ताज़ा खबर
 

मशरूम और अनार के व्यंजन

अनार हर मौसम में उपलब्ध हो जाने वाला फल है। यह सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। खासकर उन महिलाओं के लिए, जिनमें खून की कमी रहती है।
Author August 6, 2017 05:20 am
अनार जितना फायदेमंद होता है, इसके छिलके भी उतने ही गुणकारी होते हैं।

 

रायता

अनार हर मौसम में उपलब्ध हो जाने वाला फल है। यह सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। खासकर उन महिलाओं के लिए, जिनमें खून की कमी रहती है।
रायता तो आप कई तरह से बनाते होंगे। उसमें अनार का रायता भी बनाते होंगे। मगर आमतौर पर रायता बनाते समय जिस बात पर लोग ध्यान नहीं देते, वह है रायते का मूल तत्त्व। रायते में राई का महत्त्व होता है। रायता शब्द दरअसल बना ही राई से है- राई-ता। रायता बनाने में थोड़ी मशक्कत करें, तो न सिर्फ उसका स्वाद बढ़ेगा, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से उसकी गुणवत्ता भी बढ़ जाएगी। इसके लिए पहले दो चम्मच पीली या काली सरसों को चार-पांच घंटे के लिए पानी में भिगो दें। फिर उसे छान कर पीस लें। इस पेस्ट को भी तीन-चार घंटे के लिए सामान्य तापमान में रखें। इस तरह इसमें फर्मंटेशन शुरू हो जाएगी। अब यह रायते में डालने के लिए उपयुक्त है। यों, बाजार में मस्टर्ड सॉस के नाम से सरसों का पेस्ट बिकता है, पर रायते में उसका इस्तेमाल न करें। उसमें सिरका डाल कर लंबे समय तक सुरक्षित रहने लायक बनाया जाता है। सिरका रायते का स्वाद खराब करेगा। इसलिए थोड़ी मशक्कत करके सरसों का ताजा पेस्ट तैयार करें। दही को बिना पानी मिलाए ठीक से फेंट लें। उसमें राई पेस्ट, नमक, भुने हुए जीरे का पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच चीनी और अनार के दाने मिलाएं।

फलों में अनार, अनानास और नाशपाती दही के साथ मेल खाते हैं। इनका रायता स्वादिष्ट और गुणकारी होता है। बहुत-से लोग रायते में प्याज डालना पसंद करते हैं, उससे बचना चाहिए, क्योंकि दही के साथ प्याज के रसायन मेल नहीं खाते और वे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं। प्याज की जगह फलों का इस्तेमाल करें। सब्जियों में लौकी, खीरा और आलू को उबाल कर रायते में डाला जा सकता है। टमाटर भी न डालें। मगर रायते के मूल तत्त्व राई का इस्तेमाल न भूलें।
पकौड़े

मशरूम प्राकृतिक रूप से नमी और अनुकूल वातावरण पाकर स्वत: उग जाने वाला एक खाद्य है। मगर इसमें जहरीला होने के खतरे होते हैं। इसलिए खाने के मशरूम कृत्रिम तरीके से उगाए जाते हैं। कई लोग इसे इसलिए नहीं खाते, क्योंकि उनकी धारणा है कि यह गंदी जगह पर उगाया जाता है। यह धारणा गलत है। मशरूम खाने के कई फायदे हैं। ये फाइबर का एक अच्छा स्रोत हैं। कई बीमारियों में मशरूम का इस्तेमाल दवाई के तौर पर किया जाता है। इसमें कैलोरी ज्यादा नहीं होती, इसलिए स्वास्थ्य को लेकर सजग रहने वाले लोगों के लिए भी उत्तम आहार है।

मशरूम में कई महत्त्वपूर्ण खनिज और विटामिन पाए जाते हैं। इसमें विटामिन बी, डी, पोटैशियम, कॉपर, आयरन और सेलेनियम की पर्याप्त मात्रा होती है। इसमें कोलिन नामक एक खास पोषक तत्त्व पाया जाता है, जो मांसपेशियों की सक्रियता और याददाश्त बरकरार रखने में बेहद फायदेमंद रहता है। मशरूम में एंटी-आॅक्सीडेंट भूरपूर होते हैं। यह बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने और वजन घटाने में सहायक होता है। मशरूम में मौजूद तत्त्व रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। मशरूम विटामिन डी का भी अच्छा स्रोत है। मशरूम से अचार, सूप, बिस्कुट, बड़ियां, मुरब्बा आदि उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इनसे अनेक तरीके से सब्जी तैयार की जाती है। मगर मशरूम के पकौड़े खाने का अपना अलग मजा है। बरसात का मौसम है और मशरूम के पकौड़े हों तो बरसात का मजा बढ़ जाता है। तो आइए तैयार करते हैं मशरूम के पकौड़े।

कैसे बनाएं

मान आकार के मशरूम लें। उन्हें नमक मिले पानी से रगड़ कर धो लें। मशरूम की डंडियों को सावधानी से निकाल लें और छतरीनुमा मशरूम के भीतर वाले हिस्से को चाकू की मदद से सावधानीपूर्वक खोखला कर लें।  अब भरावन के लिए सामग्री तैयार करें। इसके लिए मशरूम के डंठल और उसके भीतर से निकले गूदे को महीन काट लें। उसमें एक मध्यम आकार का आलू और उतनी ही मात्रा में पनीर मसल लें। अब उसमें बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया पत्ता, महीन कटा अदरक भी मिला लें। इस मिश्रण में जरूरत भर का नमक, लाल मिर्च और चाहें तो पौन चम्मच सब्जी मसाला डाल लें। मिश्रण को अच्छी तरह गूंथ लें।

अब बेसन का घोल तैयार करें। बेसन में नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा सब्जी मसाला डाल कर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें। पानी के गिलास में एक बूंद डाल कर जांच लें कि घोल सही बना है या नहीं। अगर घोल सही तरीके से तैयार है तो बेसन की बूंद पानी पर तैरने लगेगी।
अब पहले से तैयार भरावन लें। उसे खोल बना कर रखे मशरूम में दबा कर भर लें। दो मशरूम लें और उनके भरावन वाले हिस्से को आपस में चिपका कर एक टुथपिक की मदद से जोड़ दें। इसी तरह जरूरत भर के पकौड़े तैयार कर अलग प्लेट में रख लें। अब एक कड़ाही में तेल गरम करें। जो तेल आपको पसंद हो, उसी में पकौड़े बनाएं, वैसे सरसों का तेल पकौड़ों के लिए अच्छा रहता है। तेल गरम हो जाए तो, टुथपिक को पकड़ कर आपस में चिपकाए मशरूम को बेसन के घोल में सावधानी से डुबाएं और पकौड़े तल लें। ध्यान रखें कि आग की आंच तेज न हो। धीमी आंच होगी तो पकौड़े के भीतर का भरावन अच्छी तरह पकेगा। पकौड़े तैयार हो जाएं, तो उन पर चाट मसाला छिड़क कर हरी चटनी या फिर अपनी पसंद के अनुसार मीठी इमली चटनी के साथ परोसें। स्वादिष्ट, पौष्टिक मशरूम पकौड़े खाकर बरसात का मजा दोगुना हो जाएगा।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग