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बाखबर- गैस चैंबर

जगह-जगह का धुआं। तरह-तरह का धुआं। धुआं ले लो धुआं। चैनल बोली लगा कर धुएं को बेचते रहे। सबके पास अपना-अपना धुआं था! और वह धुआंधार था! रिपोर्टर होड़ लेने लगे:
Author November 12, 2017 05:50 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर।

सबसे बड़ी खबर दिल्ली के धुएं ने बनाई। सात दिन चौबीस घंटे बनाई। हर चैनल पर पूरे दिन धुआं ही बजा और धुआं ही सजा! रिपोर्टर सिर्फ धुएं को खोजते और उसे ही दिखाते कहते रहे कि देखिए कितनी कम विजीबिलिटी है कि पांच फुट आगे का नहीं दिख रहा है। क्या आप इंडिया गेट देख सकते हैं?
जगह-जगह का धुआं। तरह-तरह का धुआं। धुआं ले लो धुआं। चैनल बोली लगा कर धुएं को बेचते रहे। सबके पास अपना-अपना धुआं था! और वह धुआंधार था! रिपोर्टर होड़ लेने लगे: यह रहा इंडिया गेट वाला धुआं। ये नोएडा के एक्सपे्रस-वे का धुआं, जहां गाड़ियां एक-दूसरे में घुस गर्इं। यह रहा गुरुग्राम का धुआं। यह एयरपोर्ट वाला रहा। ये बठिंडा वाला रहा, जहां दस मरे।
यह है अक्षरधाम वाला धुआं। यह मंडी हाउस वाला रहा। यह गाजियाबाद वाला देखो, यह पंजाब वाला देखो। हम उकस कर देखने लगते, लेकिन धुंध में कुछ भी साफ न दिखता!
दिल्ली के स्कूल बंद। पंजाब के स्कूल बंद। गाजियाबाद के बंद! धुएं ने इमरजेंसी लगा दी। ये है प्रदूषण आपातकाल, ये है दूषित वायु का आपातकाल! लेकिन सबसे प्रिय शीर्षक रहा: दिल्ली एक गैस चैंबर!
धुएं की धुकधुकी में हमें बहुत कुछ मिला। अब तक हम एक ही पीएम को जानते थे, इस मुए धुएं के साथ एक और ‘पीएम’ आ बिराजे। एक चैनल पर एक धुआं विशेषज्ञ बोला कि ‘पीएम’ इतना बढ़ा है, इतना बढ़ा है, अब तो खतरे के कई गुना पार चला गया है।
एक एक्सपर्ट एक चैनल पर स्वयं धुंए से रहित होकर बैठी थी और कहती थी कि अमेरिका का डाटा है, हमारा अपना डाटा नहीं है! डाटा न होगा तो धुएं से बचेंगे कैसे?
दूसरी एक्सपर्ट एक अंग्रेजी चैनल पर मास्क लेकर आई और मास्क लगा कर दिखाई और वहीं से बेचने लगी कि सब मास्क लगा कर चलें…। कितनी बुरी बात है कि इतना कहने के बाद भी कोई मास्क नहीं पहनता!
एक डॉक्टर बोला कि न असली आंकड़ा अमेरिका में रहता है, अपना आंकड़ा भी उधर ही रहता है। फिर बोला कि आंकड़े का क्या है, सब संदिग्ध होता है। आंकड़ा संदिग्ध हो, धुआं लेकिन असंदिग्ध था।
हमारे जैसे टीवी दर्शकों को सिर्फ करीना कपूर ने उबारा। अपने बढ़िया से कमरे में बैठ कर उसने समझाया कि ये वाला एयर प्यूरीफायर खरीद लो और शुद्ध हवा में सांस लो!
देखते-देखते एयर प्यूरीफायर के दो और नए ब्रांड दर्शन देने लगे! भला हो धुएं का, जिसने मास्क को नया फैशन स्टेटमेंट बना दिया और एयर प्यूरीफायर नया क्लास स्टेटमेंट!

धुएं का आभार कि मंदी में भी तेजी का मजा पैदा कर दिया!
नोटबंदी की बरसी का दिन। सर्वत्र कलह भरी बहसें चल रही थीं कि नोटबंदी से फायदा हुआ कि नुकसान? ऐसे गाढ़े समय में नोटबंदी को उबारा सीबीआई ने!
रायन स्कूल के छात्र प्रद्युम्न के नए छात्र ‘हत्यारे’ को पकड़ कर सीबीआई ने नोटबंदी की चखचख को किनारे कर दिया। उसकी जगह नए किशोर हत्यारे के हेतुओं की व्याख्या आकर बैठ गई। हम खोजें नोटबंदी की खबर और मिले नए हत्यारे की खबर!
चैनलों को पाप प्रक्षालन का अवसर मिला। दो महीने पहले वे आरोपित अशोक ड्राइवर को दरिंदा, वहशी, हत्यारा करार दे चुके थे वही उसे हमदर्दी देने लगे और सीबीआई की मार्फत रायन स्कूल के ही ग्यारवीं में पढ़ने वाले सोलह साल के छात्र ‘हत्यारे’ की ‘खबर’ लेने लगे। यह हत्यारा किशोर सिर्फ इतना चाहता था कि हत्या करने से स्कूल के इम्तहान टल जाएंगे। कितना भोला किंतु भयावह हेतु था!
लेकिन अपनी हरियाणा पुलिस कभी गलती तो करती ही नहीं, सो जब एक चैनल की रिपोर्टर पूछने लगी कि सीबीआई ने कहा है कि अशोक अपराधी नहीं है, तो पुलिस अधिकारी बोल दिया: कोई बात नहीं! कितना मासूम वाक्य, लेकिन एक चैनल गले पड़ गया और बार-बार दिखात रहा ‘कोई बात नहीं’ ‘कोई बात नहीं’ ‘कोई बात नहंीं’!
इस हत्यारी कहानी के कारण नोटंबदी की बात पूरे दिन किनारे रही, लेकिन शाम तक कई चैनलों में कई मंत्री अपने-अपने तरीके से नोटंबदी की जय-जयकार करने आ गए।

लेकिन ‘कैशलैस’ की ओर बढ़ने के दावे की पोल खोली मिरर नाउ ने। अपनी लंबी रिपोर्ट में बताया कि कालेधन का नया अवतार है सोना! एक ज्वेलर ने एक रिपोर्टर से कहा कि न आधार चाहिए, न पैन चाहिए, सिर्फ कैश! आपको जितना लेना है ले जाओ!
एक चैनल नोटबंदी को लेकर एक सर्वे लेकर आ गया कि पैंसठ फीसद से अधिक मानते हैं कि नोटबंदी कालेधन के खिलाफ सफल कदम रही। यही नहीं, चौवालीस फीसद उसके रद्देअमल पर फिदा थे और चौरासी फीसद कह रहे हैं कि खबरदार, जो नोटबंदी को रोलबैक किया। लेकिन कुछ दिलजले विशेषज्ञ फिर भी कहते दिखते रहे कि न कालाधन खत्म हुआ, न आतंकवाद खत्म हुआ, आम आदमी परेशानी मेंं जरूर है। असंगठित क्षेत्र का बंटाढार हुआ, लोग बेरोजगार हुए।
केजरीवाल उवाचे कि दिल्ली ही नहीं, समूचा उत्तरी भारत गैस चैंबर है। दिल्ली में फिर से आॅड ईवन!

 

 

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