March 23, 2017

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रविवारी

व्यंग्य : मुलाकात एक आशु कवि से

कुछ देर पहले कवि महोदय पंतजी की प्रसिद्ध पंक्तियां गुनगुना रहे थे। यह रचना उससे उलट लग रही थी। ह्यआप बहुत अच्छी कविताएं लिख...

विलोम धर्मी

भोर की अलसाई अंगड़ाई लेते हुए राजकिशोर ने फोन उठा लिया और विभा के इशारे पर मोबाइल का स्पीकर ऑन कर दिया।

सबसे खतरनाक चिड़िया

इसके पैरों के अंगूठों में अंदर की ओर छुरे जैसा एक पंजा होता है, जिससे यह आदमी के पेट को आसानी से चीर...

गीत- बात करें, फूल खिलाना

रोचिका शर्मा के गीत

नन्ही दुनिया- जन्मदिन का तोहफा

स्कूल की घंटी बज चुकी थी। सभी बच्चे जल्दी-जल्दी घर जाने के लिए बस्ता संभाल कर गेट की ओर लपके।

समकालीन सिनेमा में स्त्री-मुक्ति

सिनेमा ‘आम’ जनता के लिए बनाया जरूर जाता है पर उसका उद्योग पूंजीवादी है जो अपने अंदर प्रवेश करने के लिए सिर्फ प्रतिभा की...

चिंता- संकट में कठपुतली कला

एक जमाना था जब प्रदेश स्तर पर लोककलाओं को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम होते थे तो यही कलाकार प्रमुखता से हिस्सा लेते थे लेकिन...

कला- एक तबला साधक

अजराड़ा घराने के उस्ताद हसमत खां का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर के तबला वादकों में लिया जाता है। उन्हें संगीत नाटक अकादेमी सम्मान और ‘सम’...

आधी आबादी-कुरीति और कुचक्र

मार्च को महिलाओं के लिए खास माना जाता है, क्योंकि इसी में ‘महिला दिवस’ पड़ता है।

कविताएं- अभी भी, खौफ

जयप्रकाश मानस की कविताएं

बीच बाजार में लेखक

जब हिंदी के सबसे बड़े प्रकाशकों ने ‘लप्रेक’, ‘आजादी मेरा ब्रांड’ और ‘गंदी बात’ जैसी किताब छाप कर इनके पक्ष में आक्रामक प्रचार अभियान...

जानकारी: बचाव भी जरूरी

यह मिलावट खाद्य पदार्थों में ही नहीं, होली के रंगों में भी मिलती है। मिठाई या नमकीन में होने वाली मिलावट रंग में...

बाल कहानी- सपना

बलू पढ़ने-लिखने में बड़ा होशियार था और हाजिरजवाब भी। लेकिन माता-पिता की इकलौती संतान होने की वजह से वह लाड़-प्यार में पला।

फिल्मों में रंग

फिल्म ‘डर’ (1993) में आनंद बख्शी के गीत और शिवहरि के संगीत निर्देशन में आया गीत ‘अंग से अंग लगाना सजन हमें ऐसे रंग...

कहीं रंग-गुलाल तो कहीं लाठियां

इस आनंद की अनुभूति के लिए सारे देश के लोग यहां बरबस खिंचे चले आते हैं। मथुरा की होली विदेशी पर्यटकों को भी...

सेहत- जलोपचार

मानव शरीर का तीन-चौथाई से भी ज्यादा भाग जल से ही बना है। रक्त, मांस, मज्जा में जो आर्द्रता या नमी का अंश है,...

होली- तेरी होली मैं मनाऊं

दिल्ली की शाहजहां के दौर की मुगलिया होली के जो चटकीले और तीखे रंग उस समय हुआ करते थे आज भी उनकी शोखी कम...

कविताएं: बसंत, प्रतीक्षा

महेश आलोक की कविताएं।

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