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बाखबर- ताज पर बेताज

इस सप्ताह एक भाजपा नेता जी ने ताजमहल को ही ठोंक दिया। बुलडोजर छाप खबर टॉप पर मिल रही है।
Author October 22, 2017 03:42 am
भाजपा विधायक संगीत सोम। (फाइल फोटो)

इस सप्ताह एक भाजपा नेता जी ने ताजमहल को ही ठोंक दिया।  बुलडोजर छाप खबर टॉप पर मिल रही है। ताज को ठोंकने वाले नेता जी के पास पहुंचा एक रिपोर्टर : सर जी आप ताज को क्यों ध्वस्त करना चाहते हैं? नेता जी : ताज एक बदनुमा धब्बा है। दूसरा चैनल सीधे ओवैसी की ओर लपका, मानो ताज की हिफाजत उन्हीं के जिम्मे हो : ‘ओवैसी जी! ताज को बदनुमा धब्बा कहा जा रहा है। आपका क्या कहना है?’ ओवैसी : मोदी लाल किले से झंडा क्यों फहराते हैं? हैदराबाद हाउस किस ट्रेटर ने बनवाया?’ आजम खान ने इसी बीच ऐंट्री मारी : राष्ट्रपति भवन को तोड़ो, संसद भवन भी गुलामी की निशानी है, उसे भी ध्वस्त करो! दो दिन तक ताजमहल, राष्ट्रपति भवन, संसद भवन सब ध्वस्त होते रहे! दो दिन तक सांप्रदायिकतावादी विभाजनकारी विमर्श प्रसारित होता रहा! जब चैनल खुद विभाजनकारी लाइन को बेचने लगें तो किसी और को क्या करना?
कट टू गुजरात। मोदी जी गुजरात में। बड़ी रैली गुजरात में। अमित शाह ‘मैन आॅफ द मैच…।’ ‘दो हजार उन्नीस मोदी को दे दो। दो हजार चौबीस की सोचो!’ लीजिए, उन्नीस तो यों ही झटक लिया!
कट टू अयोध्या: आओ फिर से दीए जलाएं। दो लाख दीए जलाएं। दिवाली अयोध्या में मनाएं। सरयू तट पर रामलला की दो सौ करोड़ रुपए की मूर्ति लगाएं।
तभी एक कट््टीखाने को चेक करने गए गोसेवकों को पीट दिया गया। देशभक्त अंग्रेजी एंकर से न रहा गया : आप पहलू खान के लिए ‘स्टैंड अप’ होते हो। इस गोसेवक के लिए ‘स्टैंड अप’ क्यों नहीं होते हो?
पत्रकार बोलीं : इनके लिए तुम ही खड़े हो जाओ एंकर जी!
हाय! ऐसी कलहप्रिय दिवाली कभी न देखी। पटाखे पटाखे, प्रदूषण प्रदूषण! खोया खोया चांद यानी धुंधला आसमान! इतना पॉल्यूशन, लेकिन नो सॉल्यूशन! लेकिन हाय, देखो देखो पटाखे बिक रहे हैं। हां बिक रहे हैं, वहां बिक रहे हैं। कहां हैं रोकने वाले?
एनडीटीवी खुश कि ‘म्यूटेड रही दिवाली’ यानी ठंडी रही दिवाली!
पॉल्यूशन कुछ कम, लेकिन नो सॉल्यूशन। वियोन चैनल ने लिखा : दिवाली कम उल्लेखनीय रही। मिरर नाउ बोला, दिवाली इस बार कुछ अलग तरीके से मनी। न्यूज एक्स कहने लगा : बेहतर रही, लेकिन हवा अब भी खराब है!

