, क्योंकि उसने वीडियो में स्कूटर चलाते समय हेलमेट नहीं पहन रखा था।

ऐसी भदेस कोशिशें कई और लोगों ने की हैं। जैसे मुंबई के अंबरनाथ इलाके में रहने वाले ओमप्रकाश मिश्रा ने अश्लील माने गए अपने गीत ‘आंटी की घंटी’ को अपलोड किया था। यूट्यूब पर इस गाने को करीब सैंतीस लाख लोगों ने देखा तो इससे उनकी कमाई शुरू हो गई। दावा है कि अब ओमप्रकाश मिश्रा की कमाई तकरीबन सोलह-सत्रह लाख रुपए महीने तक है। कुछ इसी किस्म की अटपटी कोशिश पुणे के दीपक दलाल भी अपने यूट्यूब वीडियो में करते नजर आते हैं। दीपक लड़कियों के अंदाज, हावभाव में बातें करते हैं, जिससे वे लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब हुए हैं। बताते हैं कि दीपक दलाल भी यूट्यूब वीडियो की बदौलत दस लाख लाख रुपए महीने तक की ठीकठाक कमाई कर लेते हैं।

हालांकि यूट्यूब पर अजीबो-गरीब वीडियो डालने के कुछ खतरे भी हैं। ऐसा एक चर्चित किस्सा दिल्ली के क्रेजी सुमित का है। इस साल की शुरुआत में सुमित वर्मा ने यूट्यूब पर मौजूद अपने चैनल ‘द क्रेजी सुमित’ पर ऐसे कई वीडियो अपलोड किए थे, जिनमें वह अलग-अलग स्थानों पर लड़कियों को किसी बहाने से किस करके भाग जाता था और लड़कियां उसके पीछे दौड़ लगाती दिखती थीं ताकि उसे पकड़ कर सजा दी जा सके। सुमित का दावा था कि वह लड़कियों की रजामंदी से ही उन्हें किस करके भागता था, लेकिन जांच में वह अपने दावे को साबित नहीं कर सका और दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ शील भंग और अश्लील सामग्री फैलाने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। जरूरी नहीं कि यूट्यूब पर बेतुके वीडियो डाल कर ही चर्चा में आया और उससे कमाई की जाए। कुछ लोगों ने साबित किया है कि साफ-सुथरे, लेकिन उपयोगी सूचनाएं-जानकारियां देने वाले वीडियो भी यूट्यूब के जरिए कमाई का रास्ता खोल सकते हैं।

ऐसा एक मजबूत उदाहरण नोएडा के एक परिवार ने पेश किया है, जिसे देश की सबसे बड़ी यूट्यूब फेमिली भी कहा जाता है। असल में, आठ सदस्यों वाले इस परिवार के हर सदस्य का अपना एक यूट्यूब चैनल है जिस पर वे नई और उपयोगी जानकारियां नियमित रूप से पेश करते हैं। इनके यूट्यूब चैनलों में कुकिंग, मेकअप, हेयरस्टाइल आदि के वीडियो दिखाए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि करीब साढ़े चार साल पहले श्रुति ने एक यूट्यूब चैनल की शुरुआत अमेरिका में वक्त काटने के लिए की थी। मेकअप उत्पादों का प्रचार करते हुए उनके उपयोग के तौर-तरीके बताती थीं। उस समय जब उनके यूट्यूब चैनल को लाखों लोग देखने लगे, तो मेकअप के सामान बनाने वाली कंपनियों ने उनके चैनल को विज्ञापन देना शुरू कर दिया। इस तरह जब चैनल को देखने वालों की संख्या करोड़ों में पहुंच गई, तो श्रुति और उनके पति ने भारत लौटने का फैसला किया। उनके पति ने इसके लिए करीब तीस लाख रुपए सालाना वेतन वाली नौकरी छोड़ दी। फिलहाल यह परिवार चार यूट्यूब चैनलों के लिए हर हफ्ते दस वीडियो बनाता है। इस सबके उनकी इतनी कमाई हो जाती है कि जीवन-यापन के लिए उन्हें कोई और काम करने की जरूरत नहीं है। ०

