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सरजा सिवाजी जंग जीतन चलत है

हर बार एक नई लाइन, एक नया नारा, एक नया संकल्प। एकदम ‘हाइपर टू हाइपर’, ‘इवेंट टू इवेंट’, ‘दृश्य दर दृश्य’ बनाते हुए वे दर्शकों को चकित थकित करते रहते हैं।
Author March 19, 2017 04:47 am
अमित शाह ने सभी मंत्रियों के काम के आधार पर उनके नाम के आगे बने कॉलम में ‘पॉजिटिव’ और ‘निगेटिव’ रिमार्क्स की ग्रेडिंग दी थी।

हरेक चैनल पर हर समय तीन देव दिखाई देते रहते हैं। चाह कर भी आप उनसे पीछा नहीं छुड़ा सकते!  देवों के महादेव मोदी जी! वे लाइव आए और ‘नया इंडिया’ बेच गए। वह तभी से बिके जा रहा है। दूसरे देव अमिताभ बच्चन, जो इन दिनों कंपोस्ट खाद की मशीन और शौचालय बेचते रहते हैं और तीसरे देव हैं रामदेव जी, जो हर चैनल पर पतंजलि की दंतकांति और न जाने कौन-कौन-सी कांतियां बेचते रहते हैं!  बकिया दो से तो किसी तरह बच भी लें, लेकिन मोदी जी से कैसे बचें? सारा विपक्ष उनसे बचाने में लगा है, लेकिन जनता है कि बचना ही नहीं चाहती। उलटे उनके गले लग जाती है, जैसे यूपी में लग गई। वे विपक्ष को डराते, स्वपक्ष को अभिभूत करते और निंदकों को पराभूत करते हैं। यह उनकी अहर्निश दबंग उपस्थित है, जो दंग करती रहती है। वे अजेय हैं। अपराजेय हैं। दुर्धर और दुर्जेय हैं। वे कभी चक्रवर्ती सम्राट की तरह दिखते हैं, कभी ‘सरजा सिवाजी जंग जीतन चलत है’ की तरह दिखते हैं!

ज्यों-ज्यों चैनलों में आलोचक, आलोचना करत भए त्यों-त्यों वे ‘आयरन मैन-टू’ की भांति उभरत भए! यूपी को जीतने के बाद चक्रवर्ती मोदी जी पार्टी मुख्यालय तक कार्यकर्ताओं को स्पेशल दर्शन देने आए, तो सब मोदी-मोदी-मोदी मंत्र का जाप करने लगे। मुख्यालय में देवगण उनके सुस्वागत में गुलाब की पंखुड़ियों की घनीभूत बरसात करते दिख रहे थे! हर बार एक नई लाइन, एक नया नारा, एक नया संकल्प। एकदम ‘हाइपर टू हाइपर’, ‘इवेंट टू इवेंट’, ‘दृश्य दर दृश्य’ बनाते हुए वे दर्शकों को चकित थकित करते रहते हैं। इस बार उन्होंने ‘न्यू इंडिया’ का आइडिया फेंक दिया। दो हजार बाईस की बात करने लगे और देखते-देखते दो हजार उन्नीस उनकी जेब में आ गिरा।
सरजा सिवाजी जंग जीतन चलत है! चैनलों से सब कुछ लाइव लाइव आता है और एक-एक की आलोचना को लुढ़काता जाता है। वे आलोचना से परे हैं। आप उन्हें छू नहीं सकते! वे ‘तू डाल डाल मैं पात पात’ हैं। अब डाल भी उनकी, पात भी उनके। विपक्ष के पास बची जनता की लात! सरजी! सरजा सिवाजी जंग जीतन चलत है!

