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‘बाखबर’ कॉलम में सुधीश पचौरी का लेख: हमले के बाद

सबसे प्रसन्न चेहरा अर्णव का दिखा। वे इस कदर मुस्कुराते रहे मानो उनकी मन की चीती हुई।
Author October 2, 2016 04:09 am
सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी देते डीजीएमओ ले. जनरल रणबीर सिंह और विदेश मंत्रालय के विकास स्वरूप। ( Photo-PTI)

ज्यों ही सैन्य कार्रवाई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल रणबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एलओसी के पास पैराट्रूपर्स के सर्जिकल आॅपरेशन की सूचना दी, त्यों ही खबरों का रंग बदल गया। प्रसारण बदल गया। एंकरों के चेहरे बदल गए।  सबसे प्रसन्न चेहरा अर्णव का दिखा। वे इस कदर मुस्कुराते रहे मानो उनकी मन की चीती हुई। उनके साथ विश्लेषणरत मारूफ रजा से लेकर सामरिक विशेषज्ञ सौरभ शुक्ला और राहत फतेह अली सबने अपनी खुशी जम कर जताई। अर्णव का चेहरा देर तक उसी तरह दमकता रहा, जिस तरह शाम को बोलने आए मंत्री रविशंकर प्रसाद या भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह का चेहरा खिला-खिला दिखा!

ऐसे में अगर लटयंस की दिल्ली क्लब कॉकटेल सर्किट को दो तमाचे न लगाए जाएं तो अर्णव को तसल्ली नहीं होती। इस बार यह तमाचा मारूफ ने लगाया और बाकी कइयों ने लगाया! इस बार लटयंस वालों को ‘पीसनिक्स’ यानी ‘शांतिवादी’ नाम से धिक्कारा गया। हर अंगरेजी चैनल पर हॉलीवुडिया फिल्म के टाइटिल ‘एंपायर स्ट्राइक्स बैक’ की तरह लिखा आता रहा: ‘इंडिया स्ट्राइक्स बैक’! हिंदी चैनलों का आनंद उनकी लाइनों से फूटा पड़ता था: ‘भारत ने बदला लिया’! ‘पाक को मुंहतोड़ उत्तर दिया’! ‘घर में घुस कर मारा’! एक से एक ताल ठोंकू लाइनें आती रहीं! यह स्वाभाविक था!  पीएम मोदी की रणनीति को सलाम! सैनिकों को सलाम!… इस तरह के पहले सलाम टाइम्स नाउ पर ही सबसे पहले आए। बाकी चैनलों पर न जाने क्यों इस मामले में कुछ कंजूसी-सी दिखी! कई एंकरों के चेहरे उतरे हुए दिखे। वे शायद समझ न सके कि सेना की कार्रवाई को किस तरह पेश करें, क्योंकि कल तक उनके चैनलों पर उल्टी लाइनें सुझाई जाती रहीं!

यह कार्रवाई, पाकिस्तान, उसके आतंकवादियों और अपने शांतिवादियों का तिहरा ‘सर्जिकल आॅपरेशन’ नजर आई!  वृहस्पति की रात को जब एक चैनल पर इस आॅपरेशन की खूबियां बताते हुए करगिल के कमांडर ललित ने इस आॅपरेशन में दिखाए गए अद्भुत रणकौशल के लिए पैराट्रूपर्स के लिए जैसे ही सैल्यूट मारा, वैसे ही जनरल मलिक ने भी सैल्यूट मारा! सब कुछ लाइव लाइव दिखा!  ब्लेम-गेम में लिप्त चैनलों के पास इस ‘जीरो कैजुअल्टी’ वाली सैन्य कार्रवाई को संभालने के लिए सटीक शब्दों का टोटा रहा! कुछ देर बाद ही देशभक्ति और सैन्य वीरता की जय-जय हो सकी!  यह वातावरण क्रमश: बना और चैनलों ने ही बनाया। विपक्ष ने बार-बार सरकार और मोदी को ताना मारा कि सरकार की पाक-पॉलिसी ‘फ्लिप फ्लाप’ रही है। एक चैनल पर मणिशंकर अय्यर सैन्य कार्रवाई को बार-बार ‘आत्मसंभ्रमात्मक’ (डिल्यूजनल) बताते रहे। विपक्षी दलों के प्रवक्ता पीएम को ताना देते रहे कि लाहौर क्यों गए? पठानकोट पर कार्रवाई क्यों नहीं की? अब तक क्या किया? टाइम्स नाउ अकेला रहा, जिसने उड़ी हमले के बाद बदला लेने की लाइन को जारी रखा और हर दिन कूटनीतिक हमले के बारे में बताता रहा! इसलिए यह टाइम्स नाउ और एंकर अर्णव का भी दिन था। अर्णव जैसे दुर्दमनीय एंकर की लाइन जीतती लगी, बाकी की लाइनें नहीं चलीं! अगर वह अपने को नंबर वन चैनल कहता है तो क्या गलत? वह पापुलर मूड के साथ अपने को अक्सर ‘सिंक’ करता है!

