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रसोई की सफाई सेहत की रसाई

घर की साफ-सफाई आमतौर पर सभी लोग करते हैं, पर रसोई घर की सफाई के प्रति अक्सर लोग लापरवाही बरतते देखे जाते हैं।
Author October 22, 2017 05:27 am
रसोई घर (सांकेतिक फोटो)

घर की साफ-सफाई आमतौर पर सभी लोग करते हैं, पर रसोई घर की सफाई के प्रति अक्सर लोग लापरवाही बरतते देखे जाते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि वहां कीड़े-मकोड़ों का प्रजनन शुरू हो जाता है, बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। रसोई के उपकरणों का समुचित रखरखाव न हो पाने की वजह से वे जल्दी काम करना बंद कर देते हैं। ऐसे में रसोई की सफाई कैसे करें, पेश हैं रवि डे के सुझाव।

बहुत से लोग घर में बाकी जगहों, खासकर ड्राइंग रूम की सफाई पर तो ध्यान देते हैं, पर घर की सबसे पवित्र जगह मानी जाने वाली रसोई की सफाई पर समुचित ध्यान नहीं दे पाते। इसका नतीजा यह होता है कि वहां कॉक्रोच और दूसरे तरह के कीड़े और बैक्टीरिया पलने शुरू हो जाते हैं। रसोई के उपकरण जल्दी काम करना बंद कर देते हैं। इसलिए रसोई वाली जगह की सफाई का खास खयाल रखना पड़ता है। बहुत से लोगों को लगता है कि साबुन और पानी से कुछ जगहों को धो और पोंछ देने से सफाई का काम पूरा हो जाता है, मगर वास्तव में यह सोच सही नहीं है। रसोई की सफाई के लिए कुछ जरूरी बातों की तरफ ध्यान दें, तो न सिर्फ कीड़े-मकोड़ों से निजात मिलेगी, बल्कि रसोई के उपकरण लंबे समय तक साथ देंगे।
गैस चूल्हे की सफाई
गैस का चूल्हा रसोई घर का अहम उपकरण है। खाना पकाने के दौरान और उसके बाद भी इसकी नियमित सफाई की जरूरत होती है। रोज न सही, हफ्ते में कम से कम दो बार इसके बर्नरों की धुलाई और सफाई जरूरी है। इसके लिए खाना पकाते समय एक कपड़ा हमेशा साथ रखें। जैसे ही चूल्हे पर सब्जी की ग्रेवी या दाल वगैरह गिरे, उसे कपड़े से पोंछ दें। रसोई बना लेने के बाद कोलीन से या गरम पानी में नींबू का रस मिला कर कपड़े को गीला करें और चूल्हे को अच्छी तरह से पोंछ लें। अगर आपके पास कुकिंग रेंज है, तो उसके अंदरूनी हिस्से को भी पोंछ कर साफ करें। गैस के पाइप की जांच करें और दो-तीन साल में उसे बदल दें।
गैस के नॉब यानी बटनों की सफाई की तरफ ध्यान देना जरूरी है। इनमें तेल की चिकनाई जमा होती रहती है। इस वजह से ये टाइट हो जाते हैं। इसके लिए कम से कम महीने में एक बार नॉब को निकाल कर उनके पेचों को नींबू के रस मिले गरम पानी से साफ करें और उनमें नारियल तेल या फिर बाजार में मिलने वाले सिलाई मशीन के तेल की बूंदें डालें। इस तरह गैस स्टोव लंबे समय तक चलेगा। इसी तरह हफ्ते में दो बार बर्नरों को उतार कर गरम पानी में सर्फ या बर्तन धोने वाला लिक्विड मिला कर कुछ देर के लिए भिगोएं और फिर पिन की मदद से उनके छेदों की सफाई करें। उन्हें ठीक से धोकर सुखाएं और फिर स्टोव पर लगा दें।
चिमनी
गैस चूल्हे की तरह चिमनी की सफाई भी बहुत जरूरी होती है। तेल के कण सबसे अधिक उसी पर चिपकते हैं। इसलिए गैस स्टोव की सफाई करते समय चिमनी की सफाई भी करते रहें। महीने में कम से कम एक बार चिमनी की जालियों को निकाल कर गरम पानी में नींबू का रस या फिर सर्फ डाल कर जालियों को आधे घंटे तक भिगोएं। उसके बाद उन्हें सावधानी से रगड़ कर उन पर चिपकी तेल की परत को साफ कर लें, उन्हें ठीक से धोएं और फिर जब वे अच्छी तरह सूख जाएं तभी चिमनी में लगाएं। वैसे चिमनी और चूल्हे की चिकनाई हटाने के लिए कोलीन की तरह के लिक्विड बाजार में अलग से भी मिलते हैं, उनका इस्तेमाल करें।
