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वैवाहिक जीवन में रहते हैं परेशान तो वृषभ राशि वाले पहने ये रत्न

इस राशि के लोग अपने कार्य को लेकर पूरी तरह से समर्पित होते हैं। ये योजना के बाद ही काम करना पसंद करते हैं। ये लोग कलाप्रेमी होते हैं, इन्हें नाच-गाने आदि का शौक होता है।
वृषभ राशि के लोग क्रोधी और घमण्डी माने जाते हैं।

ज्योतिष विद्या के अनुसार हर ग्रह को एक विशेष रत्न प्रदर्शित करता है। अपनी राशि के अनुसार रत्न पहनने से कुंडली में अशुभ ग्रहों के प्रभाव में कमी आ जाती है। यदि आपकी कुंडली पर शनि देव का प्रकोप है और किसी भी तरह से आपका कोई काम नहीं बन पा रहा है तो आपकी कुंडली की सभी दशाओं को देखने के बाद नीलम रत्न पहनना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आज हम विशेषकर वृषभ राशि के लिए क्या शुभ रत्न हो सकता है उसपर बात करने वाले हैं। उन्हें किसी भी तरह का रत्न धारण करने से पहले कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। वृषभ का स्थान जीभ में होता है। इस राशि के स्वामी ग्रह शुक्र माने गए हैं। इस ग्रह को शास्त्रों में असुरों का गृह माना गया है। इस राशि वालों की अधिपति देवता लक्ष्मी है। इस राशि वालों का शुभ दिन बुधवार और शनिवार हैं। वृषभ राशि के लोग क्रोधी और घमण्डी माने जाते हैं।

इस राशि के लोग अपने कार्य को लेकर पूरी तरह से समर्पित होते हैं। ये योजना के बाद ही काम करना पसंद करते हैं। ये लोग कलाप्रेमी होते हैं, इन्हें नाच-गाने आदि का शौक होता है। इस राशि के लोग थोड़े कंजूस किस्म के माने जाते हैं। इसके साथ ही अपने घमण्ड के कारण पार्टनर के साथ इनकी खटपट रहती है। सिंह, कर्क, वृश्चिक राशि वालों के साथ विवाह संबंध रखना इनके लिए कलहकारी हो सकता है। लेकिन मिथुन, मकर, कुंभ राशि वालों के साथ इनका जीवन मधुर रहता है तो शादी जैसे बंधन में जाने से पहले इस राशि के लोगों को थोड़ा सर्तक रहना चाहिए।

राशि रत्न पहनने के पीछे एक ज्योतिषों द्वारा बताए गई बाते हैं कि राशि और रत्नों में सौर मण्डलीय ग्रह किरणों को धारण करने की अद्भुत शक्ति रहती है। अगर सभी गुणों को सम्मलित किरणों के वातावरण में उत्पन्न राशि रत्न पहना जाए तो वो शुभ परिणाम देता है। इसके साथ ही वृषभ राशि वाले लोगों के लिए शुभ रंग नीला और सफेद होता है। इस राशि वाले लोगों के लिए हीरा, मोती और सफेद हकीक शुभ रत्न माने जाते हैं। इन रत्नों को धारण करने के लिए अनामिका और कनिष्ठिका उंगली अधिक लाभप्रद होती हैं।

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