सरकार को पहला समर्थन नीतीश की ओर से आया। उसके बाद कांग्रेस के राजीव शुक्ला का आया कि सरकार के साथ हैं। उसके बाद सभी दलों की बैठक से निकल कर शरद यादव ने कहा, इस मामले में सारा देश सरकार के साथ है। सीताराम येचुरी ने कहा कि सेना को धन्यवाद! गुलाम नबी आजाद ने कार्रवाई को सही बताया! ओवैसी ने कहा कि वे देश के साथ हैं।  चैनलों में देशाभिमान का भाव बहने लगा। इतनी वीर-बाइटें, इतना जोशोखरोश, इतना सैन्य-गर्व और इतनी खुशी और इतनी राहत कि नापना मुश्किल! शांतिवादी अवाक रहे!पाक के रिटायर्ड जनरल तक कुछ खास न कह सके। पाकिस्तान के रक्षामंत्री द्वारा दी गई अणु हमले की गीदड़ भभकी की जम कर खिल्ली उड़ाई गई और कहा गया कि भारत ने पाक की अणु भभकी बेकार कर दी!

मोदीजी को इंदिरा गांधी की तरह ‘लौह पुरुष’ बताए गए! कोझिकोड में दिया मोदीजी का बयान साक्षात होते दिखा कि ‘शहीदों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा’! सर्जिकल आॅपरेशन का आदेश देने के बाद पीएम मोदीजी एक बार भी नहीं बोले। उनका एक्शन ही बोला! मोदी की ‘चुप्पी’ बेहद ‘पठनीय’ रही!  आॅपरेशन की तैयारी की बाइटें पूरे दिन बरसती रहीं। बैक टू बैक पांच-पांच मीटिंगें। पीएम की कैबिनेट की सुरक्षा समिति की बैठक। सभी दलों के साथ बैठक।  टाइम्स नाउ पर एक रक्षा विशेषज्ञ ने हुलस कर बताया कि ये सर्जिकल स्ट्राइक अमेरिका की लादेन को लेकर की गई कार्रवाई की तरह ही एकदम ‘दोषरहित’ थी। यह विश्व स्तर का रणकौशल था कि बिना एक खरोंच के हमारे सैनिक कार्रवाई कर सकुशल वापस आ गए!

शाम तक पाकिस्तानी प्रतिक्रिया और उसका विश्लेषण आते रहे कि नवाज शरीफ ने हमले को कंडेम किया है, जबकि पाक सेना मानती ही नहीं कि कोई सर्जिकल स्ट्राइक की गई! रक्षा विशेषज्ञ पार्थसारथी और अन्यों ने बताया कि पाकिस्तान सोचता था कि गाल बजाने के अलावा भारत कुछ नहीं कर सकता और जब भारत ने कर दिया तो वह कन्फ्यूज हो गया कि क्या कहे? इसीलिए कई लाइनें दे रहा है! इसके आगे की तैयारियों की खबरें टूटने लगीं कि पाक की संभव बदले की कार्रवाई को भांपते हुए पंजाब बार्डर के दस किलोमीटर में बसे एक हजार गांव खाली कराए जा रहे हैं और भारत के हवाई जहाज आकाशीय सीमाओं की पहरेदारी में लगे हैं। इंडियन नेवी की पश्चिमी कमान ‘हाई अलर्ट’ पर है!

कुछ पाकिस्तानी खबरें भी हर चैनल पर ब्रेक करती रहीं कि नवाज शरीफ स्थिति का जायजा लेने के लिए अपनी कैबिनेट की बैठक करने वाले हैं और कि वे अपनी संसद की आपात बैठक भी बुला सकते हैं! वे इस मामले को यूएन में भी ले जा सकते हैं।… शुक्रवार की सुबह की खबरें रहीं कि गृहमंत्री राजनाथ सर्जिकल स्ट्राइक के बाद की स्थिति की समीक्षा करने के लिए गृहमंत्रालय और रक्षाधिकारियों के साथ एक महत्त्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं और पीएम कैबिनेट की सुरक्षा समिति की बैठक लेने वाले हैं, जिसमें इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद के हालात का जायजा लिया जाएगा!

 

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First Published on October 2, 2016 4:09 am

  1. S
    sanjay
    Oct 2, 2016 at 6:46 am
    lagata he aapko khushi nahi he
    Reply
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