गोवा, मणिपुर की थाली भाजपा कांग्रेस के ऐन हाथों से ले उड़ी। अब रोते रहो बेटा जी कि हमारी सरकार चोरी कर ली! राहुल जी, ये तो ‘माखन चोर लीला’ की तरह ‘सरकार चोर लीला’ है! आपकी पार्टी में तो शासनेच्छा ही नहीं दिखती! यूपी में मोदी जी की जीत से न सिर्फ कांग्रेस हारी, बल्कि कई पत्रकार भी हारते दिखे। साथी! इतना न कमिटियाया करो कि जमीन की आवाज भी न सुन सको! एनडीटीवी पर दिग्विजय जी मोदी जी के ‘कब्रिस्तान-श्मशान’ के कथन को ज्यों ही याद किए, त्यों ही तुरत प्रणय राय एंकर को आंखों ही आखों में इशारा किए और ‘कब्रिस्तान श्मशान’ चर्चा आउट! मजा यह कि इस संकेत को कैमरा दिखाता भी रहा! ये रही आपकी ‘आजादी’! चुनाव परिणामों की दोपहर तक माया, अखिलेश, कांग्रेस धनुषयज्ञ में उन राजाओं की तरह शोभित हुए, जिनके बारे में तुलसीदास ने लिखा: ‘श्रीहत भए हारि हिय राजा/ बैठे निजि निज जाइ समाजा!’ इसके बाद खिसयानी बिल्लियां ईवीएम नोचने लगीं! पर्रीकर ने बहुमत साबित करके दिल को समझाया: मुझको तो पंजिम पसंद है!

मुझको फिश करी पसंद है! दिल के समझाने को गालिब ये खयाल अच्छा है! केशव प्रसाद मौर्य जी को मुख्यालय के मोदक हजम न हुए! अमित शाह जी ने यह कह मौर्य जी के ‘मोह’ को नष्ट किया कि यूपी का सीएम आपको ही चुनना है, क्योंकि: ‘होइय वही जो मोदी रचि राखा/ को करि तर्क बढ़ावहिं शाखा?’ पंजाब की कप्तानी कप्तान जी के नाम गई और सिद्ध्ू जी एक लाफ्टर शो भी न दे सके। जब मीडिया की ‘किचि पिचि’ करने पर बरसे, तो एक अंग्रेजी चैनल पीछे पड़ गया कि क्या मंत्री होने पर ‘कॉमेडी नाइट्स’ करेंगे? कैसे जलोकड़े हैं ये एंकर! किसी को हंसते-हंसाते नहीं देख सकते! कांग्रेस की धुलाई और सुलाई से आकुल संदीप दीक्षित, सत्यव्रत, सुप्रिया आदि लाख गोले चलाएं और शोकगीत गाएं: ‘आवहु सब मिलि रोवहु कांग्रेस भाई/ हा हा कांग्रेस दुर्दशा न देखी जाई!!’ लेकिन राहुल जी शोले के असरानी की तरह जताते रहेंगे: ‘हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं, हम नहीं सुधरेंगे’। ये ठोंकते रह गए और भैया फॉरेन निकल लिए!

ससंदीय बैठक में मोदी जी ने सबको कस दिया कि: ‘न खाली बैठूंगा न बैठने दूंगा’!यह है चक्रवर्ती सम्राट का ‘एक चालकानुवर्तते’! मोदी जी की लीला से पराभूत होने के बाद कई अंग्रेजी चैनलों के एंकर मोदी जी को ‘डिकोड’ करने बैठे दिखे: एक लाइन देता: ‘डिकोडिंग मोदी’! दूसरा लिखता: ‘डिकोडिंग नमो साउथ पुश!’ अरे साथी! मोदी कृत ‘हाइपर रीयल’ छाप ‘उत्तर सत्य’ के चक्कर में ज्यादा न पड़ना, वरना तुम भी कांग्रेस की तरह पुराना ‘कोड’ ढूंढ़ते रह जाओगे और मोदी जी तब तक नया ‘कोड’ मार देंगे! जरा हट के जरा बचके ये है मोदी मेरी जान!
चिदंबरम ‘डिकोड’ किए: ‘मोदी आज के सबसे बड़े ‘डॉमिनेंट’ नेता हैं’। भाजपा प्रवक्ता कहे: वे जनता के सेवक हैं! एक शिकायत करत भए: वे कांग्रेस के ‘गरीबी हटाओ’ को हड़प लिए हैं। जवाब आया: वे गरीबों के मसीहा हैं! अब वे आंबेडकर पर सिक्का/ नोट जारी करने वाले हैं! इसे देख आप रोते रहें, लेकिन ये बताएं साथी कि तुमको क्या किसी ने मना किया था कि आंबेडकर पर न निकालो! मोदी जी का अश्वमेध है। वे तुम्हारे सारे घोड़े हांक ले गए हैं। कल्लो, क्या कल्लोगे!

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