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Patel Ki Punjabi Shaadi Movie Review: पंजाबी ऋषि और गुजराती परेश के बीच में क्या हो पाएगी सुलह

Patel Ki Punjabi Shaadi Movie Review: कॉमेडी फिल्म 'पटेल की पंजाबी शादी' का ताना-बाना पंजाबी परिवार और गुजराती परिवार के बीच अपने बच्चों की शादी में खट्टी मीठी नोक झोंक को लेकर बुना गया है।
Patel Ki Punjabi Shaadi Movie Review: फिल्म में ऋषि और परेश दोनों के सिर पर अपने पंजाबी और गुजराती होने का गुरूर सवार है।

Patel Ki Punjabi Shaadi Movie Review: ऋषि कपूर और परेश रावल स्टारर फिल्म ‘पटेल की पंजाबी शादी’ इस शुक्रवार यानी 15 सितंबर 2017 को रिलीज हो गई है। कॉमेडी फिल्म ‘पटेल की पंजाबी शादी’ का ताना-बाना पंजाबी परिवार और गुजराती परिवार के बीच अपने बच्चों की शादी में खट्टी मीठी नोक झोंक को लेकर बुना गया है। संजय छैल के डायरेक्शन में बनी फिल्म में ऋषि कपूर पंजाबी परिवार के मुखिया हैं वहीं परेश रावल गुजराती फैमिली के बड़े सदस्य हैं। कहानी में ऋषि कपूर के बेटे वीरदास बने हैं वहीं वीरदास के अपोजिट पायल घोष उनकी प्रेमिका की भूमिका निभा रही हैं, जो गुजराती फैमिली से बिलॉन्ग करती हैं। फिल्म में ऋषि और परेश दोनों के सिर पर अपने पंजाबी और गुजराती होने का गुरूर सवार है।

इस बीच दोनों परिवार के बच्चे आपस में मिलते हैं और प्यार हो जाता है। बात घर वालों तर पहुंची हैं, जैसे-तैसे परेश पंजाबी फैमिली और ऋषि गुजराती फैमिली के लिए मान जाते हैं। अब शादी होने में कई तरह के ट्विस्ट और टकराव आते हैं। परेश बात-बात पर अपने गुजारत को पंजाबीज के आगे ला खड़ा कर देते हैं, तो कभी ऋषि गुजरातियों के आगे पंजाबी रुतबे का गाना गाना शुरू कर देते हैं। फिल्म में ऋषि को मॉर्डन किस्म का दिखाया गया है जो एफ टीवी देखना पसंद करते हैं वहीं परेश दूसरों को भी आस्था चैनल देखने की सलाह देते हैं।

वहीं दुल्हन की पंजाबी सास भी काफी खुली हुई हैं और गुजराती परिवार के आगे भी खुल कर ‘पंजाबी टाइप’ की गालियां देती हैं। वहीं वीर और उसकी फैमिली परेश को खुश करने के लिए उनके रंग में रंगने की कोशिश करते हैं। लेकिन अपनी चिड़ में गुजराती परिवार के मुखिया उन्हें खूब खरी खोटी सुना देते हैं। ‘खादी पहनने से कोई गांधी नहीं बनता और भेस बदलने से कोई गुजराती नहीं बनता।’ इस दौरान आखिरकार ऋषि कपूर परेश से पूछ ही लेते हैं, ‘क्या प्रॉब्लम है तुझे हम पंजाबियों से’। अब सवाल यही है कि इस सारे फेर में, एक दूसरे से नफरत करने वालों के बीच में क्या ये दो दिल जुड़ पाएंगे। क्या गुजराती और पंजाब का मिलन हो पाएगा।

फिल्म में संगीत ललित पंडित का है। हमेशा की तरह परेश अपनी कॉमेडी से सबको हंसाने में कामयाब रहे हैं। वहीं ऋषि कपूर भी अपनी अदायगी का लोहा मनवा रहे हैं। वीरदास की कॉमेडी भी मजेदार है वहीं पायल भी फिल्म में अच्छी लग रही हैं।

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