चैनलों के लिए दिल्ली ही देश है। बहुत हुआ तो कोलकाता, चेन्नई, बंगलुरू हो गया, वरना दिल्ली से बाहर देश कहां है! पॉल्यूशन तो कहीं है ही नहीं!
एक अंग्रेजी चैनल की एंकर बताती रही : पॉल्यूशन से हर मिनट में पांच भारतीय मरते हैं। ‘राइट टू ब्रीथ’ चाहिए। सांस लेने का अधिकार चाहिए। डॉक्टर बोला : दिल्ली का हर आदमी पचास सिगरेट बिना पिए, पी जाता है और फेफड़े बर्बाद हो जाते हैं। ये देखो काले-काले फेफड़े!
लेकिन पॉलूशन का सॉल्यूशन तो था। और वह था करीना कपूर के पास। एक विज्ञापन में वे बोलती रहती हैं कि अच्छी तरह रहना है तो एयर प्यूरीफायर ‘हनीवेल’ लाओ ‘वेल वेल’ हवा पाओ! हवा पाओ! गंदी हवा कहां जाती है, ये मत बताओ!
मगर मोदी जी न चैन से बैठते हैं न बैठने देते हैं। दिवाली के अगले रोज मोदी जी केदारनाथ धाम में। क्या करें, बाबा बुलाते जो रहते हैं!
एक चैनल ने लाइन लगाई : मोदी जी बड़ी रैली को संबोधित करने वाले हैं। जब संबोधित करने लगे तो लाइन बदल दी कि वे भाजपा काडर को संबोधित कर रहे हैं! बिना कनफर्म किए लाइन क्यों लगा देते हो जी?
अंत में सबसे बड़ी खबर बनाई राजस्थान सरकार ने। एनडीटीवी की रिपोर्टर ने रिपोर्ट किया कि सोमवार को सरकार विधानसभा में इस आशय का अध्यादेश लाने जा रही है, जिसके अनुसार किसी भी सरकारी अधिकारी और मंत्री, एमएलए आदि के खिलाफ कोई एफआइआर दर्ज नहीं करा सकेगा। इसके लिए पहले सरकार से परमीशन लेनी होगी। रिपोर्टर रिपोर्ट नहीं कर सकेंगे, अगर करेंगे तो दो साल के लिए अंदर!
इस सप्ताह नया हैशटेग नसीब हुआ ‘मी टू मी टू’! पहले हॉलीवुड में हिट हुआ फिर बॉलीवुड में हिट हुआ! हॉलीवुड का कैसानोवा हार्वे वाइंस्टीन कास्टिंग काउच। काउच काउच कर कर के न जाने कब से, किस किस से ‘मी टू मी टू’ कराता रहा। एक से एक नामी हीराइनें उसके साथ ‘मी टू मी टू’ करती रहीं। जब नाम कमा लिए, आस्कर मार लिए तब बोलीं कि ये वाइंस्टीन कास्टिंग काउच सेक्सिस्ट लुच्चा मेरे संग भी ‘मी टू मी टू’ करने लगा। मैंने कहा ‘मी टू’ के बच्चे तेरा मीट कुत्तों को खिला दूंगी। मेरा भी नाम है ‘मी टू मी टू’, मैं भी ‘मी टू मी टू’!

चैनल उत्तेजित हो लाइन लगाते रहे : पांच लाख मी टू मी टू हैं।
एंजलीना जॉली और न जाने कौन-कौन हॉलीवुड हीरोइनें सबके संग उसने किया ‘मी टू मी टू’।
हॉलीवुड बोलता, बॉलीवुड चुप कैसे रहता? सो, इधर भी होने लगा ‘मी टू मी टू’। ऐश्वर्या बोलीं कि मुआ मुझसे अकेले में ‘मी टू’ करने को कह रहा था। मैंने तो तुरंत ही शट अप कर दिया। प्रियंका चोपड़ा बोेलीं कि वांइस्टीन कहां नहीं? उधर हैं तो इधर भी हैं। चैनल बोले : अरे किसी का नाम तो लेती? इधर कौन है, असली मी टू मी टू कराने वाला?
उधर वाइंस्टीन निकाल दिया गया। इधर वालों को कौन निकाले?

 

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