बर्तन रखने की जगह
बर्तन रखने की जगहों पर अक्सर पानी लगने की वजह से उनकी ट्रे पर जंग लगनी शुरू हो जाती है। महीने-दो महीने में एक बार उन जगहों को नींबू के रस मिले गरम पानी से सफाई जरूर करें। किचन में कहीं भी गंदगी जमा होने का अर्थ है, कीड़े-मकोड़ों, काक्रोच और बैक्टीरिया को जन्म देना। इसलिए सिर्फ बर्तन की सफाई नहीं, बर्तन रखने की जगहों की नियमित सफाई भी जरूरी है।
किचन का फर्श, टाइलें और स्लै
खाना पकाने के बाद किचन के फर्श पर झाड़ू और फिनाइल का पोंछा जरूर लगाएं। इसी तरह स्लैब की सफाई बहुत जरूरी है। आमतौर पर लोग गीले कपड़े से पोंछ कर स्लैब को साफ करके मान लेते हैं कि सफाई हो गई, जबकि उस पर तेल की चिकनाई जमती रहती है। आमतौर पर लोग स्लैब काले पत्थर का रखते हैं, इसलिए उस पर तेल की चिकनाई और उससे चिपकी गंदगी दिखाई नहीं देती। ऐसे ही किचेन की टाइलों की सफाई को लेकर प्राय: लोग लापरवाह देखे जाते हैं। स्लैब और टाइलों को कोलीन से या फिर गरम पानी में नींबू का रस या सर्फ घोल कर हफ्ते में कम से कम दो बार जरूर साफ करना चाहिए। अगर रोज ऐसा कर सकें, तो और अच्छा।
फ्रिज, सिंक, ओवन और अलमारियां
फ्रिज की सफाई पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता। जबकि हकीकत है कि फ्रिज में दाल, सब्जियों, दूध वगैरह का दाग लगता रहता है। अधिक दिन दाग लगे रहने से उसमें बैक्टीरिया पनपने शुरू हो जाते हैं। यह धारणा बहुत गलत है कि फ्रिज में बैक्टीरिया पैदा नहीं होते। इसलिए हर हफ्ते फ्रिज की प्लेटों को निकाल कर गरम पानी और साबुन से धोना चाहिए। फ्रिज के अंदर भी नींबू के रस मिले पानी से ठीक से पोंछा लगाएं।
इसी तरह सिंक को रोज साबुन और पानी से मल कर साफ करना चाहिए, क्योंकि वहां सबसे अधिक काक्रोच और बैक्टीरिया के पनपने की आशंका रहती है। जहां सिंक का पाइप लगा है, वहां हर हफ्ते हारपिक या इसी तरह के किसी क्लीनर से सफाई होती रहनी चाहिए। कूड़ेदान को हफ्ते में कम से कम दो दिन जरूर धोएं और उसके नीचे के फर्श पर नियमित फिनाइल का पोंछा लगाएं।
ओवन में खाना गरम करने या फिर खाना पकाने की वजह से उसमें तेल और दूसरे पदार्थों की परत चढ़ती रहती है, इसलिए उसकी नियमित सफाई होनी चाहिए। ओवन को साफ करने का आसान तरीका है कि एक कांच की कटोरी में आधा पानी भरें। उसमें एक नींबू का रस निचोड़ें। ओवन को चालू करके करीब पांच मिनट के लिए गरम होने दें। उबलते हुए पानी की भाप पूरे ओवन में भर जाएगी। फिर ओवन को बंद कर दें और दस-पंद्रह मिनट तक उसका ढक्कन बंद रहने दें। फिर सूखे कपड़े से ओवन के भीतरी हिस्से को पोंछ लें। इस तरह उसकी ठीक से सफाई हो जाएगी।
अब बारी आती है उन आलमारियों की सफाई की, जिसमें राशन और दूसरे सामान रखते हैं। उन्हें भी नींबू या इमली के पानी से पोंछे तो उन पर चिपकी गंदगी दूर हो जाएगी और अनाजों में कीड़ों के पनपने की आशंका कम हो जाएगी।
सफाई के घरेलू नुस्खे
रसोई के उपकरणों की सफाई में तेजाब मिले क्लीनरों और रसायनों का इस्तेमाल जितना संभव हो सके, कम करें।
-आलू और नमक से कांच के बर्तनों और फ्रिज, ओवन आदि की कांच की प्लेटों को साफ करें, अच्छी तरह साफ हो जाते हैं। इसका इस्तेमाल लोहे के उन उपकरणों को साफ करने में भी किया जा सकता है, जिन पर जंग लगती हो।
– तांबे के बर्तनों की सफाई के लिए नींबू के रस या इमली के घोल का इस्तेमाल करना चाहिए।
– सिंक के पाइप वाली जगह पर बोरिक पाउडर का छिड़काव करते रहें, इससे काक्रोच और बैक्टीरिया के पनपने का खतरा कम हो जाता है। ०

 

 

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