बदल रहा अंदाज

सबुक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया के मंचों ने गुमनाम प्रतिभाओं को बिना कुछ ज्यादा खर्च के घर बैठे ही अपनी प्रतिभा को पूरी दुनिया के सामने परोसने का प्लेटफॉर्म मुहैया करा दिया है। माना जाता है कि अकेले यूट्यूब की बदौलत देश में ऐसे-ऐसे कॉमेडियन और गायक सामने आएं हैं, जिन्हें पहले कोई जानता तक नहीं था और टीवी तक उनकी कोई पहुंच ही नहीं थी। आंकड़ों के मुताबिक फेसबुक और यूट्यूब करीब तिरपन फीसद नई जानकारियां और करीब पैंतीस फीसद मजाकिया सामग्री परोसते हैं। आने वाले वक्त में यह आंकड़ा बढ़ता ही जाएगा, क्योंकि अब लोग टीवी के बजाय अपने मोबाइल के ज्यादा करीब आ रहे हैं, जिस पर मौजूद रहने वाले फेसबुक-यूट्यूब उन्हें बेहद कम लागत में टीवी-अखबार के मुकाबले ज्यादा रोचक सामग्री मुहैया करा रहा है।
यूट्यूब ने असंख्य लोगों को उनके वांछित दर्शक वर्ग तक पहुंचाने, उनके काम को नाम-दाम दिलाने यानी एक ब्रांड में तब्दील करने और बेशुमार कमाई करने देने का मौका मुहैया कराया। हालांकि यह काम यूट्यूब मुफ्त में नहीं करता। चर्चा में आए लोगों के यूट्यूब चैनल पर विज्ञापन लगाने के एवज में यूट्यूब विभिन्न कंपनियों से अच्छी-खासी रकम वसूलता है। इसमें से पैंतालीस फीसद रकम वह अपनी कमाई और यूट्यूब को चलाए रखने की लागत के रूप में लेता है। बाकी रकम यूट्यूब पर रोचक सामग्री पेश करने वालों के खाते में जाती है। अगर किसी व्यक्ति के चैनल का कोई प्रायोजक नहीं है और उस पर कोई विज्ञापन नहीं आता है, तो इससे कोई कमाई नहीं होती।

भारत में फिलहाल बीस करोड़ लोग हर महीने यूट्यूब देखते हैं। पर जिस तरह से इस पर क्षेत्रीय भाषाओं की सामग्री तेजी से आने लगी है, उम्मीद है कि यूट्यूब के दर्शकों की संख्या अगले तीन सालों में दोगुनी हो जाएगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि अब भारत में देखने का अंदाज बदल रहा है। अब लोग टीवी-सिनेमा से ज्यादा तरजीह यूट्यूब और फेसबुक जैसे मंचों को दे रहे हैं, जहां मनचाहे वक्त में कहीं भी अपनी पसंद के मुताबिक कार्यक्रम देखने की सहूलियत हासिल है।
हालांकि अब गूगल का प्रयास यह भी है कि लोग पसंदीदा कार्यक्रम देखने के बदले कुछ पैसा भी चुकाएं। इसके लिए खासतौर से अमेरिका में गूगल ने एक नई सेवा यूट्यूब-रेड 2015 में शुरू की है। इस पर लोग पैसा देकर विज्ञापनरहित यूट्यूब वीडियो देख सकते हैं और उन्हें इस पर कुछ विशेष सामग्री भी देखने को मिल सकती है जो मुफ्त यूट्यूब पर नहीं दिखाई देती है। यही नहीं, इस पर सामग्री देने वालों को अपने कृतित्व के लिए मोटी रकम भी मिलती है। इस तरह की एक पहल गूगल ने इस साल भारत में गूगल प्ले म्यूजिक के नाम से की है, जिसमें उपभोक्ता हर महीने एक निश्चित रकम चुका कर मनचाहे गीतों का आनंद उठा सकते हैं। ०

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.